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जिला कृषि विज्ञान केंद्र बनने की उम्मीदें परवान चढ़ीं
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Fri, 14 Apr 2017 01:05 AM IST
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Agriculture
- फोटो : DEMO PHOTO
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जिला कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना की प्रक्रिया एक बार फिर से शुरू हो गई हैं। इस बार शासन ने तत्काल प्रस्ताव मांगा है। प्रशासन द्वारा इसकी स्थापना को जमीन तलाशी जा रही है। वर्षों से खाली पड़ी उद्यान विभाग की जमीन देखी जा रही है। जिला कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना होने से किसानों को समय से खेती किसानी की जानकारी मिल सकेगी।
जिला कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना को 12 हेक्टेयर भूमि चाहिए। शासन ने तत्काल इसकी स्थापना को प्रशासन से प्रस्ताव मांगा है। इसकी स्थापना को भूमि की तलाश की जा रही है। एक स्थान पर 12 हेक्टेयर भूमि मिलना भी आसान नहीं है। प्रशासन ने उद्यान विभाग की खाली पड़ी जमीन के संबंध में विभागीय अफसरों से रिपोर्ट मांगी है।
बताया कि हसनपुर और गंगेश्वरी में उद्यान विभाग के राजकीय मसाला परिक्षेत्र में काफी जमीन वर्षों से खाली पड़ी हुई है। इस जमीन के संबंध में विभागीय अफसरों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी जिला कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना को जमीन की तलाश जारी है।
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इस केंद्र की स्थापना होने से किसानों को समय पर खेती किसानी के संबंध में जानकारी मिल सकेगी। साथ ही खेती की नई-नई पद्घति के बारे में किसानों को जानकारी मिल सकेगी।
साथ ही किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जाता है। केंद्र के फार्म पर फसलों का बीज भी तैयार करने को फसले उगाई जाती हैं।
पूर्व में रिजेक्ट हो चुका है प्रस्ताव
बता दें कि पूर्व में धनौरा तहसील क्षेत्र के गांव चुचैला कला में जमीन का चयन कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। लेकिन मानकों पर प्रस्ताव खरा नहीं उतरा, इसी लिए शासन द्वारा प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया गया था। तभी से यह प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है।
अपर जिलाधिकारी महमूद आलम अंसारी ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना के संबंध में शासन के निर्देश प्राप्त हुए हैं। प्रस्ताव मांगा गया है। इसकी स्थापना के लिए जमीन का चयन किया जा रहा है। जमीन मिलने पर ही प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। उद्यान विभाग के अफसरों से जमीन उपलब्ध कराने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं।
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जिला कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना को 12 हेक्टेयर भूमि चाहिए। शासन ने तत्काल इसकी स्थापना को प्रशासन से प्रस्ताव मांगा है। इसकी स्थापना को भूमि की तलाश की जा रही है। एक स्थान पर 12 हेक्टेयर भूमि मिलना भी आसान नहीं है। प्रशासन ने उद्यान विभाग की खाली पड़ी जमीन के संबंध में विभागीय अफसरों से रिपोर्ट मांगी है।
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बताया कि हसनपुर और गंगेश्वरी में उद्यान विभाग के राजकीय मसाला परिक्षेत्र में काफी जमीन वर्षों से खाली पड़ी हुई है। इस जमीन के संबंध में विभागीय अफसरों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी जिला कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना को जमीन की तलाश जारी है।
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इस केंद्र की स्थापना होने से किसानों को समय पर खेती किसानी के संबंध में जानकारी मिल सकेगी। साथ ही खेती की नई-नई पद्घति के बारे में किसानों को जानकारी मिल सकेगी।
साथ ही किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जाता है। केंद्र के फार्म पर फसलों का बीज भी तैयार करने को फसले उगाई जाती हैं।
पूर्व में रिजेक्ट हो चुका है प्रस्ताव
बता दें कि पूर्व में धनौरा तहसील क्षेत्र के गांव चुचैला कला में जमीन का चयन कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। लेकिन मानकों पर प्रस्ताव खरा नहीं उतरा, इसी लिए शासन द्वारा प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया गया था। तभी से यह प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है।
अपर जिलाधिकारी महमूद आलम अंसारी ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना के संबंध में शासन के निर्देश प्राप्त हुए हैं। प्रस्ताव मांगा गया है। इसकी स्थापना के लिए जमीन का चयन किया जा रहा है। जमीन मिलने पर ही प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। उद्यान विभाग के अफसरों से जमीन उपलब्ध कराने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं।