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हाईवे पर रोडवेज बसों में भिड़ंत-तीस यात्री घायल
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गजरौला (अमरोहा)। नेशनल हाईवे पर बंद पड़ा बगद नदी का पुल हादसों का सबब बना हुआ है। उत्तराखंड परिवहन निगम की दो बसों की भिड़ंत में चालक समेत 30 यात्री घायल हो गए। सभी को मामूली चोटें आईं थीं। हादसे के बाद हाईवे पर भीषण लग गया। मुरादाबाद से दिल्ली जाने वाली दिशा में लगभग एक घंटे तक छोटे-बड़े वाहन फंसे रहे। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को वहां से हटाकर यातायात सुचारु कराया।
बुधवार की अपराह्न लगभग पौने दो बजे यह हादसा हाईवे पर बंद पड़े बगद नदी के पुल पास हुआ। रामनगर से गुरुग्राम जा रही उत्तराखंड परिवहन निगम की रामनगर डिपो की बस में सामने से आ रही रामनगर डिपो की ही दूसरी बस ने टक्कर मार दी। हादसा पुल के पास तोड़े गए डिवाइडर पर हुआ। दिल्ली की दिशा से आ रही उत्तराखंड परिवहन निगम की बस का चालक हड़बड़ाहट में समझ ही नहीं पाया कि बस सीधे ले जाए या टूटे डिवाइडर पर बने कट पर मोड़े। इसी ऊहापोह में उसने सामने से आ रही बस में टक्कर मार दी। हादसे में गुरुग्राम जा रही बस के चालक अरविंद, परिचालक मुनाजिर निवासी काशीपुर के साथ ही बस में बैठे छोटे निवासी करमल्लीपुर, सुरेश निवासी दिल्ली, सुरेश रावत निवासी अल्मोड़ा, कुंदन सिंह निवासी रानीखेत अल्मोड़ा, जयंती देवी, अनीता रावत, हरि सिंह बिष्ट निवासी रामनगर, विमला कड़ाकोटी, मोहन सिंह बिष्ट निवासी नैनीताल, सुमित कुमार निवासी गांव कवाड़ा ब्लाक नैनीडांडा, रतन सिंह बिष्ट, संतोष जखमोला, आनंदी रावत, नयना जोशी निवासी द्वाराहाट, चंदन रौतला, रतना डंडरियाल, चंपा जखमोला, सुधा नेगी निवासी रामनगर आदि सहित 30 यात्रियों को चोटें आईं। इनमें तीन यात्रियों के मुंह से अधिक खून बहने के कारण उन्होंने पास ही स्थित एक हास्पीटल में मरहम पट्टी कराई। बाद में परिचालक मुनाजिर ने दूसरी बसों को रुकवाकर यात्रियों को उनमें बैठाकर रवाना किया। वहीं हादसे के बाद हाईवे पर भीषण जाम लग गया। मुरादाबाद की दिशा से आने वाले वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को बीच सड़क से हटवाकर यातायात सुचारु कराया।
छठे दिन भी पुल की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं
गजरौला। दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर स्थित बगद नदी के पुल को लेकर अमर उजाला ने ध्यान आकृष्ट कराने पर छह दिन पूर्व यातायात के लिए बंद किया था। खास बात यह है कि अभी तक यहां निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया है। इस कारण यहां ट्रैफिक वन-वे होकर गुजर रहा है। हालांकि 26 जनवरी की सुबह यहां दो वाहनों की भिड़ंत के बाद कई किलोमीटर लंबा जाम लगने के बाद एनएचएआई की टीम ने पुल के पास बना डिवाइडर तोड़ दिया था। इसके बावजूद यहां रोजाना ही हादसे हो रहे हैं। 27 जनवरी की सुबह बरात की बस और सामने से आ रही महेंद्रा पिकअप में भीषण भिड़ंत हो गई थी। इस हादसे में दोनों वाहनों के चालकों की मौत हो गई थी।
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बुधवार की अपराह्न लगभग पौने दो बजे यह हादसा हाईवे पर बंद पड़े बगद नदी के पुल पास हुआ। रामनगर से गुरुग्राम जा रही उत्तराखंड परिवहन निगम की रामनगर डिपो की बस में सामने से आ रही रामनगर डिपो की ही दूसरी बस ने टक्कर मार दी। हादसा पुल के पास तोड़े गए डिवाइडर पर हुआ। दिल्ली की दिशा से आ रही उत्तराखंड परिवहन निगम की बस का चालक हड़बड़ाहट में समझ ही नहीं पाया कि बस सीधे ले जाए या टूटे डिवाइडर पर बने कट पर मोड़े। इसी ऊहापोह में उसने सामने से आ रही बस में टक्कर मार दी। हादसे में गुरुग्राम जा रही बस के चालक अरविंद, परिचालक मुनाजिर निवासी काशीपुर के साथ ही बस में बैठे छोटे निवासी करमल्लीपुर, सुरेश निवासी दिल्ली, सुरेश रावत निवासी अल्मोड़ा, कुंदन सिंह निवासी रानीखेत अल्मोड़ा, जयंती देवी, अनीता रावत, हरि सिंह बिष्ट निवासी रामनगर, विमला कड़ाकोटी, मोहन सिंह बिष्ट निवासी नैनीताल, सुमित कुमार निवासी गांव कवाड़ा ब्लाक नैनीडांडा, रतन सिंह बिष्ट, संतोष जखमोला, आनंदी रावत, नयना जोशी निवासी द्वाराहाट, चंदन रौतला, रतना डंडरियाल, चंपा जखमोला, सुधा नेगी निवासी रामनगर आदि सहित 30 यात्रियों को चोटें आईं। इनमें तीन यात्रियों के मुंह से अधिक खून बहने के कारण उन्होंने पास ही स्थित एक हास्पीटल में मरहम पट्टी कराई। बाद में परिचालक मुनाजिर ने दूसरी बसों को रुकवाकर यात्रियों को उनमें बैठाकर रवाना किया। वहीं हादसे के बाद हाईवे पर भीषण जाम लग गया। मुरादाबाद की दिशा से आने वाले वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को बीच सड़क से हटवाकर यातायात सुचारु कराया।
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छठे दिन भी पुल की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं
गजरौला। दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर स्थित बगद नदी के पुल को लेकर अमर उजाला ने ध्यान आकृष्ट कराने पर छह दिन पूर्व यातायात के लिए बंद किया था। खास बात यह है कि अभी तक यहां निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया है। इस कारण यहां ट्रैफिक वन-वे होकर गुजर रहा है। हालांकि 26 जनवरी की सुबह यहां दो वाहनों की भिड़ंत के बाद कई किलोमीटर लंबा जाम लगने के बाद एनएचएआई की टीम ने पुल के पास बना डिवाइडर तोड़ दिया था। इसके बावजूद यहां रोजाना ही हादसे हो रहे हैं। 27 जनवरी की सुबह बरात की बस और सामने से आ रही महेंद्रा पिकअप में भीषण भिड़ंत हो गई थी। इस हादसे में दोनों वाहनों के चालकों की मौत हो गई थी।
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