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टैम्प्रेचर पता न आक्सीजन लेवल...2.14 लाख लोगों का सर्वे
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अमरोहा। कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत जिले में चल रहे डोर टू डोर सर्वे में लापरवाही बरती जा रही है। पांच जुलाई से सर्वे कर रही टीमों को अभी तक थर्मल स्कैनर और आक्सीजन मीटर नहीं मिल पाया है। जबकि सर्वे खत्म होने में तीन दिन बाकी है। वहीं बिना टेम्प्रेचर और आक्सीजन लेवल जांचे टीम ने 40,862 घरों में 2,14,619 सर्वे भी कर लिया। ऐसे में इस सर्वे का क्या फायदा है।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत जिले में पांच जुलाई से डोर टू डोर सर्वे चल रहा है। इसके लिए जिले में 702 टीमें लगाई गई हैं। इसका मकसद कोरोना संक्रमण काल में लोगों को संचारी रोगों से बचाना है। साथ ही कोरोना आशंकित मरीजों को चिह्नित करना है। हर सर्वे टीम को थर्मल स्कैनर और आक्सीजन मीटर दिया जाना था। ग्रामीण क्षेत्रा में थर्मल स्कैनर और आक्सीजन मीटर मुहैया कराने की जिम्मेदारी पंचायतीराज और शहरी क्षेत्र में नगर निकायों को सौंपी गई है। लेकिन जिम्मेदारों ने टीम को थर्मल स्कैनर और आक्सीजन मीटर मुहैया कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। सात दिनों के सर्वे के बाद भी टीमों को न तो थर्मल स्कैनर मिल सका और न ही आक्सीजन मीटर। इसके चलते लोगों की न तो तापमान की जांच हो पाई और न ही आक्सीजन लेवल की। वहीं 11 जुलाई तक टीमों ने 40,862 घरों के सर्वे भी कर लिया है। साथ ही इन घरों में 2,14,619 लोगों का स्वास्थ्य सर्वे किया गया है। ऐसे में कोरोना की लड़ाई में ये लापरवाही संक्रमण के फैलाव का कारण भी बन सकती है।
आक्सीजन लेवल 94 से कम होने पर सैंपल
अमरोहा। सर्वे का मकसद संचारी रोग के साथ-साथ थर्मल स्कैनर और आक्सीजन मीटर के जरिए कोरोना के आशंकित मरीजों को भी ढूंढना था। थर्मल स्कैैनर से शरीर के तापमान और आक्सीजन मीटर से आक्सीजन लेवल का पता लगाया जा सकता है। आक्सीजन लेवल 94 से कम होने पर मरीज का सैंपल कराया जाना है।
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395 लोगों में मिले कोरोना जैसे लक्षण
अमरोहा। सर्वे के दौरान टीम ने लोगों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। टीम को 395 लोगों में कोरोना के लक्षण मिले। इन लोगों को सांस लेने में परेशानी, बुखार, गले में दर्द आदि की शिकायत मिली। इनमें से 200 लोगों का सैंपल कराया गया है।
- कुछ ग्राम पंचायतों ने थर्मल स्कैनर और आक्सीजन मीटर की खरीदारी कर ली है। खरीदारी नहीं करने वाले ग्राम पंचायतों को खरीदारी के निर्देश दिए गए हैं। - वाचस्पति झा, डीपीआरओ
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संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत जिले में पांच जुलाई से डोर टू डोर सर्वे चल रहा है। इसके लिए जिले में 702 टीमें लगाई गई हैं। इसका मकसद कोरोना संक्रमण काल में लोगों को संचारी रोगों से बचाना है। साथ ही कोरोना आशंकित मरीजों को चिह्नित करना है। हर सर्वे टीम को थर्मल स्कैनर और आक्सीजन मीटर दिया जाना था। ग्रामीण क्षेत्रा में थर्मल स्कैनर और आक्सीजन मीटर मुहैया कराने की जिम्मेदारी पंचायतीराज और शहरी क्षेत्र में नगर निकायों को सौंपी गई है। लेकिन जिम्मेदारों ने टीम को थर्मल स्कैनर और आक्सीजन मीटर मुहैया कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। सात दिनों के सर्वे के बाद भी टीमों को न तो थर्मल स्कैनर मिल सका और न ही आक्सीजन मीटर। इसके चलते लोगों की न तो तापमान की जांच हो पाई और न ही आक्सीजन लेवल की। वहीं 11 जुलाई तक टीमों ने 40,862 घरों के सर्वे भी कर लिया है। साथ ही इन घरों में 2,14,619 लोगों का स्वास्थ्य सर्वे किया गया है। ऐसे में कोरोना की लड़ाई में ये लापरवाही संक्रमण के फैलाव का कारण भी बन सकती है।
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आक्सीजन लेवल 94 से कम होने पर सैंपल
अमरोहा। सर्वे का मकसद संचारी रोग के साथ-साथ थर्मल स्कैनर और आक्सीजन मीटर के जरिए कोरोना के आशंकित मरीजों को भी ढूंढना था। थर्मल स्कैैनर से शरीर के तापमान और आक्सीजन मीटर से आक्सीजन लेवल का पता लगाया जा सकता है। आक्सीजन लेवल 94 से कम होने पर मरीज का सैंपल कराया जाना है।
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395 लोगों में मिले कोरोना जैसे लक्षण
अमरोहा। सर्वे के दौरान टीम ने लोगों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। टीम को 395 लोगों में कोरोना के लक्षण मिले। इन लोगों को सांस लेने में परेशानी, बुखार, गले में दर्द आदि की शिकायत मिली। इनमें से 200 लोगों का सैंपल कराया गया है।
- कुछ ग्राम पंचायतों ने थर्मल स्कैनर और आक्सीजन मीटर की खरीदारी कर ली है। खरीदारी नहीं करने वाले ग्राम पंचायतों को खरीदारी के निर्देश दिए गए हैं। - वाचस्पति झा, डीपीआरओ