{"_id":"6acfedc634005ef22b0117ac","slug":"health-services-in-villages-disrupted-due-to-health-workers-strike-jpnagar-news-c-284-1-jpn1023-175558-2026-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से गांवों में सेवाएं बेपटरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से गांवों में सेवाएं बेपटरी
Thu, 15 Oct 2026 02:31 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 15 Oct 2026 02:31 AM IST
विज्ञापन
अमरोहा। जिले में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) और एएनएम की हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। एएनएम 21 सितंबर, सीएचओ 28 सितंबर और संविदा कर्मचारी पांच अक्तूबर से हड़ताल पर हैं। लंबे समय से जारी आंदोलन का सबसे ज्यादा असर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण पर पड़ रहा है। कई बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। वहीं, संविदा कर्मचारियों की तैनाती वाले आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताले लटके हैं। इसके अलावा नर्सें भी रोजाना दो घंटे कार्य बहिष्कार कर रही हैं।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक मांगों को नहीं माना जाएगा तब तक हड़ताल जारी रहेगी। बुधवार को संविदा कर्मी सीएमओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे और नारेबाजी की। हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल पर प्रभाव पड़ रहा है। जिला अस्पताल, अमरोहा, जोया, गजरौला, हसनपुर, रहरा और मंडी धनौरा सीएचसी पर भी कर्मचारियों ने काम नहीं किया। इसकी वजह से मरीजों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिला अध्यक्ष गिरीश कुमार ने कहा कि संगठन की पांच मांग हैं। जिसमें नियमितकरण अथवा समान कार्य-समान वेतन। कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता, ईपीएफ व एचआर का लाभ, रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण नीति और अनुकंपा नियुक्ति की मांग है। सीएचओ और एएनएम भी हड़ताल पर चल रही हैं। धरने में आयुष चिकित्सक दंत, एएनएम स्टाफ नर्स मैनेजमेंट यूनिट, कंप्यूटर ऑपरेटर, एक्सरे टेक्नीशियन, पैथोलॉजी लैब, टीबी यूनिट और आशा भी शामिल हुई। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। सीएचसी में लोगों के खून की जांच भी नहीं हो पा रही है। मरीज जिला अस्पताल का रुख कर रहे हैं।
बुधवार को नर्सों ने भी बांह पर काली पट्टी बांधकर दो घंटे कार्य बहिष्कार किया। जिला अस्पताल में राजकीय नर्सेज संघ के बैनर तले नर्स भी कार्य बहिष्कार कर रही हैं। जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी और पीएचसी पर भी कार्य बहिष्कार रहा। यह 21 अक्तूबर तक चलेगा। बुधवार को सुबह आठ से दस बजे तक बांह पर काली पट्टी बांधकर कार्य बहिष्कार कर काम किया। नर्सों ने भी अपनी 13 सूत्री मांगों को लेकर विरोध जताना शुरू कर दिया है। प्रति दिन दो घंटे कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले में पहले से ही संविदा कर्मी, सीएचओ और एएनएम हड़ताल पर है और अब नर्सों ने भी कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। नर्सों ने कहा कि हर रोज दो घंटे कार्य बहिष्कार रखा जाएगा। इस मौके पर गीता राजपूत, शबनम यादव आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक मांगों को नहीं माना जाएगा तब तक हड़ताल जारी रहेगी। बुधवार को संविदा कर्मी सीएमओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे और नारेबाजी की। हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल पर प्रभाव पड़ रहा है। जिला अस्पताल, अमरोहा, जोया, गजरौला, हसनपुर, रहरा और मंडी धनौरा सीएचसी पर भी कर्मचारियों ने काम नहीं किया। इसकी वजह से मरीजों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिला अध्यक्ष गिरीश कुमार ने कहा कि संगठन की पांच मांग हैं। जिसमें नियमितकरण अथवा समान कार्य-समान वेतन। कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता, ईपीएफ व एचआर का लाभ, रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण नीति और अनुकंपा नियुक्ति की मांग है। सीएचओ और एएनएम भी हड़ताल पर चल रही हैं। धरने में आयुष चिकित्सक दंत, एएनएम स्टाफ नर्स मैनेजमेंट यूनिट, कंप्यूटर ऑपरेटर, एक्सरे टेक्नीशियन, पैथोलॉजी लैब, टीबी यूनिट और आशा भी शामिल हुई। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। सीएचसी में लोगों के खून की जांच भी नहीं हो पा रही है। मरीज जिला अस्पताल का रुख कर रहे हैं।
विज्ञापन
बुधवार को नर्सों ने भी बांह पर काली पट्टी बांधकर दो घंटे कार्य बहिष्कार किया। जिला अस्पताल में राजकीय नर्सेज संघ के बैनर तले नर्स भी कार्य बहिष्कार कर रही हैं। जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी और पीएचसी पर भी कार्य बहिष्कार रहा। यह 21 अक्तूबर तक चलेगा। बुधवार को सुबह आठ से दस बजे तक बांह पर काली पट्टी बांधकर कार्य बहिष्कार कर काम किया। नर्सों ने भी अपनी 13 सूत्री मांगों को लेकर विरोध जताना शुरू कर दिया है। प्रति दिन दो घंटे कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले में पहले से ही संविदा कर्मी, सीएचओ और एएनएम हड़ताल पर है और अब नर्सों ने भी कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। नर्सों ने कहा कि हर रोज दो घंटे कार्य बहिष्कार रखा जाएगा। इस मौके पर गीता राजपूत, शबनम यादव आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन