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प्रसव पीड़ा से महिला कराहती रही, नहीं पहुंची 102 एंबुलेंस
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Tue, 09 Aug 2016 01:47 AM IST
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केजीएमयू के बाहर खड़ी एंबुलेंस
- फोटो : amar ujala
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सरकारी एंबुलेंस आने के इंतजार में महिला ढाई घंटे तक घर पर प्रसव पीड़ा से कराहती रही। परिजन बार-बार फोन करते तो चालक व ईएमटी यही कह देते कि बस पहुंचने ही वाले हैं। ढाई घंटे बाद 102 एंबुुलेंस गांव में पहुंची, तब तक आशा घर पर ही प्रसव करा चुकी थी।
शहर सीएचसी क्षेत्र के कमालपुर गांव निवासी संजय कुमार की पत्नी कविता देवी को रविवार की रात प्रसव पीड़ा हुई। करीब नौ बजे परिजनों ने 102 एंबुलेंस को कॉल की। परिजन सरकारी एंबुलेंस का इंतजार करते और कविता प्रसव पीड़ा से गांव में कराहती रही। आरोप है कि परिजनों के बार-बार फोन करने पर ईएमटी और चालक यही कहते रहे कि 10-15 मिनट में ही गांव में पहुंच जाएंगे।
इस तरह साढ़े 11 बज गए, मगर सरकारी एंबुुलेंस गांव में नहीं पहुंची। उधर कविता को जब पीड़ा असहनीय हो गई तो गांव की आशा ने घर पर ही प्रसव करा दिया। कविता ने बेटे को जन्म दिया। नौ बजे फोन करने के ढाई घंटे देरी से 11.30 बजे 102 एंबुलेंस गांव में पहुंची, जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इसको शुरू करते समय कहा था कि यह 20 मिनट में हर हाल में घटनास्थल पर पहुंचेगी, जिससे प्रसव पीड़ा से कराहने वाली महिलाओं को पास के सीएचसी में सुरक्षित प्रसव कराया जा सके। मगर जिले में सरकारी एंबुुलेंस चालक और ईएमटी सीएम के आदेशों को धता बता रहे हैं।
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शहर सीएचसी क्षेत्र के कमालपुर गांव निवासी संजय कुमार की पत्नी कविता देवी को रविवार की रात प्रसव पीड़ा हुई। करीब नौ बजे परिजनों ने 102 एंबुलेंस को कॉल की। परिजन सरकारी एंबुलेंस का इंतजार करते और कविता प्रसव पीड़ा से गांव में कराहती रही। आरोप है कि परिजनों के बार-बार फोन करने पर ईएमटी और चालक यही कहते रहे कि 10-15 मिनट में ही गांव में पहुंच जाएंगे।
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इस तरह साढ़े 11 बज गए, मगर सरकारी एंबुुलेंस गांव में नहीं पहुंची। उधर कविता को जब पीड़ा असहनीय हो गई तो गांव की आशा ने घर पर ही प्रसव करा दिया। कविता ने बेटे को जन्म दिया। नौ बजे फोन करने के ढाई घंटे देरी से 11.30 बजे 102 एंबुलेंस गांव में पहुंची, जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इसको शुरू करते समय कहा था कि यह 20 मिनट में हर हाल में घटनास्थल पर पहुंचेगी, जिससे प्रसव पीड़ा से कराहने वाली महिलाओं को पास के सीएचसी में सुरक्षित प्रसव कराया जा सके। मगर जिले में सरकारी एंबुुलेंस चालक और ईएमटी सीएम के आदेशों को धता बता रहे हैं।
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