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कच्चे नीम की निबौली सावन जल्दी आईयो रे...
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अमरोहा। जिलेभर में हरियाली तीज का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। हरियाली तीज पर महिलाएं सोलह शृंगार कर दुल्हन की तरह सजी। हाथों में मेहंदी सजाई। सुबह से ही सखी सहेलियाें को हरियाली तीज की बधाई देना शुरू कर दिया। महिलाओं में घर में रहकर ही ऑनलाइन सहेलियों के साथ हरियाली तीज सेलिब्रेट किया। अधिकांश महिलाओं ने घरों में झूला झूलकर परंपरा निभाई। विभिन्न संगठनों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए गए। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते सामूहिक और बड़े आयोजन कर हुए।
सुबह से ही त्योहार को लेकर महिलाओं में उत्साह रहा। शाम के समय सज संवर कर महिलाओं ने सहेलियों संग झूले का आनंद लिया। सावन के लोक गीतों पर पींगें बढ़ाईं। सावन के गीत कच्चे नीम की निबौली सावन जल्दी आईयो रे...झूले राधा प्यारी, हां झूले राधा प्यारी... तेरी दो टकिये की नौकरी में मेरा लाखों का सावन जाए...सावन का महीना, पवन करे शोर... आदि गीत गुनगुनाए। इस दौरान घरों में विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए गए। भगवान शिव पार्वती की पूजा अर्चना कर परिवार की खुशहाली की कामना की है। महिलाओं ने अपने बुजुर्ग को से आशीर्वाद लिया। मालूम रहे कि पिछले साल कोरोना वायरस ने हरियाली तीज की रौनक को फीका कर दिया था। सामूहिक तौर पर झूला-झूलने के कार्यक्रम नहीं हुए। गांवों में तीज के मेले भी नहीं लगाए गए। तीज पर लगने वाले दंगल भी इस बार नहीं हो सके थे। लेकिन दूसरी लहर के बाद फिलहाल हालात सामान्य थे। जिस कारण शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में हरियाली तीज उत्साह के साथ मनाई गई।
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सुबह से ही त्योहार को लेकर महिलाओं में उत्साह रहा। शाम के समय सज संवर कर महिलाओं ने सहेलियों संग झूले का आनंद लिया। सावन के लोक गीतों पर पींगें बढ़ाईं। सावन के गीत कच्चे नीम की निबौली सावन जल्दी आईयो रे...झूले राधा प्यारी, हां झूले राधा प्यारी... तेरी दो टकिये की नौकरी में मेरा लाखों का सावन जाए...सावन का महीना, पवन करे शोर... आदि गीत गुनगुनाए। इस दौरान घरों में विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए गए। भगवान शिव पार्वती की पूजा अर्चना कर परिवार की खुशहाली की कामना की है। महिलाओं ने अपने बुजुर्ग को से आशीर्वाद लिया। मालूम रहे कि पिछले साल कोरोना वायरस ने हरियाली तीज की रौनक को फीका कर दिया था। सामूहिक तौर पर झूला-झूलने के कार्यक्रम नहीं हुए। गांवों में तीज के मेले भी नहीं लगाए गए। तीज पर लगने वाले दंगल भी इस बार नहीं हो सके थे। लेकिन दूसरी लहर के बाद फिलहाल हालात सामान्य थे। जिस कारण शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में हरियाली तीज उत्साह के साथ मनाई गई।
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