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‘गुरुकुल’ में संवरेंगे हरियाणा की बेटियों के संस्कार
अमरोहा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Mar 2017 12:51 AM IST
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- फोटो : getty
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पूरी दुनिया में अपनी शिक्षा, संस्कारों व खेलों के बूते डंका बजाने वाले श्रीमद् दयानंद कन्या गुरुकुल महाविद्यालय चोटीपुरा ने यूपी के बाद हरियाणा प्रदेश में शाखाएं खोलने का फैसला लिया है। वहां पर भी गुरुकुल पद्धति के जरिए छात्राओं को पढ़ाया लिखाया जाएगा।
संस्कारों में बेटियों को ढाला जाएगा। गुरुकुल के अनुशासन व शांत माहौल को हरियाणवियों ने सराहा है। एक ओर जहां कालेज खोलने को उन्होंने जमीन दान दी है, वहीं दूसरी ओर गुरुकुल प्रशासन ने भी जगह खरीदी है। दोनों स्थानों पर तेजी के साथ निर्माण चल रहा है। फिलहाल ग्यारहवीं कक्षा से बीए तक की कक्षाएं दोनों महाविद्यालय में लगेंगी।
जनपद मुख्यालय से करीब 15 किलो मीटर दूर चोटीपुरा गांव में श्रीमद् दयानंद कन्या गुरुकुल महाविद्यालय बना है, जिसकी छात्राओं ने देेश ही नहीं बल्कि विदेशों तक में अलग छाप छोड़ी है। चाहें पढ़ाई का क्षेत्र हो या फिर खेल, हरेक में यहां की छात्राओं ने नाम कमाया है।
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ग्रामीण इलाके में स्थापित इस कन्या गुरुकुल के वातावरण, वहां की सेवा व शिक्षा ने अचानक लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। प्रदेश के अलावा गैर प्रदेशों से भी छात्राएं इसमें शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। दूरदराज तक विख्यात हो चुके इस महाविद्यालय की संस्कृति के चाहने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
प्रदेेश के बाद दूसरे प्रांतों से भी कालेज के पास गुरुकुल की शाखाएं खोलने का निमंत्रण मिला है। हरियाणा से मिले न्यौते को महाविद्यालय प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है। इसके तहत अब महाविद्यालय की दो शाखाएं हरियाणा में खोजी जा रही हैं।
इनमें एक शाखा रोहतक जनपद के रुड़की गांव में खोली जा रही है। यहां दस बीघा जमीन में महाविद्यालय का निर्माण किया जा रहा है। इसमें शुरूआत में ग्यारहवीं से बीए तक की कक्षाएं संचालित होंगी। जल्द ही भवन बन जाएगा।
दूसरी शाखा जनपद जींद की ग्राम पंचायत भरताना में खुल रही है। यहां के ग्रामीणों ने गुरुकुल महाविद्यालय निर्माण को पांच एकड़ जमीन दान दी हैं। इसका निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। दोनों का निर्माण पूरा होने के बाद ही कक्षाएं संचालन का कार्य चालू होगा।
असम में गुरुकुल कालेज खोलने को मिली हरी झंडी
अमरोहा। कुछ दिन पहले आचार्य बालकृष्ण के साथ श्रीमद् दयानंद कन्या गुरुकुल महाविद्यालय असम के एक डेलीगेट्स के संग पहुंचे थे। यहां पर डेलीगेट्स में शामिल सदस्यों ने गुरुकुल महाविद्यालय के माहौल, गौशाला, रसोईघर व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। छात्राओं की प्रतिभा व संस्कारों को देखकर सदस्य मंत्रमुग्ध हो गए थे। कालेज की प्राचार्य डा. सुमेधा ने बताया कि असम में भी गुरुकुल खोलने को हरी झंडी मिल गई है। सदस्य यहां के वातावरण को देखकर खुश हुए थे। अब वहां जमीन चयनित की जा रही है।
ओलंपिक तक पहुंचीं महाविद्यालय की छात्राएं
अमरोहा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली गुरुकुल की छात्राएं खेलों में भी कम नहीं हैं। तीरंदाजी में कई छात्राएं देश व विदेशों में कमाल दिखा चुकी हैं। बरेली जिले की रहने वाली सुमंगला इसी कालेज की छात्रा है, जो तीरंदाजी में ओलंपिक तक जा चुकी है। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में भी गुरुकुल की छात्राओं ने तमाम मेडल हासिल किए हैं।
श्रीमद् कन्या ल महाविद्यालय चोटीपुरा की प्राचार्या डा. सुमेधा ने बताया हरियाणा के रोहतक व जींद जिले में दो महाविद्यालय बनाए जा रहे हैं। इनमें पहले 11वीं से बीए तक की कक्षाएं संचालित होंगी। धीरे-धीरे वहां पर सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। ऐसा ही माहौल तैयार किया जाएगा जैसा कि चोटीपुरा गुरुकुल का है। एक जगह जमीन दान मिली है। दूसरी जगह खरीदी गई है। असम में भी गुरुकुल बनेगा, जिसके लिए जमीन देखी जा रही है।
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संस्कारों में बेटियों को ढाला जाएगा। गुरुकुल के अनुशासन व शांत माहौल को हरियाणवियों ने सराहा है। एक ओर जहां कालेज खोलने को उन्होंने जमीन दान दी है, वहीं दूसरी ओर गुरुकुल प्रशासन ने भी जगह खरीदी है। दोनों स्थानों पर तेजी के साथ निर्माण चल रहा है। फिलहाल ग्यारहवीं कक्षा से बीए तक की कक्षाएं दोनों महाविद्यालय में लगेंगी।
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जनपद मुख्यालय से करीब 15 किलो मीटर दूर चोटीपुरा गांव में श्रीमद् दयानंद कन्या गुरुकुल महाविद्यालय बना है, जिसकी छात्राओं ने देेश ही नहीं बल्कि विदेशों तक में अलग छाप छोड़ी है। चाहें पढ़ाई का क्षेत्र हो या फिर खेल, हरेक में यहां की छात्राओं ने नाम कमाया है।
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ग्रामीण इलाके में स्थापित इस कन्या गुरुकुल के वातावरण, वहां की सेवा व शिक्षा ने अचानक लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। प्रदेश के अलावा गैर प्रदेशों से भी छात्राएं इसमें शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। दूरदराज तक विख्यात हो चुके इस महाविद्यालय की संस्कृति के चाहने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
प्रदेेश के बाद दूसरे प्रांतों से भी कालेज के पास गुरुकुल की शाखाएं खोलने का निमंत्रण मिला है। हरियाणा से मिले न्यौते को महाविद्यालय प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है। इसके तहत अब महाविद्यालय की दो शाखाएं हरियाणा में खोजी जा रही हैं।
इनमें एक शाखा रोहतक जनपद के रुड़की गांव में खोली जा रही है। यहां दस बीघा जमीन में महाविद्यालय का निर्माण किया जा रहा है। इसमें शुरूआत में ग्यारहवीं से बीए तक की कक्षाएं संचालित होंगी। जल्द ही भवन बन जाएगा।
दूसरी शाखा जनपद जींद की ग्राम पंचायत भरताना में खुल रही है। यहां के ग्रामीणों ने गुरुकुल महाविद्यालय निर्माण को पांच एकड़ जमीन दान दी हैं। इसका निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। दोनों का निर्माण पूरा होने के बाद ही कक्षाएं संचालन का कार्य चालू होगा।
असम में गुरुकुल कालेज खोलने को मिली हरी झंडी
अमरोहा। कुछ दिन पहले आचार्य बालकृष्ण के साथ श्रीमद् दयानंद कन्या गुरुकुल महाविद्यालय असम के एक डेलीगेट्स के संग पहुंचे थे। यहां पर डेलीगेट्स में शामिल सदस्यों ने गुरुकुल महाविद्यालय के माहौल, गौशाला, रसोईघर व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। छात्राओं की प्रतिभा व संस्कारों को देखकर सदस्य मंत्रमुग्ध हो गए थे। कालेज की प्राचार्य डा. सुमेधा ने बताया कि असम में भी गुरुकुल खोलने को हरी झंडी मिल गई है। सदस्य यहां के वातावरण को देखकर खुश हुए थे। अब वहां जमीन चयनित की जा रही है।
ओलंपिक तक पहुंचीं महाविद्यालय की छात्राएं
अमरोहा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली गुरुकुल की छात्राएं खेलों में भी कम नहीं हैं। तीरंदाजी में कई छात्राएं देश व विदेशों में कमाल दिखा चुकी हैं। बरेली जिले की रहने वाली सुमंगला इसी कालेज की छात्रा है, जो तीरंदाजी में ओलंपिक तक जा चुकी है। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में भी गुरुकुल की छात्राओं ने तमाम मेडल हासिल किए हैं।
श्रीमद् कन्या ल महाविद्यालय चोटीपुरा की प्राचार्या डा. सुमेधा ने बताया हरियाणा के रोहतक व जींद जिले में दो महाविद्यालय बनाए जा रहे हैं। इनमें पहले 11वीं से बीए तक की कक्षाएं संचालित होंगी। धीरे-धीरे वहां पर सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। ऐसा ही माहौल तैयार किया जाएगा जैसा कि चोटीपुरा गुरुकुल का है। एक जगह जमीन दान मिली है। दूसरी जगह खरीदी गई है। असम में भी गुरुकुल बनेगा, जिसके लिए जमीन देखी जा रही है।