फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Ground water level is decreasing due to decreasing ponds

Amroha News: कम होते तालाबों से घट रहा भूजल स्तर

Sat, 22 Mar 2025 01:51 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Sat, 22 Mar 2025 01:51 AM IST
विज्ञापन
Ground water level is decreasing due to decreasing ponds
जोया के गांव सैंतली के तालाब में लगा गंदगी का अंबार। संवाद
अमरोहा।
विज्ञापन

भूजल स्तर को बनाए रखने में कभी तालाबों की अहम भूमिका हुआ करती थी। लेकिन, समय बीतने के साथ ही लोगों ने तालाबों पर कब्जा करना शुरू कर दिया। इसके चलते जिले का जलस्तर भी लगातार घटता चला गया। तालाबों की समय पर सफाई न होना और रिहायशी भवनों के लिए उनको पाटना भी भूजल स्तर के गिरने का एक बड़ा कारण है।
प्राकृतिक जल स्रोतों में शामिल तालाब कभी दिनचर्या का एक अहम हिस्सा हुआ करते थे। गांवों का पानी इन तालाबों में इकट्ठा होता था। साथ ही गांव और जंगल के बीच स्थित तालाब आय का जरिया भी हुआ करते थे। इनमें मछली पालन या सिंघाड़े की खेती होती थी, लेकिन विकास के साथ बदलते परिवेश में तालाबों की संख्या में कमी आना शुरू हो गई। जल संचयन के प्रमुख स्रोतों में शामिल तालाबों की संख्या में कमी जाने से भूगर्भ जलस्तर भी घटना शुरू हो गया।
विज्ञापन

इसके साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सबमर्सिबल पंपों की अधिकता के कारण भी भूजल स्तर में हर साल कमी आ रही है। यूं तो जिले में तालाबों की संख्या राजस्व अभिलेखों के अनुसार करीब पांच हजार है, लेकिन कुछ पर कब्जा होने व कुछ तालाबों की नियमित सफाई न होने से जल संचयन नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जोया और हसनपुर ब्लॉक में भूजल स्तर सबसे नीचे
जिले में भूजल स्तर की स्थिति ठीक नहीं है। भूगर्भ जल विभाग के अनुसार मानसून से पहले साल 2024 में हसनपुर का भूजल स्तर जहां 17.98 एमबीजीएल था, वहीं मानसून के बाद जलस्तर 16.11 एमबीजीएल हो गया। इसी तरह जोया ब्लॉक में 2024 में मानसून से पहले भूजल स्तर जहां 17.23 एमबीजीएल था, वहीं मानसून के बाद 16.87 एमबीजीएल दर्ज किया गया। जिले में जोया और हसनपुर ब्लॉक अतिदोहित क्षेत्र में आते हैं। पिछले पांच सालों में इन दोनों ब्लॉक की स्थिति लगातार बदतर हो रही है।

2019 में जोया ब्लॉक में जहां मानसून से पहले भूजल स्तर 15.39 एमबीजीएल था। 2024 आते-आते वह 17.23 तक पहुंच गया, जबकि मानसून के बाद इसमें थोड़ा बढ़ोतरी होकर 16.87 दर्ज हुआ। इसी तरह हसनपुर में 2019 में मानसून से पहले भूजल स्तर 13.51 था। वहीं 2024 में मानसून से पहले भूजल स्तर और नीचे पहुंच गया। 2024 में यहां भूजल का स्तर 17.98 दर्ज हुआ था। जबकि मानसून के बाद 16.11 दर्ज हुआ।

कई सालों से नहीं हुई तालाबों की सफाई

तालाबों की सफाई न होने के कारण इनमें गंदगी पसरी है। कई जगहों पर बरसात के दिनों में पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर आ जाता है, जिससे बीमारी का खतरा भी मंडराने लगता है। कई सालों से सफाई न होने के कारण तालाब की सतह पर सिल्ट जमा है, जिससे पानी जमीन के अंदर नहीं जा पाता है। जिससे भूजल के स्तर में कमी आती है। कभी-कभार ही गांवों में इन तालाबों की सफाई के लिए मुहिम चलाई जाती है, लेकिन वह भी कागजों में ही पूरा होकर हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed