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Amroha News: झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने से बिगड़ी बालिका की हालत, रेफर
Sat, 02 Sep 2023 01:17 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sat, 02 Sep 2023 01:17 AM IST
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गजरौला। बुखार से पीड़ित बालिका को गलत इंजेक्शन लगाने से उसकी हालत बिगड़ गई। जिसे बाद में मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मेरठ के चिकित्सक ने बालिका को इन्फेक्शन होना और ऑपरेशन करने को कहा है। इसके लिए पीड़ित ने अपनी भैंस बेची है, मगर इसके बाद भी रुपयों का इंतजाम नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि बालिका को गांव के ही झोलाछाप ने इंजेक्शन लगाया था।
गंगेश्वरी क्षेत्र के गांव महरपुर गुर्जर निवासी जगत सिंह जाटव मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनकी आठ वर्षीय बेटी खुशी को बुधवार की सुबह बुखार आया। वह बेटी को दवाई दिलाने के लिए नजदीकी गांव महमूदाबाद में झोलाछाप के यहां गए। वह खुद मौके पर नहीं मिला। उसके कंपाउंडर ने बालिका को इंजेक्शन लगा दिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। उसके चेहरे पर बड़े स्पॉट बन गए। जिससे घबराए झोलाछाप ने इलाज करने से हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद जगत सिंह जाटव अपनी बेटी को हसनपुर में निजी अस्पताल में ले गए। यहां उसे भर्ती कराया। उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। उसके एक हाथ और पैर में दिक्कत होने लगी। जिस पर चिकित्सक ने उसे मेरठ ले जाने की सलाह दी। बृहस्पतिवार को वह बेटी को मेरठ ले गए और निजी अस्पताल में भर्ती कराई। मेरठ के निजी चिकित्सक ने गलत इंजेक्शन लगाए जाने से इन्फेक्शन होने की बात कही।
साथ ही उसकी आंत में दिक्कत बताते हुए ऑपरेशन करने को कहा। मगर ऑपरेशन के लिए जगत सिंह के सामने आर्थिक तंगी खड़ी हो गई। उसने घर फोन कर अपने पिता से रुपयों का इंतजाम करने को कहा। जिससे मरणासन्न हालत में पहुंच चुकी बेटी को बचाने के लिए ऑपरेशन कराया जा सके। उसके पिता ने गांव के ही किसान को अपनी भैंस बेच कर 50 हजार रुपयों का इंतजाम किया है।
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उधर झोलाछाप द्वारा बालिका को गलत इंजेक्शन लगाए जाने से हालत बिगड़ने का मामला संज्ञान में आने पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। पीड़ित से बात कर बालिका की हालत की जानकारी ली। जांच कर झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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गंगेश्वरी क्षेत्र के गांव महरपुर गुर्जर निवासी जगत सिंह जाटव मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनकी आठ वर्षीय बेटी खुशी को बुधवार की सुबह बुखार आया। वह बेटी को दवाई दिलाने के लिए नजदीकी गांव महमूदाबाद में झोलाछाप के यहां गए। वह खुद मौके पर नहीं मिला। उसके कंपाउंडर ने बालिका को इंजेक्शन लगा दिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। उसके चेहरे पर बड़े स्पॉट बन गए। जिससे घबराए झोलाछाप ने इलाज करने से हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद जगत सिंह जाटव अपनी बेटी को हसनपुर में निजी अस्पताल में ले गए। यहां उसे भर्ती कराया। उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। उसके एक हाथ और पैर में दिक्कत होने लगी। जिस पर चिकित्सक ने उसे मेरठ ले जाने की सलाह दी। बृहस्पतिवार को वह बेटी को मेरठ ले गए और निजी अस्पताल में भर्ती कराई। मेरठ के निजी चिकित्सक ने गलत इंजेक्शन लगाए जाने से इन्फेक्शन होने की बात कही।
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साथ ही उसकी आंत में दिक्कत बताते हुए ऑपरेशन करने को कहा। मगर ऑपरेशन के लिए जगत सिंह के सामने आर्थिक तंगी खड़ी हो गई। उसने घर फोन कर अपने पिता से रुपयों का इंतजाम करने को कहा। जिससे मरणासन्न हालत में पहुंच चुकी बेटी को बचाने के लिए ऑपरेशन कराया जा सके। उसके पिता ने गांव के ही किसान को अपनी भैंस बेच कर 50 हजार रुपयों का इंतजाम किया है।
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उधर झोलाछाप द्वारा बालिका को गलत इंजेक्शन लगाए जाने से हालत बिगड़ने का मामला संज्ञान में आने पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। पीड़ित से बात कर बालिका की हालत की जानकारी ली। जांच कर झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।