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गन्ना किसानों को सौगात
ब्यूरो अमर उजाला/गजरौला।
Updated Fri, 17 Nov 2017 06:01 PM IST
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प्रधानमंत्री सिंचाई योजना में उद्यान विभाग इस बार गन्ना किसानों को टपक सिंचाई संसाधन मुहैया कराएगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने 90.30 लाख रुपये का लक्ष्य विभाग को दिया है। किसानों के खेत में उपकरण स्थापित होने के बाद विभाग यह धन किसानों के खाते में ऑनलाइन हस्तांतरित करेगा। जिले में अब तक दो दर्जन से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ मिल चुका है।
जनपद में उद्यान विभाग को चालू वित्तीय वर्ष में टपक सिंचाई योजना में 70 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है। इसके तहत प्रत्येक हेक्टेयर के लिए 1.29 लाख रुपये खर्च किया जाना है। योजना के अनुसार लघु एवं सीमांत कृषकों को 1.66 लाख का अनुदान तो अन्य कृषक जिनकी जोत का आधार दो हेक्टेयर से ज्यादा है। उनको 1.03 लाख रुपये अनुदान मिलेगा। योजना के क्रियान्वयन की पहल के तहत उद्यान विभाग ने गन्ना विभाग से कृषकों की सूची मांगी है। विभाग ने करीब दो दर्जन से अधिक किसानों का नाम सूची में शामिल करते हुए उद्यान विभाग को भेजा है।
योजना में किसान जोतवही के माध्यम से अपना पंजीकरण कराएंगे। पंजीकृत किसान का चयन गन्ना विभाग करेगा और फिर इन किसानों को सरकार की ओर से पंजीकृत 28 फर्मों अथवा फर्म के अधिकतर विक्रेता से उपकरण लेकर स्थापित करवाना होगा। स्थापना के बाद प्रशासन की ओर से गठित कमेटी इसका सत्यापन करेगी। सत्यापन के बाद अनुदान सीधे किसान के खाते में विभाग देगा। केंद्र सरकार की यह योजना किसानों के लिए खासतौर से तैयार की गई है। जिससे गन्ना किसान अधिक से अधिक पैदावार कर सकें। इसको लेकर कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। जल्द ही इसको लेकर परिणाम सामने आने लगेंगे।
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जनपद में उद्यान विभाग को चालू वित्तीय वर्ष में टपक सिंचाई योजना में 70 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है। इसके तहत प्रत्येक हेक्टेयर के लिए 1.29 लाख रुपये खर्च किया जाना है। योजना के अनुसार लघु एवं सीमांत कृषकों को 1.66 लाख का अनुदान तो अन्य कृषक जिनकी जोत का आधार दो हेक्टेयर से ज्यादा है। उनको 1.03 लाख रुपये अनुदान मिलेगा। योजना के क्रियान्वयन की पहल के तहत उद्यान विभाग ने गन्ना विभाग से कृषकों की सूची मांगी है। विभाग ने करीब दो दर्जन से अधिक किसानों का नाम सूची में शामिल करते हुए उद्यान विभाग को भेजा है।
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योजना में किसान जोतवही के माध्यम से अपना पंजीकरण कराएंगे। पंजीकृत किसान का चयन गन्ना विभाग करेगा और फिर इन किसानों को सरकार की ओर से पंजीकृत 28 फर्मों अथवा फर्म के अधिकतर विक्रेता से उपकरण लेकर स्थापित करवाना होगा। स्थापना के बाद प्रशासन की ओर से गठित कमेटी इसका सत्यापन करेगी। सत्यापन के बाद अनुदान सीधे किसान के खाते में विभाग देगा। केंद्र सरकार की यह योजना किसानों के लिए खासतौर से तैयार की गई है। जिससे गन्ना किसान अधिक से अधिक पैदावार कर सकें। इसको लेकर कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। जल्द ही इसको लेकर परिणाम सामने आने लगेंगे।
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