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Amroha News: हेपेटाइटिस की जांच करा लें...रिपोर्ट मिलेगी एक माह बाद
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अमरोहा। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हेपेटाइटिस के मरीजों को उपचार की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है। कहीं जांच की व्यवस्था नहीं है तो कहीं दवा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मरीजों को इलाज के लिए 60 से 80 किलोमीटर तक की दौड़ लगानी पड़ रही है। जिला अस्पताल में केवल पॉजिटिव या निगेटिव ही पता चल सकता है। वायरल लोड की जांच मुरादाबाद या मेरठ भेजे जाते हैं, जिनकी रिपोर्ट आने में एक महीना तक लग जाता है।
जिले के आठ सीएचसी में से गजरौला, जोया, हसनपुर और रहरा में हेपेटाइटिस की पॉजिटिव और निगेटिव जांच की सुविधा है, लेकिन वायरल लोड जांच के लिए मरीजों को जिला अस्पताल आना पड़ता है। वहीं, मंडी धनौरा सीएचसी पर न जांच की सुविधा है और न दवा उपलब्ध है। हसनपुर और रहरा में भी मरीजों को दवा नहीं मिल पा रही है। इसके चलते उन्हें जिला अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ता है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 150 मरीज हेपेटाइटिस की दवा लेने पहुंचते हैं। मरीजों का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज करने के बाद दवा दी जाती है। अस्पताल में पॉजिटिव और निगेटिव जांच होती है, जबकि वायरल लोड की जांच के लिए सैंपल मुरादाबाद और मेरठ भेजे जाते हैं। रिपोर्ट मिलने में करीब एक माह लग जाता है। इससे मरीजों को उपचार में देरी का सामना करना पड़ता है।
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लिवर की वजह से होती है बीमारी
हेपेटाइटिस और पीलिया दोनों ही लिवर (यकृत) से जुड़ी समस्याएं हैं, लेकिन ये दोनों एक जैसी चीज नहीं हैं। हेपेटाइटिस यह लिवर में होने वाली सूजन है। यह मुख्य रूप से वायरस (जैसे हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई), अत्यधिक शराब पीने या किसी अन्य संक्रमण के कारण होता है। पीलिया एक लक्षण है। जब रक्त में ''बिलिरूबिन'' नामक पीले वर्णक की मात्रा बहुत बढ़ जाती है, तब त्वचा और आंखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ने लगता है। इसे ही पीलिया कहते हैं। हेपेटाइटिस होने पर लिवर ठीक से काम नहीं कर पाता और पीलिया का लक्षण दिखाई देता है।
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हेपेटाइटिस और पीलिया के मुख्य कारण
आमतौर पर गंदे पानी या साफ-सफाई की कमी से भोजन की वजह से हेपेटाइटिस होता है। (इसे आम बोलचाल में सामान्य पीलिया भी कहते हैं। संक्रमित खून चढ़ाने, बिना स्टरलाइज की गई सुई के इस्तेमाल, या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैलता हैं। इसे कई बार काला पीलिया भी कहा जाता है।
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सामान्य लक्षण
आंखों और त्वचा का पीला पड़ना (पीलिया)
गहरे रंग का पेशाब आना
हल्का बुखार और शरीर में थकान
भूख कम लगना, जी मिचलाना और उल्टी होना
पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में (पसलियों के नीचे) दर्द होना
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हेपेटाइटिस की निगेटिव-पॉजिटिव की जांच जिला अस्पताल में की जा रही है और दवाओं का वितरण भी हो रहा है। किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। दवा लेने आने वाले मरीजों को अपने साथ आधार कार्ड जरूर लाना चाहिए। यह सब पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। जल्द ही वायरल लोड की जांच भी शुरू कराई जाएगी।
-डॉ. रमाकांत सागर, सीएमओ
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जिले के आठ सीएचसी में से गजरौला, जोया, हसनपुर और रहरा में हेपेटाइटिस की पॉजिटिव और निगेटिव जांच की सुविधा है, लेकिन वायरल लोड जांच के लिए मरीजों को जिला अस्पताल आना पड़ता है। वहीं, मंडी धनौरा सीएचसी पर न जांच की सुविधा है और न दवा उपलब्ध है। हसनपुर और रहरा में भी मरीजों को दवा नहीं मिल पा रही है। इसके चलते उन्हें जिला अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ता है।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 150 मरीज हेपेटाइटिस की दवा लेने पहुंचते हैं। मरीजों का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज करने के बाद दवा दी जाती है। अस्पताल में पॉजिटिव और निगेटिव जांच होती है, जबकि वायरल लोड की जांच के लिए सैंपल मुरादाबाद और मेरठ भेजे जाते हैं। रिपोर्ट मिलने में करीब एक माह लग जाता है। इससे मरीजों को उपचार में देरी का सामना करना पड़ता है।
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लिवर की वजह से होती है बीमारी
हेपेटाइटिस और पीलिया दोनों ही लिवर (यकृत) से जुड़ी समस्याएं हैं, लेकिन ये दोनों एक जैसी चीज नहीं हैं। हेपेटाइटिस यह लिवर में होने वाली सूजन है। यह मुख्य रूप से वायरस (जैसे हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई), अत्यधिक शराब पीने या किसी अन्य संक्रमण के कारण होता है। पीलिया एक लक्षण है। जब रक्त में ''बिलिरूबिन'' नामक पीले वर्णक की मात्रा बहुत बढ़ जाती है, तब त्वचा और आंखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ने लगता है। इसे ही पीलिया कहते हैं। हेपेटाइटिस होने पर लिवर ठीक से काम नहीं कर पाता और पीलिया का लक्षण दिखाई देता है।
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हेपेटाइटिस और पीलिया के मुख्य कारण
आमतौर पर गंदे पानी या साफ-सफाई की कमी से भोजन की वजह से हेपेटाइटिस होता है। (इसे आम बोलचाल में सामान्य पीलिया भी कहते हैं। संक्रमित खून चढ़ाने, बिना स्टरलाइज की गई सुई के इस्तेमाल, या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैलता हैं। इसे कई बार काला पीलिया भी कहा जाता है।
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सामान्य लक्षण
आंखों और त्वचा का पीला पड़ना (पीलिया)
गहरे रंग का पेशाब आना
हल्का बुखार और शरीर में थकान
भूख कम लगना, जी मिचलाना और उल्टी होना
पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में (पसलियों के नीचे) दर्द होना
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हेपेटाइटिस की निगेटिव-पॉजिटिव की जांच जिला अस्पताल में की जा रही है और दवाओं का वितरण भी हो रहा है। किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। दवा लेने आने वाले मरीजों को अपने साथ आधार कार्ड जरूर लाना चाहिए। यह सब पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। जल्द ही वायरल लोड की जांच भी शुरू कराई जाएगी।
-डॉ. रमाकांत सागर, सीएमओ