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ज्ञानोत्सव शुरु, परिषदीय स्कूलों में 100 दिन तक विशेष कक्षाएं
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अमरोहा। परिषदीय स्कूलों में प्रेरणा ज्ञानोत्सव बुधवार से शुरू हो गया है। अब स्कूलों के बच्चों की दक्षता को बढ़ाई जाएगी। दरअसल कोविड काल के दौरान बच्चे पढ़ाई में पिछड़ गए हैं। सभी बच्चों को प्रेरित किया जाना हैं। प्रत्येक ब्लॉक में 10 प्रेरक बालक और 10 प्रेरक बालिका का चयन किया जाना है। पूरे जिले में 100 दिन तक अभियान चलेगा। स्कूलों में सुधारात्मक कक्षाएं चलेगी ताकि बच्चों की शिक्षा का स्तर बढ़ सके।
विधायक संगीता चौहान ने यहियापुर स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र में प्रेरणा ज्ञानोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रदेेश सरकार बच्चों की शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। बेसिक शिक्षा विभाग और शिक्षक बेहतर काम करें ताकि जिले का नाम रोशन हो सके। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के पढ़ाई के प्रति रुचि को बढ़ाएं। एसडीएम इंद्र नंदन सिंह ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग ने सृंबद्ध हस्तपुस्तिका नामक मॉडयूल तैयार कराया है, जिसमें सुुधारात्मक शिक्षण पर जोर है। बच्चों का गणित और भाषा ज्ञान का आकलन किया जाएगा। बीएसए चंद्रशेखर ने कहा कि शिक्षण योजना के अनुसार, प्राथमिक कक्षाओं को तीन समूहों में बांट कर कक्षाए संचालित होंगी। गणित के लिए कक्षा एक और दो, कक्षा दो और तीन जबकि कक्षा चार और पांच के समूह बनाए जाएंगे। सुधारात्मक प्रशिक्षण के बाद असेसमेंट परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थी का आकलन करेंगे। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी मुकेश कुमार, अमरेश और राकेश गौड़, मदनपाल सिंह, तरुण औलख, विपिन चौहान, ब्रजपाल सिंह, हेमा तिवारी, डॉ. जितेंद्र कुमार, अरविंद कुमार आदि रहे।
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विधायक संगीता चौहान ने यहियापुर स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र में प्रेरणा ज्ञानोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रदेेश सरकार बच्चों की शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। बेसिक शिक्षा विभाग और शिक्षक बेहतर काम करें ताकि जिले का नाम रोशन हो सके। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के पढ़ाई के प्रति रुचि को बढ़ाएं। एसडीएम इंद्र नंदन सिंह ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग ने सृंबद्ध हस्तपुस्तिका नामक मॉडयूल तैयार कराया है, जिसमें सुुधारात्मक शिक्षण पर जोर है। बच्चों का गणित और भाषा ज्ञान का आकलन किया जाएगा। बीएसए चंद्रशेखर ने कहा कि शिक्षण योजना के अनुसार, प्राथमिक कक्षाओं को तीन समूहों में बांट कर कक्षाए संचालित होंगी। गणित के लिए कक्षा एक और दो, कक्षा दो और तीन जबकि कक्षा चार और पांच के समूह बनाए जाएंगे। सुधारात्मक प्रशिक्षण के बाद असेसमेंट परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थी का आकलन करेंगे। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी मुकेश कुमार, अमरेश और राकेश गौड़, मदनपाल सिंह, तरुण औलख, विपिन चौहान, ब्रजपाल सिंह, हेमा तिवारी, डॉ. जितेंद्र कुमार, अरविंद कुमार आदि रहे।
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