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Amroha News: किसान की हत्या की कोशिश में हिस्ट्रीशीटर को उम्रकैद
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अमरोहा। मंडी धनौरा थाने के टॉप-10 अपराधी और हिस्ट्रीशीटर सुखवीर उर्फ पपिया को किसान की गोली मारकर हत्या करने की कोशिश के मामले में एडीजे तृतीय की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
सजा के समय सुखवीर पहले से ही एक पुराने मुकदमे में सजा होने के कारण जेल में बंद है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ 13 मुकदमे दर्ज हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मंडी धनौरा थाना क्षेत्र के गांव मिलक मोतीखेड़ा निवासी किसान देवराज सिंह 25 मई 2018 को मोटरसाइकिल से कुआंखेड़ा जा रहे थे। रास्ते में पीछे से सुखवीर उर्फ पपिया साथियों के साथ पहुंचा और जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। गोली लगने से देवराज घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुखवीर की देवराज से रंजिश थी।
घटना से करीब ढाई महीने पहले उसने देवराज के भाई रवि को भी गोली मारकर जान से मारने की धमकी दी थी। फायरिंग की आवाज सुनकर लोग मौके की ओर दौड़े तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। देवराज के बेटे राहुल कुमार की तहरीर पर सुखवीर उर्फ पपिया, नारायण और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई।
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पुलिस ने सुखवीर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से तमंचा बरामद किया। विवेचना के दौरान मंजीत और रोहित के नाम भी आरोपपत्र में शामिल किए गए। अपर जिला जज तृतीय की अदालत में मामले की सुनवाई हुई।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने पैरवी की। बृहस्पतिवार को अदालत ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर सुखवीर उर्फ पपिया को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर नारायण, मंजीत और रोहित को दोषमुक्त कर दिया गया।
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सजा के समय सुखवीर पहले से ही एक पुराने मुकदमे में सजा होने के कारण जेल में बंद है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ 13 मुकदमे दर्ज हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मंडी धनौरा थाना क्षेत्र के गांव मिलक मोतीखेड़ा निवासी किसान देवराज सिंह 25 मई 2018 को मोटरसाइकिल से कुआंखेड़ा जा रहे थे। रास्ते में पीछे से सुखवीर उर्फ पपिया साथियों के साथ पहुंचा और जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। गोली लगने से देवराज घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुखवीर की देवराज से रंजिश थी।
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घटना से करीब ढाई महीने पहले उसने देवराज के भाई रवि को भी गोली मारकर जान से मारने की धमकी दी थी। फायरिंग की आवाज सुनकर लोग मौके की ओर दौड़े तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। देवराज के बेटे राहुल कुमार की तहरीर पर सुखवीर उर्फ पपिया, नारायण और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई।
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पुलिस ने सुखवीर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से तमंचा बरामद किया। विवेचना के दौरान मंजीत और रोहित के नाम भी आरोपपत्र में शामिल किए गए। अपर जिला जज तृतीय की अदालत में मामले की सुनवाई हुई।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने पैरवी की। बृहस्पतिवार को अदालत ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर सुखवीर उर्फ पपिया को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर नारायण, मंजीत और रोहित को दोषमुक्त कर दिया गया।