जोया (अमरोहा) गोकशी,गैंगस्टर एक्ट और मतदान के बाद बवाल करने के आरोप में जेल में बंद असगरीपुर के नवनिवार्चित ग्राम प्रधान के खिलाफ अब गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई है। वह जिला बदर होने के बाद भी गांव में रहकर प्रधानी का चुनाव जीता था। डिडौली पुलिस ने उसे 12 मई को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
यह मामला डिडौली कोतवाली क्षेत्र के असगरीपुर गांव का है। इंस्पेक्टर मोहित चौधरी ने बताया कि यहां रहने वाले भूरा के खिलाफ अमरोहा के अलावा अन्य कई प्रांतों में गोकशी के मुकदमे दर्ज हैं। वह गैंगेस्टर एक्ट में वांछित चल रहा था। पंचायत चुुनाव के दौरान एडीएम ने उसे जिला बदर घोषित कर दिया था लेकिन डिडौली पुलिस की कारगुजारी के चलते वह गांव में रहकर पंचायत चुनाव में नामांकन कराया और चुनाव लड़कर विजयी भी हो गया। इस दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने की जहमत नहीं उठाई थी। मतदान के बाद दो पक्षों में मारपीट और पथराव हुआ था। जिसमें भूरा भी नामजद था। एसपी ने दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इस बीच भूरा ग्राम प्रधान का चुनाव जीत गया। बारह मई को पुलिस ने नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान भूरा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तत्कालीन इंस्पेक्टर अजय कुमार और हल्का दरोगा पप्पू जादौन की संलिप्ता देख एसपी ने दोनों को निलंबित कर दिया था। मंगलवार को इंस्पेक्टर इंस्पेक्टर मोहित चौधरी ने बताया कि एसआई वेदप्रकाश की तहरीर पर भूरा के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। फिलहाल वह जेल में बंद है। नवनिवार्चित ग्राम प्रधान के खिलाफ पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से अन्य अपराधियों में खलबली मची है।