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Amroha News: गंगा का जलस्तर घटा पर दुश्वारियां नहीं
Tue, 09 Sep 2025 02:57 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 09 Sep 2025 02:57 AM IST
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गजरौला। खादर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर तो कम हो रहा है पर लोगों की दुश्वारियां नहीं। तिगरी में सोमवार को गंगा का जलस्तर 200.40 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि, बिजनौर से सोमवार को भी 78456 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद्र गहलौत ने बताया कि सोमवार को तिगरी में गंगा का जलस्तर 200.40 मीटर दर्ज किया गया जबकि रविवार को जलस्तर 200.50 मीटर था। 24 घंटे में गंगा का जलस्तर दस सेंटीमीटर कम हुआ है। बिजनौर बैराज से 78456 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बावजूद जलस्तर कम हुआ है। जेई ने बताया कि गंगा का जलस्तर कई दिन से लगातार कम हो रहा है लेकिन बाढ़ ने किसानों का बढ़ा नुकसान हुआ है।
गंगा तट बांध के किनारे भरा पानी सूखने में कम से कम एक महीने का समय लगेगा। उधर, कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. एके मिश्र का ने बताया कि बाढ़ का समय लंबा रहने के कारण इस बार आगामी सीजन की फसलें पिछड़ सकती है। जिन खेतों में तीन से चार फीट पानी भरा है, वह सरसों, बरसीम व अगैती सब्जी की बुवाई के लिए तैयार नहीं होंगे।
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बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद्र गहलौत ने बताया कि सोमवार को तिगरी में गंगा का जलस्तर 200.40 मीटर दर्ज किया गया जबकि रविवार को जलस्तर 200.50 मीटर था। 24 घंटे में गंगा का जलस्तर दस सेंटीमीटर कम हुआ है। बिजनौर बैराज से 78456 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बावजूद जलस्तर कम हुआ है। जेई ने बताया कि गंगा का जलस्तर कई दिन से लगातार कम हो रहा है लेकिन बाढ़ ने किसानों का बढ़ा नुकसान हुआ है।
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गंगा तट बांध के किनारे भरा पानी सूखने में कम से कम एक महीने का समय लगेगा। उधर, कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. एके मिश्र का ने बताया कि बाढ़ का समय लंबा रहने के कारण इस बार आगामी सीजन की फसलें पिछड़ सकती है। जिन खेतों में तीन से चार फीट पानी भरा है, वह सरसों, बरसीम व अगैती सब्जी की बुवाई के लिए तैयार नहीं होंगे।
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