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Amroha News: बिजनौर बैराज से 154479 क्यूसेक पानी छोड़ते ही उफनाई गंगा, सहमे किनारे वासी
Sun, 15 Sep 2024 05:19 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sun, 15 Sep 2024 05:19 AM IST
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गजरौला (अमरोहा)। क्षेत्र में हो रही बारिश और बिजनौर बैराज से 154479 क्यूसेक पानी छोड़ते ही गंगा उफान पर आ गई है। तिगरी में गंगा जल स्तर 20 सेंटीमीटर बढ़कर 200.30 सेंटीमीटर हो गया। आसपास के खेतों में फसलें जलमग्न हो गई हैं, वहीं गंगा किनारे की झोपड़ियों पानी की जद में आ गई हैं। लगातार बढ़ रहे जल स्तर गंगा किनारे बसे लोगों को बाढ़ का डर सताने लगा है। खादर के ग्रामीण भी दहशत में हैं। उनको फसल नष्ट होने का डर सता रहा है।
बृहस्पतिवार को तिगरी में गंगा का जल स्तर 200 मीटर था। लेकिन, बिजनौर बैराज से शनिवार को 154479 क्यूसेक पानी छोड़ते ही जलस्तर 20 सेंटीमीटर बढ़ गया। जलस्तर बढ़ जाने के कारण टापू में बसे और खादर के गांवों का रकबा जल मग्न हो गया। तिगरी किनारे की झोपड़ी जल मग्न हो गईं। इससे ग्रामीणों की बेचैनी भी बढ़ गई है। खादर में बसे ओसीता जगदेवपुर का खेतों को जाने वाला मार्ग बाढ़ के पानी से लबालब हो गया है। जिससे खेतों को आने जाने में ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, टापू में बसे दारानगर, शीशों वाली, ढाको वाली, जाटों वाली, मंदिर वाली आदि गांवों के ग्रामीणों की फसल पानी में डूब गई हैं। ग्रामीणों को बाढ़ से फसल तबाह होने का डर सता रहा है। बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद गहलौत का कहना है कि बिजनौर बैराज से 154479 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने और लगातार हो रही बारिश से जल स्तर में 20 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है।
तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से गांगन नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे नदी किनारे खेतों में खड़ी फसल डूब गई हैं। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। गांव नन्हेड़ा अल्यारपुर के उत्तर दिशा में गांगन नदी बहती है। लगातार हुई बारिश से शनिवार को नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे नदी किनारे खेतों में खड़ी गन्ना, धान और चारा की फसल डूब गई है। किसानों का कहना है कि यदि पानी बढ़ता है तो धान की फसल को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
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बृहस्पतिवार को तिगरी में गंगा का जल स्तर 200 मीटर था। लेकिन, बिजनौर बैराज से शनिवार को 154479 क्यूसेक पानी छोड़ते ही जलस्तर 20 सेंटीमीटर बढ़ गया। जलस्तर बढ़ जाने के कारण टापू में बसे और खादर के गांवों का रकबा जल मग्न हो गया। तिगरी किनारे की झोपड़ी जल मग्न हो गईं। इससे ग्रामीणों की बेचैनी भी बढ़ गई है। खादर में बसे ओसीता जगदेवपुर का खेतों को जाने वाला मार्ग बाढ़ के पानी से लबालब हो गया है। जिससे खेतों को आने जाने में ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, टापू में बसे दारानगर, शीशों वाली, ढाको वाली, जाटों वाली, मंदिर वाली आदि गांवों के ग्रामीणों की फसल पानी में डूब गई हैं। ग्रामीणों को बाढ़ से फसल तबाह होने का डर सता रहा है। बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद गहलौत का कहना है कि बिजनौर बैराज से 154479 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने और लगातार हो रही बारिश से जल स्तर में 20 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है।
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तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से गांगन नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे नदी किनारे खेतों में खड़ी फसल डूब गई हैं। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। गांव नन्हेड़ा अल्यारपुर के उत्तर दिशा में गांगन नदी बहती है। लगातार हुई बारिश से शनिवार को नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे नदी किनारे खेतों में खड़ी गन्ना, धान और चारा की फसल डूब गई है। किसानों का कहना है कि यदि पानी बढ़ता है तो धान की फसल को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
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