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मुरादाबाद आरटीओ, गजरौला की श्रीराम फाइनेंस कंपनी ब्रांच मैनेजर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
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गजरौला। मुरादाबाद आरटीओ व गजरौला की श्रीराम फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर अजीम के खिलाफ आयशर कैंटर गाड़ी (डीसीएम) स्वामी ने उसके साथ छल कपट करने व शिकायत पर जान से मारने की धमकी देने समेत धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले में जांच शुरू कर दी है।
रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव रामपुर घना निवासी जमाल ने आयशर कैंटर खरीदी थी। जिसका फाइनेंस श्रीराम फाइनेंस कंपनी से कराया था। बीमार हो जाने के कारण उसकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। इस कारण उसने 28 फरवरी 2018 को आयशर कैंटर का एक लाख पंद्रह हजार में फाइनेंस कंपनी को ओक्सन कर दिया। इसके बाद गाड़ी को फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर को हैंड ओवर कर दी गई, लेकिन इसके बाद भी फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर ने गाड़ी को खरीदने वाले व्यक्ति के नाम ओक्शन नहीं कराया। कंपनी ने आरसी पर जमाल का ही नाम रहने दिया। न तो खरीदने के वाले के नाम ओक्सन कराया और न ही आरटीओ ऑफिस मुरादाबाद में सरेंडर की। जिसके बाद तहसील ने रोड टैक्स की बकाया रिकवरी जारी कर दी। शिकायत करने पर फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर ने डराया धमकाया।
कंपनी के ब्रांच मैनेजर ने सारे पैसे जमा कराने के बाद भी छल कपट करके बीच ऑफ कांट्रेक्ट किया। गाड़ी को कहीं बेच दिया या गायब कर दिया, जबकि टैक्स वह भर रहा है। इसकी तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो उसने कोर्ट का सहारा लिया। न्यायालय के आदेश पर फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर अजीम व आरटीओ मुरादाबाद के खिलाफ धोखाधड़ी समेत आईपीसी की कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। थाना प्रभारी अरिहंत सिद्धार्थ ने कहा कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी
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रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव रामपुर घना निवासी जमाल ने आयशर कैंटर खरीदी थी। जिसका फाइनेंस श्रीराम फाइनेंस कंपनी से कराया था। बीमार हो जाने के कारण उसकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। इस कारण उसने 28 फरवरी 2018 को आयशर कैंटर का एक लाख पंद्रह हजार में फाइनेंस कंपनी को ओक्सन कर दिया। इसके बाद गाड़ी को फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर को हैंड ओवर कर दी गई, लेकिन इसके बाद भी फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर ने गाड़ी को खरीदने वाले व्यक्ति के नाम ओक्शन नहीं कराया। कंपनी ने आरसी पर जमाल का ही नाम रहने दिया। न तो खरीदने के वाले के नाम ओक्सन कराया और न ही आरटीओ ऑफिस मुरादाबाद में सरेंडर की। जिसके बाद तहसील ने रोड टैक्स की बकाया रिकवरी जारी कर दी। शिकायत करने पर फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर ने डराया धमकाया।
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कंपनी के ब्रांच मैनेजर ने सारे पैसे जमा कराने के बाद भी छल कपट करके बीच ऑफ कांट्रेक्ट किया। गाड़ी को कहीं बेच दिया या गायब कर दिया, जबकि टैक्स वह भर रहा है। इसकी तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो उसने कोर्ट का सहारा लिया। न्यायालय के आदेश पर फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर अजीम व आरटीओ मुरादाबाद के खिलाफ धोखाधड़ी समेत आईपीसी की कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। थाना प्रभारी अरिहंत सिद्धार्थ ने कहा कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी
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