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सीमेंट और बालू का मिश्रण नहीं, निलंबन और एफआईआर कराएंगे
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अमरोहा। सामुदायिक शौचालय के निर्माण में धांधली का मामला पकड़ मेें आ गया। खरखौदा आजमपुर शौचालय के निर्माण की गुणवत्ता खराब मिली है। सीमेंट और बालू का मिश्रण बहुत कम है। इसके अलावा छड़ की क्वालिटी बहुत कमजोर मिली। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम ने ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी, टेक्निकल असिस्टेंट और अवर अभियंता के खिलाफ कार्रवाई के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। उन्होंने डीएम को जांच रिपोर्ट भेज दी है। कार्रवाई की आशंका से हड़कंप मचा है।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम शशांक चौधरी गुरुवार को डीडीओ प्रदीप यादव के साथ दोपहर में खरखौदा आजमपुर गांव में पहुंचे। उन्होंने सामुदायिक शौचालय के निर्माण की गुणवत्ता को परखी। सीमेंट और बालू का मिश्रण मानक के विपरीत मिला। इसके चलते प्लास्टर उखड़ रहे थे। इसके अलावा छत की स्थिति भी खराब मिली। सीमेंट और बालू का मिश्रण मानक के विपरीत मिला। इसके अलावा शौचालय के गेट के लिए पतली शीट का इस्तेमाल किया गया है जो बहुत जल्द खराब हो सकती है। उन्होंने टेक्निकल असिस्टेंट रामचंद्र से पूछताछ की तो जवाब नहीं दे सका। उन्होंने चिंता जाहिर की। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के तेवर देख निर्माण से जुड़े लोग घबरा गए। उन्होंने टेक्निकल असिस्टेंट, अवर अभियंता आरईडी, सेक्रेटरी और ग्राम प्रधान के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्त़ुति की है। माना जा रहा है इन लोगों के खिलाफ एफआईआर हो सकती है।
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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम शशांक चौधरी गुरुवार को डीडीओ प्रदीप यादव के साथ दोपहर में खरखौदा आजमपुर गांव में पहुंचे। उन्होंने सामुदायिक शौचालय के निर्माण की गुणवत्ता को परखी। सीमेंट और बालू का मिश्रण मानक के विपरीत मिला। इसके चलते प्लास्टर उखड़ रहे थे। इसके अलावा छत की स्थिति भी खराब मिली। सीमेंट और बालू का मिश्रण मानक के विपरीत मिला। इसके अलावा शौचालय के गेट के लिए पतली शीट का इस्तेमाल किया गया है जो बहुत जल्द खराब हो सकती है। उन्होंने टेक्निकल असिस्टेंट रामचंद्र से पूछताछ की तो जवाब नहीं दे सका। उन्होंने चिंता जाहिर की। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के तेवर देख निर्माण से जुड़े लोग घबरा गए। उन्होंने टेक्निकल असिस्टेंट, अवर अभियंता आरईडी, सेक्रेटरी और ग्राम प्रधान के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्त़ुति की है। माना जा रहा है इन लोगों के खिलाफ एफआईआर हो सकती है।
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