{"_id":"6510978770598beea506c354","slug":"four-year-old-boys-leg-cut-off-while-getting-down-from-a-moving-train-in-gajraula-jpnagar-news-c-284-1-smbd1015-5374-2023-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: गजरौला में चलती ट्रेन से उतरते समय चार वर्षीय बालक का पैर कटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: गजरौला में चलती ट्रेन से उतरते समय चार वर्षीय बालक का पैर कटा
Mon, 25 Sep 2023 01:39 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 25 Sep 2023 01:39 AM IST
विज्ञापन
गजरौला(अमरोहा)। अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के गांव रामहट निवासी चार वर्षीय आशु पुत्र लखराम सैनी चलती ट्रेन से गिर जाने के कारण उसका पैर कट गया। परिवार के लोग उसे साथ लेकर ट्रेन से नजीबाबाद जा रहे थे। वह गलती से मुरादाबाद की ओर जाने वाली गाड़ी में सवार हो गए थे। जल्दबाजी में उतरते समय हादसा हो गया। बच्चे को सीएचसी में लाया गया। जहां से मेरठ रेफर कर दिया गया।
अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के गांव रामहट निवासी लखराम सैनी मजदूरी करते हैं। बिजनौर के नजीबाबाद में उनके साढ़ू रहते हैं। रविवार की सुबह लखराम सैनी साढ़ू के घर जाने के लिए गजरौला रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। उनके साथ पत्नी अनीता, चार वर्षीय बेटा आशु, सात साल का बेटा वासु भी थे। पत्नी अनीता एक पैर से दिव्यांग है। सुबह साढ़े सात बजे परिवार रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहा था। उनको नजीबाबाद यात्री गाड़ी से नजीबाबाद जाना था। इसी बीच प्लेटफार्म-1 पर मुरादाबाद की दिशा में जाने वाली मुरादाबाद यात्री गाड़ी आई। गलती से परिवार उसमें सवार हो गया। कुछ देर ठहरने के बाद मुरादाबाद रवाना होने के लिए ट्रेन चल पड़ी थी। इस बीच परिवार को पता चला कि वह गलत दिशा में जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए हैं। परिवार नीचे उतरने लगा। सबसे पहले लखराम और उनके बाद पत्नी अनीता चलती ट्रेन से नीचे उतरे। उनके बाद सात वर्षीय वासु नीचे उतर गया। माता-पिता और भाई के उतर जाने पर चार वर्षीय आशु भी उतरने लगा। इस दौरान प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच गिर जाने के कारण उसका बायां पैर कट गया।
हादसा देख रेलवे के अधिकारी व कर्मचारी दौड़ पड़े। सूचना एंबुलेंस को दी गई। कुछ ही देर में सरकारी एंबुलेंस मौके पर पहुंची। घायल बालक को तुरंत सीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां से उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। आरपीएफ ने पुष्टि करते हुए कहा कि बालक के पैर कट जाने का मामला सामने आया है।
विज्ञापन
-- -- -
ट्रेन रुक जाती तो नहीं होता दुखद हादसा
चलती ट्रेन से गिर कर बालक का पैर कट जाने के कारण जहां परिवार की लापरवाही सामने आई। वहीं लोगों का कहना है कि इसके लिए रेलवे का गार्ड भी कम जिम्मेदार नहीं है। जब चलती ट्रेन से परिवार उतर रहा था तो उस समय ट्रेन ने रफ्तार नहीं भरी थी। परिवार की जान की परवाह करते हुए गार्ड को यात्री गाड़ी रुकवा देनी चाहिए थी। अगर वह ऐसा कर देता तो शायद बालक के साथ हादसा न होता। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक परिवार को चलती ट्रेन से उतरते देखने के बाद भी गार्ड ने रुकवाने के लिए कदम नहीं उठाया।
विज्ञापन
अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के गांव रामहट निवासी लखराम सैनी मजदूरी करते हैं। बिजनौर के नजीबाबाद में उनके साढ़ू रहते हैं। रविवार की सुबह लखराम सैनी साढ़ू के घर जाने के लिए गजरौला रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। उनके साथ पत्नी अनीता, चार वर्षीय बेटा आशु, सात साल का बेटा वासु भी थे। पत्नी अनीता एक पैर से दिव्यांग है। सुबह साढ़े सात बजे परिवार रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहा था। उनको नजीबाबाद यात्री गाड़ी से नजीबाबाद जाना था। इसी बीच प्लेटफार्म-1 पर मुरादाबाद की दिशा में जाने वाली मुरादाबाद यात्री गाड़ी आई। गलती से परिवार उसमें सवार हो गया। कुछ देर ठहरने के बाद मुरादाबाद रवाना होने के लिए ट्रेन चल पड़ी थी। इस बीच परिवार को पता चला कि वह गलत दिशा में जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए हैं। परिवार नीचे उतरने लगा। सबसे पहले लखराम और उनके बाद पत्नी अनीता चलती ट्रेन से नीचे उतरे। उनके बाद सात वर्षीय वासु नीचे उतर गया। माता-पिता और भाई के उतर जाने पर चार वर्षीय आशु भी उतरने लगा। इस दौरान प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच गिर जाने के कारण उसका बायां पैर कट गया।
विज्ञापन
हादसा देख रेलवे के अधिकारी व कर्मचारी दौड़ पड़े। सूचना एंबुलेंस को दी गई। कुछ ही देर में सरकारी एंबुलेंस मौके पर पहुंची। घायल बालक को तुरंत सीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां से उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। आरपीएफ ने पुष्टि करते हुए कहा कि बालक के पैर कट जाने का मामला सामने आया है।
विज्ञापन
ट्रेन रुक जाती तो नहीं होता दुखद हादसा
चलती ट्रेन से गिर कर बालक का पैर कट जाने के कारण जहां परिवार की लापरवाही सामने आई। वहीं लोगों का कहना है कि इसके लिए रेलवे का गार्ड भी कम जिम्मेदार नहीं है। जब चलती ट्रेन से परिवार उतर रहा था तो उस समय ट्रेन ने रफ्तार नहीं भरी थी। परिवार की जान की परवाह करते हुए गार्ड को यात्री गाड़ी रुकवा देनी चाहिए थी। अगर वह ऐसा कर देता तो शायद बालक के साथ हादसा न होता। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक परिवार को चलती ट्रेन से उतरते देखने के बाद भी गार्ड ने रुकवाने के लिए कदम नहीं उठाया।