पूर्व बसपा सांसद दानिश अली: 'मायावती किस दबाव में आकाश आनंद पर ऐसे फैसले ले रहीं, उनके बारे में सबको पता'
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित कर दिया। इस पर पूर्व सांसद दानिश अली ने कहा कि मायावती के स्वभाव के बारे में सभी जानते हैं। उन्होंने किस दवाब में यह फैसला लिया यह सार्वजनिक है। मायावती ने आकाश पर ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में रहने का आरोप लगाया। आकाश की प्रतिक्रिया को मायावती ने स्वार्थी और अहंकारी बताया।
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अमरोहा के पूर्व बसपा सांसद दानिश अली ने मायावती द्वारा उनके भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित किए जाने पर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि यह बसपा का आंतरिक मामला है। मायावती के स्वभाव के बारे में हर कोई जानता है। हर किसी को मालूम है कि वह ऐसे फैसले क्यों ले रही हैं और वे किस दबाव में हैं।
दानिश अली मार्च में बसपा को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। 2019 में सांसद दानिश अली गठबंधन के तहत बसपा से चुनाव लड़े। यहां उन्होंने जीत हासिल की थी। वह मूल रूप से हापुड़ के रहने वाले हैं। उनके दादा महमूद अली विधायक और फिर 1977 में हापुड़ लोकसभा सीट से सांसद रहे।
#WATCH | अमरोहा, उत्तर प्रदेश: कांग्रेस नेता कुंवर दानिश अली ने बसपा प्रमुख मायावती द्वारा उनके भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित किये जाने पर कहा, "यह बसपा का आंतरिक मामला है... मायावती के स्वभाव के बारे में हर कोई जानता है। हर किसी को मालूम है कि वे ऐसे फैसले क्यों ले रही… pic.twitter.com/vz21594nMQ
विज्ञापन विज्ञापन— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 3, 2025
बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को भजीते आकाश को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया था। इसके बाद आकाश ने सोमवार को उनके फैसले पर प्रतिक्रिया दी। इससे नाराज होकर मायावती ने उन्हें बसपा से निष्कासित करने का फैसला ले लिया। मायावती ने बताया कि आकाश को पार्टी हित से ज्यादा बसपा से निकाले गए अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में रहने के कारण सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया था। उन्हें इसका पश्चाताप कर परिपक्वता दिखानी थी। इसके उलट फैसले पर आकाश की प्रतिक्रिया उनके ससुर के प्रभाव वाली स्वार्थी व अहंकारी बयानबाजी है।
आकाश आनंद ने ये दिया था बयान
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि मैं पार्टी के सभी लोगों को ऐसी बयानबाजी से बचने की सलाह देने के साथ ही दंडित भी करती रही हूं। लिहाजा डॉ. भीमराव आंबेडकर के आत्मसम्मान व स्वाभिमानी मूवमेंट के हित में तथा कांशीराम की अनुशासन परंपरा को निभाते हुए आकाश को पार्टी से निकाल दिया गया है।
मेरे लिए अब बड़ी चुनौती है : आकाश
आकाश ने मायावती के फैसले पर सोशल मीडिया पर लिखा कि मैं उनका काडर हूं। उनके नेतृत्व में त्याग, निष्ठा और समर्पण के सबक सीखे हैं। उनके हर फैसले का सम्मान करता हूं। पार्टी के सभी पदों से मुक्त करने का निर्णय मेरे लिए भावनात्मक है। मेरे लिए अब बड़ी चुनौती भी है। परीक्षा कठिन है और लड़ाई लंबी है। ऐसे में धैर्य और संकल्प ही सच्चे साथी हैं।