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अब वन भूमि पर कब्जा कराने में फॉरेस्ट गार्ड निलंबित
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sat, 03 Dec 2016 11:40 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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हसनपुर तहसील क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर माफिया का कब्जा कराने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। माफिया से मिलीभगत के चलते कब्जा कराने के आरोप में प्रभागीय वन अधिकारी ने फॉरेस्ट गार्ड को निलंबित कर दिया है।
एक दिन पूर्व वन संरक्षक/ क्षेत्रीय निदेशक (मुरादाबाद मंडल) ने डिप्टी रेंजर को सस्पेंड किया था। अभी कार्रवाई यहीं पर नहीं थमी है। जल्दी ही कई और अफसर व कर्मचारी कार्रवाई की जद में आने वाले हैं।तहसील क्षेत्र के जेबड़ा, बिहारीपुर-पथरा में वन विभाग की 53 सौ बीघे जमीन पर माफिया का अवैध कब्जा कराना अब विभागीय अफसरों और कर्मचारियों के लिए गले की फांस बनता जा रहा है। अब इनको एक तरफ कुआं और दूसरी ओर खाई नजर आ रही है।
विभाग की जमीन से कब्जा हटवाने पर नेताओं की नाराजगी और छोड़ने पर आला अफसरों द्वारा कार्रवाई का डंडा चल रहा है। इसी का शिकार एक दशक से डटे डिप्टी रेंजर हरीश मेहता हो गए। अब जमीन पर माफिया का अवैैध कब्जा कराने के आरोप में प्रभागीय वन अधिकारी मोहम्मद उमर खान ने देहरी गुर्जर के फॉरेस्ट गार्ड सुरेश राम को सस्पेंड कर दिया है।
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डीएफओ ने बताया कि फॉरेस्ट गार्ड की वन भूमि पर कब्जा करने वालों से मिलीभगत सामने आने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। मालूम हो कि विभाग की जमीन पर कब्जेदार माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर एक दिन पूर्व डिप्टी रेंजर हरीश मेहता नप गए।
उनको वन संरक्षक/ क्षेत्रीय निदेशक (मुरादाबाद मंडल) ने वन विभाग की जमीन पर कब्जा कराने के आरोप में सस्पेंड कर दिया। सूत्रों के अनुसार कई और भी अफसर तथा कर्मचारी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। उनकी जांच चल रही है। उन पर प्रथम दृष्टया माफिया से कब्जे की पुष्टि भी हो गई है।
हसनपुर तहसील के देहरी गुर्जर का फॉरेस्ट गार्ड वन विभाग की जमीन पर माफिया का कब्जा कराने में लिप्त पाया गया। जिसके चलते उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
-मोहम्मद उमर खान, प्रभागीय वन अधिकारी।
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एक दिन पूर्व वन संरक्षक/ क्षेत्रीय निदेशक (मुरादाबाद मंडल) ने डिप्टी रेंजर को सस्पेंड किया था। अभी कार्रवाई यहीं पर नहीं थमी है। जल्दी ही कई और अफसर व कर्मचारी कार्रवाई की जद में आने वाले हैं।तहसील क्षेत्र के जेबड़ा, बिहारीपुर-पथरा में वन विभाग की 53 सौ बीघे जमीन पर माफिया का अवैध कब्जा कराना अब विभागीय अफसरों और कर्मचारियों के लिए गले की फांस बनता जा रहा है। अब इनको एक तरफ कुआं और दूसरी ओर खाई नजर आ रही है।
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विभाग की जमीन से कब्जा हटवाने पर नेताओं की नाराजगी और छोड़ने पर आला अफसरों द्वारा कार्रवाई का डंडा चल रहा है। इसी का शिकार एक दशक से डटे डिप्टी रेंजर हरीश मेहता हो गए। अब जमीन पर माफिया का अवैैध कब्जा कराने के आरोप में प्रभागीय वन अधिकारी मोहम्मद उमर खान ने देहरी गुर्जर के फॉरेस्ट गार्ड सुरेश राम को सस्पेंड कर दिया है।
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डीएफओ ने बताया कि फॉरेस्ट गार्ड की वन भूमि पर कब्जा करने वालों से मिलीभगत सामने आने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। मालूम हो कि विभाग की जमीन पर कब्जेदार माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर एक दिन पूर्व डिप्टी रेंजर हरीश मेहता नप गए।
उनको वन संरक्षक/ क्षेत्रीय निदेशक (मुरादाबाद मंडल) ने वन विभाग की जमीन पर कब्जा कराने के आरोप में सस्पेंड कर दिया। सूत्रों के अनुसार कई और भी अफसर तथा कर्मचारी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। उनकी जांच चल रही है। उन पर प्रथम दृष्टया माफिया से कब्जे की पुष्टि भी हो गई है।
हसनपुर तहसील के देहरी गुर्जर का फॉरेस्ट गार्ड वन विभाग की जमीन पर माफिया का कब्जा कराने में लिप्त पाया गया। जिसके चलते उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
-मोहम्मद उमर खान, प्रभागीय वन अधिकारी।