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आसमान में छाई धुंध ने थाम दी जिंदगी की रफ्तार
ब्यूरो अमर उजाला/ अमरोहा/गजरौला।
Updated Fri, 10 Nov 2017 02:14 AM IST
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गजरौला में गुरुवार को हाईवे से धुंध के बीच से गुजरते वाहन।
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दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में फैले प्रदूषण की वजह से आसमान में छाई धुंध का असर जिले में भी नजर आ रहा है। तीन दिनों से धुंध छाई है। इससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धुंध की वजह से मानों जिंदगी ठहर सी गई है।
एक ओर जहां इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है वहीं दूसरी ओर बच्चों को भी घनी धुंध में स्कूल भेजना खतरे से खाली नहीं है।
मौसम के मिजाज में बदलाव हो रहा है। तीसरे दिन भी फिजा में धुंध की चादर सुबह दस बजे तक छाई रही। दोपहर में सूर्य की किरणें निकलीं तो जिंदगी ने कुछ रफ्तार पकड़ी। सुबह के वक्त छाई धुंध ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बस हो या फिर ट्रेन, हरेक वाहन धुंध की वजह से देरी से चल रही हैं। मुसाफिर वाहनों का इंतजार करते-करते परेशान हो जाते हैं। कामकाजी लोग समय से दफ्तर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
शाम ढलते ही फिर फिजां में धुंध छा जाती है। नेशनल हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। रेंग-रेंगकर वाहन चलते हैं। वहीं स्कूली बच्चों को घनी धुंध में वाहन स्कूल लेकर जाते हैं इससे हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। दूर की छोड़िए धुंध की वजह से पास के वाहन भी नहीं दिख पाते हैं। बच्चों को लेकर अभिभावक भी बेचैन रहते हैं।
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गजरौला में सुबह चार बजे से दस बजे तक पास का भी साफ नजर नहीं आ रहा था। इसका सीधा असर सड़क यातायात पर पड़ा। इसके चलते हाइवे पर वाहन रेंगते नजर आए। रोडवेज बसों का संचालन भी प्रभावित हुआ। दिल्ली की ओर से आने वाली और यहां से जाने वाली बसें भी धुंध की वजह से समय से नहीं निकल सकीं। वहीं, धुंध की वजह से हाइवे पर वाहन लाइटें जलाकर चल रहे थे। वाहनों की रफ्तार भी बेहद धीमी रही। इससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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एक ओर जहां इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है वहीं दूसरी ओर बच्चों को भी घनी धुंध में स्कूल भेजना खतरे से खाली नहीं है।
मौसम के मिजाज में बदलाव हो रहा है। तीसरे दिन भी फिजा में धुंध की चादर सुबह दस बजे तक छाई रही। दोपहर में सूर्य की किरणें निकलीं तो जिंदगी ने कुछ रफ्तार पकड़ी। सुबह के वक्त छाई धुंध ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बस हो या फिर ट्रेन, हरेक वाहन धुंध की वजह से देरी से चल रही हैं। मुसाफिर वाहनों का इंतजार करते-करते परेशान हो जाते हैं। कामकाजी लोग समय से दफ्तर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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शाम ढलते ही फिर फिजां में धुंध छा जाती है। नेशनल हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। रेंग-रेंगकर वाहन चलते हैं। वहीं स्कूली बच्चों को घनी धुंध में वाहन स्कूल लेकर जाते हैं इससे हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। दूर की छोड़िए धुंध की वजह से पास के वाहन भी नहीं दिख पाते हैं। बच्चों को लेकर अभिभावक भी बेचैन रहते हैं।
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गजरौला में सुबह चार बजे से दस बजे तक पास का भी साफ नजर नहीं आ रहा था। इसका सीधा असर सड़क यातायात पर पड़ा। इसके चलते हाइवे पर वाहन रेंगते नजर आए। रोडवेज बसों का संचालन भी प्रभावित हुआ। दिल्ली की ओर से आने वाली और यहां से जाने वाली बसें भी धुंध की वजह से समय से नहीं निकल सकीं। वहीं, धुंध की वजह से हाइवे पर वाहन लाइटें जलाकर चल रहे थे। वाहनों की रफ्तार भी बेहद धीमी रही। इससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।