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Amroha News: गांव में घुसा बाढ़ का पानी, स्कूल नहीं जा पा रहे बच्चे
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मंडी धनौरा (अमरोहा)।
तहसील के खादर क्षेत्र में गंगा नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ की वजह से हालात बेहद खराब हैं। ग्रामीणों को कमर तक पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। गांवों में पानी आने के चलते बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे है। ग्रामीणों को पशुओं के लिए चारा लाने में भारी परेशानी हो रही है। वहीं गांव मुकारमपुर में हालत ज्यादा खराब है।
बिजनौर बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण खादर क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस आया है। गांव पपसरी खादर निवासी जितेंद्र सिंह ने बताया कि जंगल में करीब पांच फीट तक पानी है। वहीं मुकारमपुर निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार रात से जलस्तर बढ़ रहा है। शनिवार सुबह तक गांव में करीब दो फीट तक बाढ़ का पानी भर गया था। गांव का प्राइमरी स्कूल भी जलमग्न है। हालांकि बाढ़ के पानी से होकर आए शिक्षक ने शिक्षण कार्य करने की बात कही है। बच्चे यूनिफार्म में पानी से होकर ही गुजरे। निजी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राएं बसें नहीं आने की वजह से स्कूल नहीं जा पाए। चारा व गन्ने की फसल पूरी तरह जलमग्न है। ग्रामीणों की मांग के बावजूद अभी तक नाव की व्यवस्था नहीं कराई गई है।
एंबुलेंस के न मिलने पर गर्भवर्ती को बाइक से ले जाना पड़ा
गांव शाहजहांपुर निवासी ऋषिपाल की पत्नी अंशु को शनिवार को प्रसव पीड़ा हुई, तो उन्होंने अस्पताल में भर्ती होने के लिए एंबुलेंस को फोन किया। चालक पानी का स्तर देखकर वापस लौटने लगा तो परिजनों ने उसे वहीं रुकने का अनुरोध किया। इसके बाद परिजन अंशु को बाइक से लेकर किसी तरह पानी से बाहर निकले और फिर एंबुलेंस से लेकर अस्पताल पहुंचे।
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तहसील के खादर क्षेत्र में गंगा नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ की वजह से हालात बेहद खराब हैं। ग्रामीणों को कमर तक पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। गांवों में पानी आने के चलते बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे है। ग्रामीणों को पशुओं के लिए चारा लाने में भारी परेशानी हो रही है। वहीं गांव मुकारमपुर में हालत ज्यादा खराब है।
बिजनौर बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण खादर क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस आया है। गांव पपसरी खादर निवासी जितेंद्र सिंह ने बताया कि जंगल में करीब पांच फीट तक पानी है। वहीं मुकारमपुर निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार रात से जलस्तर बढ़ रहा है। शनिवार सुबह तक गांव में करीब दो फीट तक बाढ़ का पानी भर गया था। गांव का प्राइमरी स्कूल भी जलमग्न है। हालांकि बाढ़ के पानी से होकर आए शिक्षक ने शिक्षण कार्य करने की बात कही है। बच्चे यूनिफार्म में पानी से होकर ही गुजरे। निजी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राएं बसें नहीं आने की वजह से स्कूल नहीं जा पाए। चारा व गन्ने की फसल पूरी तरह जलमग्न है। ग्रामीणों की मांग के बावजूद अभी तक नाव की व्यवस्था नहीं कराई गई है।
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एंबुलेंस के न मिलने पर गर्भवर्ती को बाइक से ले जाना पड़ा
गांव शाहजहांपुर निवासी ऋषिपाल की पत्नी अंशु को शनिवार को प्रसव पीड़ा हुई, तो उन्होंने अस्पताल में भर्ती होने के लिए एंबुलेंस को फोन किया। चालक पानी का स्तर देखकर वापस लौटने लगा तो परिजनों ने उसे वहीं रुकने का अनुरोध किया। इसके बाद परिजन अंशु को बाइक से लेकर किसी तरह पानी से बाहर निकले और फिर एंबुलेंस से लेकर अस्पताल पहुंचे।
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