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Amroha News: घर में ही गेहूं के बोरों के नीचे दबकर पांच साल के बच्चे की माैत, कोहराम

Fri, 13 Feb 2026 01:29 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी धनौरा(अमरोहा)
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी धनौरा(अमरोहा) Published by: मुरादाबाद ब्यूरो Updated Fri, 13 Feb 2026 01:29 AM IST
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Five-year-old boy dies after being buried under sacks of wheat at home, chaos ensues

घर में बने राशन के गोदाम में खेलते समय गिरे गेहूं के बोरों के नीचे दबकर पांच साल के सार्थक की मौत हो गई। दो घंटे तक नजर नहीं आने पर परिजन गोदाम में पहुंचे तो उन्हें बच्चे के दबे होने की जानकारी मिली। परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत से घर में कोहराम मच गया।

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नगर के मोहल्ला सुभाष नगर में राशन विक्रेता गंगादान उपाध्याय अपने परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने घर के एक हिस्से में राशन का सामान रखने के लिए गोदाम बना रखा है। उनके बड़े बेटे विनीत उपाध्याय का पांच साल का पुत्र सार्थक है। वह सरस्वती शिशु मंदिर में नर्सरी का छात्र था।
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बुधवार की देर शाम घर पर ही खेल रहा था। खेलते-खेलते वह राशन के गोदाम के भीतर चला गया। वह गेहूं के बोरे पर चढ़ने का प्रयास करने लगा। इस दौरान गेहूं के बोरे उसके ऊपर गिर गए। मासूम बालक उन बोरों के नीचे दब गया। स्वयं को बचाने की मासूम की चीख गोदाम के भीतर ही दब कर रह गई।
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करीब दो घंटे तक सार्थक के दिखाई नहीं देने पर परिजनों की उसकी तलाश की। तलाशी के दौरान परिजनों को गेहूं के बाेरों के नीचे मासूम की चप्पल दिखाई दी। गेहूं के बोरे हटा कर देखा तो सार्थक उनके नीचे दबा पड़ा था। परिजन तत्काल उसे निजी चिकित्सक के पास ले गए।

उसने हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। परिजन मासूम को अमरोहा ले गए। वहां भी चिकित्सक ने उसको मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक द्वारा मृत घोषित करने पर मां बेसुध होकर गिर गई। परिजन एक दूसरे से लिपट कर रोने लगे।

पिता बोले, बेटे का रिजल्ट आने वाला था
पहली बेटी के बाद सार्थक का जन्म हुआ था। बेटे के जन्म पर पूरे परिवार ने जमकर खुशियां मनाई थीं। लेकिन हमें क्या पता था कि भगवान उसको इतनी जल्दी हमसे छीन लेगा। यह दर्द सार्थक के पिता विनीत उपाध्याय का है। विनीत ने सुबकते हुए बताया कि सार्थक का पिछले साल ही सरस्वती शिशु मंदिर में नर्सरी में एडमिशन कराया था।

अब उसका रिजल्ट आने वाला था। विनीत उपाध्याय ने बताया कि जब वे गोदाम में पहुंचे तो उसके शरीर पर गेहूं के तीन बोरे पड़े हुए थे। वह कहते है कि मेरे फूल जैसे बेटे ने डेढ़ क्विंटल वजन अपने शरीर पर कैसे झेला होगा। मासूम की चीख भी गेहूं के बोरे व गोदाम के भीतर ही दबकर रह गई।  

बच्चों को लेकर बरती जाने वाली सावधानियां
-छोटे बच्चों को पानी से भरी बाल्टी या टब से दूर रखें।
-बिजली के प्लग व तार आदि से दूर रखें।
-बगैर रेलिंग पर छत पर ले जाते समय बच्चे पर नजर रखें।
-कीटनाशक व अन्य हानिकारक दवा व कैमिकल बच्चों की पहुंच से दूर रखें। 
-घर में ऐसे किसी स्थान पर जाने न दें जहां कोई भारी वस्तु रखी हो।

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