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तीन दशक में पहली सरकार जिसमें अमरोहा का नहीं बना मंत्री
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कई सरकारों के मंत्रालयों में अहम स्थान रखने वाला जनपद योगी सरकार 2.0 में अपना प्रतिनिधित्व नहीं रख सका। इस बार जनपद के किसी भी विधायक को योगी सरकार में मंत्री नहीं बनाया गया, जबकि बीते तीस साल से एक दो अपवाद छोड़ दिए जाएं तो चाहे सपा, बसपा, भाजपा सरकार की बनी, अमरोहा जिले से कोई न कोई मंत्री जरूर बना। सबसे अधिक सपा की सरकार में अमरोहा का दबदबा रहा। दो बार दो-दो कैबिनेट मंत्री बनाकर जिले को सम्मान दिया।
चार विधानसभा सीट वाला अमरोहा जिला कई अन्य मामलों में भले ही पिछड़ा हुआ है, लेकिन राजनीतिक रूप से मजबूती में मंडल के जिलों में हमेशा आगे रहा है। जिला सृजन से पहले से अब तक प्रदेश में जितनी भी सरकार बनीं, जनपद का कोई न कोई चेहरा मंत्री जरूर बनाया गया। मुलायम सिंह यादव की पहली, दूसरी और तीसरी सरकार रही हो। खादगुर्जर निवासी मास्टर अख्तर हुसैन कहते हैं कि 1991 में मुलायम सिंह यादव की सरकार में गजरौला निवासी रमाशंकर कौशिक उच्च शिक्षा मंत्री बने। इसी सरकार में पपसरा निवासी चौधरी चंद्रपाल सिंह को दुग्ध विकास मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया। हालांकि चंद्रपाल सिंह कांठ से विधायक बने थे, लेकिन उस वक्त कांठ का अधिकांश भाग अमरोहा जिले में पड़ता था। इसके अलावा उस समय अमरोहा भी मुरादाबाद में ही शामिल था। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गिरीश त्यागी का कहना है किसी एक दो मुख्यमंत्री को छोड़ दिया जाए तो उनकी याद में पहली बार ऐसा हुआ है, जब जिले से किसी भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया। जबकि राजनीतिक रूप से मजबूत अमरोहा जिले में कई बार दो-दो कैबिनेट मंत्री एक साथ रहे हैं। इस बार लोगों को उम्मीद थी कि मंडी धनौरा विधायक राजीव तरारा को मंत्री बनाकर जनपद को प्रदेश सरकार में हिस्सेदारी दी जा सकती थी।
वर्ष सरकार जनपद से बनाए गए मंत्री
1978 बाबू बनारसी दास रमाशंकर कौशिक
1991 मुलायमसिंह यादव रमाशंकर कौशिक
चौधरी चंद्रपाल सिंह
1993 मुलायम सिंह यादव रमाशंकर कौशिक
1996 कल्याण सिंह मंगल सिंह सैनी
राजनाथ सिंह मंगल सिंह सैनी
राम प्रकाश गुप्त मंगल सिंह सैनी
2002 मुलायम सिंह यादव जगराम सिंह
2007 मायावती महबूब अली
2012 अखिलेश यादव महबूब अली
कमाल अख्तर
2017 योगी आदित्यनाथ चेतन चौहान
2022 योगी आदित्यनाथ कोई नहीं
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चार विधानसभा सीट वाला अमरोहा जिला कई अन्य मामलों में भले ही पिछड़ा हुआ है, लेकिन राजनीतिक रूप से मजबूती में मंडल के जिलों में हमेशा आगे रहा है। जिला सृजन से पहले से अब तक प्रदेश में जितनी भी सरकार बनीं, जनपद का कोई न कोई चेहरा मंत्री जरूर बनाया गया। मुलायम सिंह यादव की पहली, दूसरी और तीसरी सरकार रही हो। खादगुर्जर निवासी मास्टर अख्तर हुसैन कहते हैं कि 1991 में मुलायम सिंह यादव की सरकार में गजरौला निवासी रमाशंकर कौशिक उच्च शिक्षा मंत्री बने। इसी सरकार में पपसरा निवासी चौधरी चंद्रपाल सिंह को दुग्ध विकास मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया। हालांकि चंद्रपाल सिंह कांठ से विधायक बने थे, लेकिन उस वक्त कांठ का अधिकांश भाग अमरोहा जिले में पड़ता था। इसके अलावा उस समय अमरोहा भी मुरादाबाद में ही शामिल था। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गिरीश त्यागी का कहना है किसी एक दो मुख्यमंत्री को छोड़ दिया जाए तो उनकी याद में पहली बार ऐसा हुआ है, जब जिले से किसी भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया। जबकि राजनीतिक रूप से मजबूत अमरोहा जिले में कई बार दो-दो कैबिनेट मंत्री एक साथ रहे हैं। इस बार लोगों को उम्मीद थी कि मंडी धनौरा विधायक राजीव तरारा को मंत्री बनाकर जनपद को प्रदेश सरकार में हिस्सेदारी दी जा सकती थी।
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वर्ष सरकार जनपद से बनाए गए मंत्री
1978 बाबू बनारसी दास रमाशंकर कौशिक
1991 मुलायमसिंह यादव रमाशंकर कौशिक
चौधरी चंद्रपाल सिंह
1993 मुलायम सिंह यादव रमाशंकर कौशिक
1996 कल्याण सिंह मंगल सिंह सैनी
राजनाथ सिंह मंगल सिंह सैनी
राम प्रकाश गुप्त मंगल सिंह सैनी
2002 मुलायम सिंह यादव जगराम सिंह
2007 मायावती महबूब अली
2012 अखिलेश यादव महबूब अली
कमाल अख्तर
2017 योगी आदित्यनाथ चेतन चौहान
2022 योगी आदित्यनाथ कोई नहीं