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Amroha News: बिना फिटनेस दौड़ रहे 230 स्कूल वाहन मालिकों पर दर्ज होगी एफआईआर
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अमरोहा। अनफिट स्कूली वाहनों पर परिवहन विभाग बड़ी कार्रवाई करने जा रहा है। बिना फिटनेस दौड़ रहे 230 स्कूली वाहनों मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी है। साथ ही जिन स्कूलों में अनफिट वाहन लगे हुए हैं, उनकी मान्यता रद्द की जाएगी। कार्रवाई के पहले दिन एआरटीओ ने अभियान चलाकर 11 स्कूली वाहनों पर कार्रवाई की। जिसमें आठ सीज कर दिए जबकि तीन का चालान किया गया है।
निजी स्कूल संचालकों ने छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था तो कर ली, लेकिन बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही रहती है। जिले के कुछ स्कूलों को छोड़कर बाकी स्कूलों के वाहनों की गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में करीब 610 स्कूल वाहन पंजीकृत हैं। इसमें बस, वैन व अन्य वाहन शामिल हैं। हैरत की बात ये है कि करीब 230 स्कूली वाहन ऐसे हैं, जिनकी फिटनेस नहीं हो सकी है। जबकि वह सड़कों पर यह फर्राटा भर रहे हैं। इन वाहनों में कैमरे नहीं लगे हैं, जबकि फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं है। स्कूलों की बदइंतजामी और परिवहन विभाग की लापरवाही बच्चों के लिए खतरा बनी हुई है। इतना ही नहीं शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में सैकड़ों वाहन ऐसे हैं, जो रजिस्टर्ड नहीं हैं और वह बिना पंजीकरण के ही दौड़ रही हैं। परिवहन विभाग की ओर से इन 230 वाहनों की पंजीयन निलंबित कर दिया गया है। जबकि 70 प्रतिशत वाहनों के चालान कर दिए गए हैं। बावजूद इसके वाहन मालिक गंभीर नहीं हैं। ऐसे में एआरटी ने बताया कि अनफिट 230 वाहनों के मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही उनकी पंजीयन निरस्त कराने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। जिन स्कूलों में ये अनफिट वाहन लगे हुए हैं, उनकी मान्यता रद्द करने के लिए संस्तुति करते हुए डीआईओएस और डीएम को पत्र लिखा जाएगा।
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निजी स्कूल संचालकों ने छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था तो कर ली, लेकिन बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही रहती है। जिले के कुछ स्कूलों को छोड़कर बाकी स्कूलों के वाहनों की गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में करीब 610 स्कूल वाहन पंजीकृत हैं। इसमें बस, वैन व अन्य वाहन शामिल हैं। हैरत की बात ये है कि करीब 230 स्कूली वाहन ऐसे हैं, जिनकी फिटनेस नहीं हो सकी है। जबकि वह सड़कों पर यह फर्राटा भर रहे हैं। इन वाहनों में कैमरे नहीं लगे हैं, जबकि फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं है। स्कूलों की बदइंतजामी और परिवहन विभाग की लापरवाही बच्चों के लिए खतरा बनी हुई है। इतना ही नहीं शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में सैकड़ों वाहन ऐसे हैं, जो रजिस्टर्ड नहीं हैं और वह बिना पंजीकरण के ही दौड़ रही हैं। परिवहन विभाग की ओर से इन 230 वाहनों की पंजीयन निलंबित कर दिया गया है। जबकि 70 प्रतिशत वाहनों के चालान कर दिए गए हैं। बावजूद इसके वाहन मालिक गंभीर नहीं हैं। ऐसे में एआरटी ने बताया कि अनफिट 230 वाहनों के मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही उनकी पंजीयन निरस्त कराने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। जिन स्कूलों में ये अनफिट वाहन लगे हुए हैं, उनकी मान्यता रद्द करने के लिए संस्तुति करते हुए डीआईओएस और डीएम को पत्र लिखा जाएगा।
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