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Amroha News: लूट की झूठी सूचना देना पड़ा भारी, गिरफ्तार
Wed, 20 May 2026 01:51 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 20 May 2026 01:51 AM IST
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हसनपुर। एक व्यक्ति को लूट की झूठी सूचना देना भारी पड़ गया। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी की की पोल खुल गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
बताते हैं कि रजबपुर थाना क्षेत्र के ग्राम दौलतपुर नहरी निवासी वीरेंद्र सिंह ने सोमवार दोपहर पुलिस को सूचना दी कि वह जिला सहकारी बैंक से केसीसी के माध्यम से 2 लाख 90 हजार रुपये निकालकर बाइक से घर लौट रहा था। तभी ताहरपुर के पास अपाचे बाइक पर सवार बदमाशों ने घेर लिया और मोबाइल छीनकर जमीन फेंक दिया। इसके अलावा रुपयों से भरा थैला लूटकर बदमाश भाग गए।
सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल हो गई। पुलिस ने वीरेंद्र सिंह से घटनाक्रम को लेकर बारीकी से पूछताछ शुरू की, तो वह उलझ गया। उसकी जुबान लड़खड़ाने लगी और बयानों में बड़ा विरोधाभास दिखा। पुलिस ने वीरेंद्र को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया और सच्चाई बता दी। वीरेंद्र ने बताया कि कुछ समय पहले उसने अपने बेटे की सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर एक जालसाज को 22 लाख रुपये दे दिए थे, नौकरी भी नहीं लगी और पैसे भी नहीं वापस हो पाए। जिससे वह कर्ज में डूब गया। कर्जदार पैसे मांगते हैं। उसने बताया कि बैंक से 2.90 लाख रुपये का केसीसी निकाला। इस रकम से उसने किसी एक बड़े कर्जदार का बकाया तो चुका दिया, लेकिन अब बैंक को पैसे ना लौटाने पड़ें इसलिए लूट की कहानी बनाई। सीओ पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी की निशानदेही पर 2 लाख 90 हजार रुपये की रकम बरामद कर ली है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है।
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बताते हैं कि रजबपुर थाना क्षेत्र के ग्राम दौलतपुर नहरी निवासी वीरेंद्र सिंह ने सोमवार दोपहर पुलिस को सूचना दी कि वह जिला सहकारी बैंक से केसीसी के माध्यम से 2 लाख 90 हजार रुपये निकालकर बाइक से घर लौट रहा था। तभी ताहरपुर के पास अपाचे बाइक पर सवार बदमाशों ने घेर लिया और मोबाइल छीनकर जमीन फेंक दिया। इसके अलावा रुपयों से भरा थैला लूटकर बदमाश भाग गए।
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सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल हो गई। पुलिस ने वीरेंद्र सिंह से घटनाक्रम को लेकर बारीकी से पूछताछ शुरू की, तो वह उलझ गया। उसकी जुबान लड़खड़ाने लगी और बयानों में बड़ा विरोधाभास दिखा। पुलिस ने वीरेंद्र को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया और सच्चाई बता दी। वीरेंद्र ने बताया कि कुछ समय पहले उसने अपने बेटे की सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर एक जालसाज को 22 लाख रुपये दे दिए थे, नौकरी भी नहीं लगी और पैसे भी नहीं वापस हो पाए। जिससे वह कर्ज में डूब गया। कर्जदार पैसे मांगते हैं। उसने बताया कि बैंक से 2.90 लाख रुपये का केसीसी निकाला। इस रकम से उसने किसी एक बड़े कर्जदार का बकाया तो चुका दिया, लेकिन अब बैंक को पैसे ना लौटाने पड़ें इसलिए लूट की कहानी बनाई। सीओ पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी की निशानदेही पर 2 लाख 90 हजार रुपये की रकम बरामद कर ली है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है।
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