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Amroha News: पौरारा में 11 दिन में बुखार से पांचवीं मौत
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रहरा। क्षेत्र के गांव पौरारा में जानलेवा बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुखार से आए दिन किसी ना किसी की मौत हो रही है। अब 45 वर्षीय महिला की बुखार से मौत हो गई है। वह डेंगू आशंकित बताई जा रही थी। गांव में बुखार से अब तक पांच मौत होने पर ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
क्षेत्र के गंगा तटबंध के किनारे पर बसे पौरारा गांव में सौ से बुखार के मरीज कम नहीं हो रहे हैं। गांव निवासी अली हसन की मोमिना (45) को आठ दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उपचार के लिए संभल ले गए। जहां लगातार हालत खराब होती चली गई। शनिवार को उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। महिला में डंगू आशंकित बताई जा रही थी। मृतका ने अपने पीछे एक बेटा व एक बेटी छोड़ी है। वहीं गांव में करीब डेढ़ सौ लोग बुखार से पीड़ित हैं। बता दें कि 30 अगस्त को गांव में 65 वर्षीय गोपाल सिंह की बुखार से मौत हो गई थी। चार सितंबर को गांव में सोनाथ की 12 वर्षीय बेटी भूमिका की मौत हो गई थी। सात सितंबर की सुबह गांव निवासी 48 वर्षीय पूर्व प्रधान गंगा प्रसाद की मेरठ के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। सात सितंबर को ही रामकिशोर (50) पुत्र नत्थू की हरियाणा में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। 11 दिन के भीतर गांव में बुखार से पांच लोगों की मौत होने पर ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगाया कैंप
रहरा। क्षेत्र के गांव पौरारा में बुखार के प्रकोप को बढ़ते देख स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में शिविर लगाया। सीएमओ डॉक्टर एसपी सिंह ने गांव पहुंचकर लोगों का हाल जाना। इस दौरान सौ से ज्यादा मरीजों को दवाएं बांटी गई एवं खून की जांच के लिए सैंपल एकत्र किए गए। गांव में सफाई व्यवस्था का बुराहाल है। नियमित रूप से एंटी लार्वा का छिड़काव भी नहीं हो रहा।
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क्षेत्र के गंगा तटबंध के किनारे पर बसे पौरारा गांव में सौ से बुखार के मरीज कम नहीं हो रहे हैं। गांव निवासी अली हसन की मोमिना (45) को आठ दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उपचार के लिए संभल ले गए। जहां लगातार हालत खराब होती चली गई। शनिवार को उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। महिला में डंगू आशंकित बताई जा रही थी। मृतका ने अपने पीछे एक बेटा व एक बेटी छोड़ी है। वहीं गांव में करीब डेढ़ सौ लोग बुखार से पीड़ित हैं। बता दें कि 30 अगस्त को गांव में 65 वर्षीय गोपाल सिंह की बुखार से मौत हो गई थी। चार सितंबर को गांव में सोनाथ की 12 वर्षीय बेटी भूमिका की मौत हो गई थी। सात सितंबर की सुबह गांव निवासी 48 वर्षीय पूर्व प्रधान गंगा प्रसाद की मेरठ के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। सात सितंबर को ही रामकिशोर (50) पुत्र नत्थू की हरियाणा में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। 11 दिन के भीतर गांव में बुखार से पांच लोगों की मौत होने पर ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगाया कैंप
रहरा। क्षेत्र के गांव पौरारा में बुखार के प्रकोप को बढ़ते देख स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में शिविर लगाया। सीएमओ डॉक्टर एसपी सिंह ने गांव पहुंचकर लोगों का हाल जाना। इस दौरान सौ से ज्यादा मरीजों को दवाएं बांटी गई एवं खून की जांच के लिए सैंपल एकत्र किए गए। गांव में सफाई व्यवस्था का बुराहाल है। नियमित रूप से एंटी लार्वा का छिड़काव भी नहीं हो रहा।
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