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Amroha News: बोले किसान, मुआवजा नहीं तो नहर की खोदाई भी नहीं होने देंगे
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अमरोहा। प्रशासन द्वारा गांव रामपुर घना में मध्य गंगा नहर की खोदाई कराने के बाद से ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। भले ही प्रशासन से वार्ता के बाद मामला शांत हो गया हो, लेकिन अब ग्रामीणों ने कमर कस ली है। ग्रामीणों का कहना है कि मुआवजा न मिलने तक नहर की खोदाई नहीं होने दी जाएगी। चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कुर्बानी देनी पड़े।
हालांकि, सोमवार को रामपुर घना में पुलिस तो तैनात नहीं रही, लेकिन ग्रामीण लगातार नजरें रखे हुए हैं। उधर, कूबी में महिलाओं की भूख हड़ताल जारी रही और ग्रामीण भी उन्हें समर्थन देने पहुंचे।
रजबपुर के गांव गांव कूबी, रामपुर घना व मोहनपुर के ग्रामीण की जमीन वर्ष 2011 में मध्य गंगा नहर के लिए अधिग्रहित कर ली गई थी। लेकिन उस समय यहां के ग्रामीणों को मुआवजा नहीं दिया था। अब प्रशासन उनको पहले सर्किल रेट से ही जमीन के मुआवजा दे रहा है। जबकि किसान मौजूदा सर्किल रेट के हिसाब से चार गुना अधिक मुआवजा मांंग रहे हैं। इसके लिए किसानों का आंदोलन चल रहा है। इसी बीच रविवार को पुलिस प्रशासन अचानक जेसीबी लेकर नहर की खोदाई करने पहुंच गया था। इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीण महिलाओं संग वहां पहुंच गए थे। ग्रामीणों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हुई। महिलाएं जेसीबी के सामने लेट गईं और किसानों ने डीजल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया। जिसके बाद अधिकारी बैक फुट पर आ गए। हालांकि, उन्होंने एडीएम राजस्व व वित्त पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए कलक्ट्रेट भी धरना दिया था। पांच घंटे बाद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा वार्ता करते हुए ग्रामीणों से माफी मांगी। उसके बाद ग्रामीण शांत हुए। उधर, प्रशासन द्वारा अचानक की गई कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा पनपा हुआ है।
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सोमवार को कूबी में भूख हड़ताल पर बबीता, निर्मला, अनु, मोनिका बैठीं। साथ ही कौशल के अलावा वहां मौजूद सतपाल सिंह, सूरज, नरेंद्र, कुलदीप, आशीष, कविंदर, राजवीर, राजेंद्र आदि का कहना है कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक वह नहीं मानेंगे और न ही नहर की खोदाई करने दी जाएगी।
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कार्रवाई की हो रही तैयारी
प्रशासन द्वारा शुरू कराई गई नहर खोदाई का जिस तरह से ग्रामीणों ने विरोध किया, उससे आशंका जताई जा रही है कि ग्रामीणों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इस दौरान कुछ महिलाएं जेसीबी के आगे लेट गईं तो ग्रामीणों ने डीजल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि प्रशासन के पास इनकी वीडियो है। जिसके आधार पर प्रशासन ग्रामीणों पर कार्रवाई कर सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि वह प्रशासन की हर कार्रवाई के लिए तैयार हैं।
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फिलहाल नहर खोदाई के कार्य को रोक दिया गया है। ग्रामीणों से सहमति वार्ता के बाद ही अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी। किसान चार गुना मुआवजा मांग रहे हैं, लेकिन उनकी मांग नियम विरुद्ध है। हालांकि, उच्चाधिकारियों से इस संबंध में वार्ता की जा रही है। ग्रामीणों पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
-राजेश कुमार त्यागी, डीएम, अमरोहा
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हालांकि, सोमवार को रामपुर घना में पुलिस तो तैनात नहीं रही, लेकिन ग्रामीण लगातार नजरें रखे हुए हैं। उधर, कूबी में महिलाओं की भूख हड़ताल जारी रही और ग्रामीण भी उन्हें समर्थन देने पहुंचे।
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रजबपुर के गांव गांव कूबी, रामपुर घना व मोहनपुर के ग्रामीण की जमीन वर्ष 2011 में मध्य गंगा नहर के लिए अधिग्रहित कर ली गई थी। लेकिन उस समय यहां के ग्रामीणों को मुआवजा नहीं दिया था। अब प्रशासन उनको पहले सर्किल रेट से ही जमीन के मुआवजा दे रहा है। जबकि किसान मौजूदा सर्किल रेट के हिसाब से चार गुना अधिक मुआवजा मांंग रहे हैं। इसके लिए किसानों का आंदोलन चल रहा है। इसी बीच रविवार को पुलिस प्रशासन अचानक जेसीबी लेकर नहर की खोदाई करने पहुंच गया था। इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीण महिलाओं संग वहां पहुंच गए थे। ग्रामीणों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हुई। महिलाएं जेसीबी के सामने लेट गईं और किसानों ने डीजल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया। जिसके बाद अधिकारी बैक फुट पर आ गए। हालांकि, उन्होंने एडीएम राजस्व व वित्त पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए कलक्ट्रेट भी धरना दिया था। पांच घंटे बाद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा वार्ता करते हुए ग्रामीणों से माफी मांगी। उसके बाद ग्रामीण शांत हुए। उधर, प्रशासन द्वारा अचानक की गई कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा पनपा हुआ है।
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सोमवार को कूबी में भूख हड़ताल पर बबीता, निर्मला, अनु, मोनिका बैठीं। साथ ही कौशल के अलावा वहां मौजूद सतपाल सिंह, सूरज, नरेंद्र, कुलदीप, आशीष, कविंदर, राजवीर, राजेंद्र आदि का कहना है कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक वह नहीं मानेंगे और न ही नहर की खोदाई करने दी जाएगी।
कार्रवाई की हो रही तैयारी
प्रशासन द्वारा शुरू कराई गई नहर खोदाई का जिस तरह से ग्रामीणों ने विरोध किया, उससे आशंका जताई जा रही है कि ग्रामीणों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इस दौरान कुछ महिलाएं जेसीबी के आगे लेट गईं तो ग्रामीणों ने डीजल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि प्रशासन के पास इनकी वीडियो है। जिसके आधार पर प्रशासन ग्रामीणों पर कार्रवाई कर सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि वह प्रशासन की हर कार्रवाई के लिए तैयार हैं।
फिलहाल नहर खोदाई के कार्य को रोक दिया गया है। ग्रामीणों से सहमति वार्ता के बाद ही अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी। किसान चार गुना मुआवजा मांग रहे हैं, लेकिन उनकी मांग नियम विरुद्ध है। हालांकि, उच्चाधिकारियों से इस संबंध में वार्ता की जा रही है। ग्रामीणों पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
-राजेश कुमार त्यागी, डीएम, अमरोहा