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Amroha News: हड़ताली लेखपाल के खिलाफ निकले किसान, हाईवे पर लगाया जाम

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 31 Oct 2024 03:00 AM IST
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Farmers came out against the striking Lekhpal and blocked the highway
रजबपुर (अमरोहा)।
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नौगांवा सादात पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठे लेखपालों के विरोध में अब किसान संगठनों ने मोर्चा खोल दिया हैं। भारतीय किसान यूनियन चौहान के पदाधिकारियों व किसानों ने अवैध वसूली के लिए गलत तरीके से ट्रैक्टर-ट्राॅली पकड़ने का आरोप लगाकर हाईवे जाम कर दिया। लेखपाल व तहसीलदार को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई करने की मांग की। हाईवे पर करीब 40 मिनट हाईवे तक आक्रोशित किसानों का कब्जा रहा।
उधर, जाम के चलते हाईवे पर वाहनों की लाइन लग गई। किसानों ने तहसीलदार और लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। पांच दिन पहले नौगांवा सादात तहसील में तैनात लेखपाल ने मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्राॅली पकड़ी थी और किसान पर अवैध खनन करने का आरोप लगाकर ट्रैक्टर-ट्राॅली को नौगांवा सादात थाने में खड़ा करा दिया था। जबकि, किसान को मिट्टी उठाने की अनुमति थी। इस दौरान लेखपाल और पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक हुई थी। जिसके बाद लेखपाल नौगांवा सादात इंस्पेक्टर और हेड मोहर्रिर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे। तीन दिन से लेखपालों का तहसील स्तर पर धरना चल रहा है। वहीं, अब किसान संगठन लेखपालों के विरोध में उतर आए हैं। बुधवार को भाकियू चौहान के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी उम्मेद सिंह के नेतृत्व में पदाधिकारी और किसान कलक्ट्रेट में डीएम निधि गुप्ता से वार्ता करने पहुंचे। लेकिन, डीएम से वार्ता नहीं होने पर किसान आक्रोशित हो गए।
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आक्रोशित किसान जोया टोल प्लाजा पर पहुंचे और हाईवे जाम कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि लेखपाल ने जिस मिट्टी भरी ट्रैक्टर-ट्राॅली को पकड़ा था, किसान के पास उसकी परमिशन है। लेखपाल ने वसूली करने के लिए ट्रैक्टर-ट्राॅली पकड़ी थी। किसान ने कहा, अवैध खनन पकड़ने का काम लेखपाल नहीं खनन अधिकारी का है। आरोप लगाया कि प्रकरण में तहसीलदार सादात लकी सिंह का रवैया भी सही नहीं है। इसलिए तहसीलदार और संबंधित लेखपालों को निलंबित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उधर, हाईवे जाम करने की सूचना पर अधिकारी मौके पर पहुंचे। हाईवे पर करीब 40 मिनट तक किसानों का कब्जा रहा। कुछ ही देर में वाहनों की लाइन लग गई। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर सुधीर कुमार मौके पर पहुंचे और आक्रोशित किसानों को समझाकर शांत किया। मामले की जांच कर तहसीलदार व लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान हेमेंद्र चौधरी, रविंदर सिंह, आदेश कुमार, कृष्णपाल आदि किसान मौजूद रहे।
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तहसीलदार-लेखपाल के अपने नियम कानून : उम्मेद
भाकियू चौहान के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी उम्मेद सिंह ने कहा कि सरकार लगातार अधिकारियों से किसान के मिट्टी उठाने पर उनका उत्पीड़न नहीं करने की बात कहती है। लेकिन, नौगांवा सादात की तहसीलदार और लेखपाल के नियम सरकार के ऊपर हैं। उनके अपने नियम कानून हैं। अनुमति होने के बाद भी लेखपाल गलत तरीके से मिट्टी भरी ट्रैक्टर-ट्राॅली पकड़ती है। किसान अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इस कारनामे के पीछे तहसीलदार का हाथ है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आरोप- लेखपालों के गलत रवैये के कारण नहीं होता विवादों का निपटारा
किसानों का आरोप है कि लेखपालों की मनमानी किसी से छिपी नहीं हैं। गांव-गांव मेड़ पर विवाद हैं। सरकारी चकरोड और जमीनों पर अवैध कब्जे हैं। लेखपालों के गलत रवैये के कारण विवादों का निपटारा नहीं होता। पीड़ित अपनी जायज मांग को लेकर अधिकारियों के दफ्तरों में चक्कर काटते हैं और लेखपाल फर्जी रिपोर्ट लगाकर शिकायतों का निस्तारण कर देते हैं। जो कार्य लेखपालों के करने है, उसे इमानदारी से करने की बजाय अवैध वसूली करने पर ध्यान रहता है।

मंझनपुर चौराहे से आटो से जाते मुसाफिर।     संवाद

मंझनपुर चौराहे से आटो से जाते मुसाफिर। संवाद

मंझनपुर चौराहे से आटो से जाते मुसाफिर।     संवाद

मंझनपुर चौराहे से आटो से जाते मुसाफिर। संवाद

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