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बेटे पर कर्ज के तगादा-तंजों से आहत किसान ने फंदे पर लटकर जान दी
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ढबारसी(अमरोहा)। बेटे पर उधारी के कर्ज के तकाजों और तंजों से आहत किसान ने फंदे पर लटकर आत्महत्या कर ली। रविवार को किसान का शव गेहूं के खेत में रखे यूकेलिप्टस के पेड़ पर फंदे से लटका मिला। खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
यह घटना आदमपुर थानाक्षेत्र के कोकापुर की मढै़या गांव की है। यहां पर प्यारेलाल (60) का परिवार रहता है। वह मध्यम वर्ग के किसान थे। उनके परिवार में पत्नी रामवती के अलावा चार बच्चे हैं। बताते हैं उनके बेटे उदयपाल ने गांव के कुछ लोगों लाखों रुपये उधर लिए थे। डेढ़ साल पहले किसान ने तीन बीघा जमीन बेचकर कुछ लोगों का कर्जा चुकता कर दिया। जबकि कई लोगों के चार लाख रुपये बकाया रह गए थे। इसी बीच उदयपाल नोएडा में मजदूरी करने चला गया। पांच दिन पहले ही वह घर लौटा था। बताते है कि उदयपाल के घर लौटते ही लोगों ने अपने रुपये के लिए फिर तकाजा शुरू कर दिया। जिसको लेकर शुक्रवार को उदयपाल और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक भी हुई थी। शनिवार की शाम किसान प्यारेलाल अलाव ताप रहे थे। तभी ग्रामीण वहां पहुंच गए और अपने रुपये के लिए तरह-तरह के तंज कसने लगे। उस समय तो मामला निपट गया।
प्यारेलाल सोने चले गए। वह पशुशाला में अकेले सोते थे। रविवार की सुबह परिजन पशुशाला पर चाय लेकर पहुंचे तो वह गायब थे। परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। तभी उनका शव गांव निवासी विजयपाल के गेहूं के खेत में खड़े यूकेलिप्टस के पेड़ पर लटकता हुआ मिला। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। घटनास्थल पर जांच पड़ताल की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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इंस्पेक्टर पंकज वर्मा ने बताया कि बेटे की तहरीर पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। बेटे पर कितना कर्ज था और किस-किस का है। इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल इस संबंध में लिखित में कोई आरोप सामने नहीं आया है।
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यह घटना आदमपुर थानाक्षेत्र के कोकापुर की मढै़या गांव की है। यहां पर प्यारेलाल (60) का परिवार रहता है। वह मध्यम वर्ग के किसान थे। उनके परिवार में पत्नी रामवती के अलावा चार बच्चे हैं। बताते हैं उनके बेटे उदयपाल ने गांव के कुछ लोगों लाखों रुपये उधर लिए थे। डेढ़ साल पहले किसान ने तीन बीघा जमीन बेचकर कुछ लोगों का कर्जा चुकता कर दिया। जबकि कई लोगों के चार लाख रुपये बकाया रह गए थे। इसी बीच उदयपाल नोएडा में मजदूरी करने चला गया। पांच दिन पहले ही वह घर लौटा था। बताते है कि उदयपाल के घर लौटते ही लोगों ने अपने रुपये के लिए फिर तकाजा शुरू कर दिया। जिसको लेकर शुक्रवार को उदयपाल और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक भी हुई थी। शनिवार की शाम किसान प्यारेलाल अलाव ताप रहे थे। तभी ग्रामीण वहां पहुंच गए और अपने रुपये के लिए तरह-तरह के तंज कसने लगे। उस समय तो मामला निपट गया।
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प्यारेलाल सोने चले गए। वह पशुशाला में अकेले सोते थे। रविवार की सुबह परिजन पशुशाला पर चाय लेकर पहुंचे तो वह गायब थे। परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। तभी उनका शव गांव निवासी विजयपाल के गेहूं के खेत में खड़े यूकेलिप्टस के पेड़ पर लटकता हुआ मिला। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। घटनास्थल पर जांच पड़ताल की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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इंस्पेक्टर पंकज वर्मा ने बताया कि बेटे की तहरीर पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। बेटे पर कितना कर्ज था और किस-किस का है। इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल इस संबंध में लिखित में कोई आरोप सामने नहीं आया है।