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अमरोहा में हर दिन महिलाओं पर हो रहे अत्याचार, 28 दिन में 38 एफआईआर
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अमरोहा(अनिल चौहान)। ये आंकड़े डराते हैं। एक ओर महिलाओं को खुद पर होने वाले अत्याचारों से बचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वह अपने को कैसे महफूज रखें, इसके लिए शासन-प्रशासन और पुलिस लगातार कोशिशें कर रही है। बावजूद इसके अमरोहा में तो हर दिन महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं। यह हम नहीं पुलिस के आंकड़े बोलते हैं। फरवरी माह के 28 दिन में 38 मामले पुलिस के रिकार्ड में दर्ज हैं। सबसे अधिक मामले दहेज उत्पीड़न, छेड़खानी के हैं। यहां दो बहनों की हत्या कर दी गई, तो एक को दहेज के लिए मौत के घाट उतार दिया गया। तीन बेटियों के अपहरण हुए है, जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। हालांकि पुलिस सभी प्रकरणों में जांच कर रही है।
सरकार के निर्देश पर जिले में मिशन शक्ति के तहत महिलाओं और छात्राओं को अपने अधिकारियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वह खुद पर होने वाले अत्याचारों से बचने के लिए कैसे पुलिस से मदद लें। इसके लिए जागरूक किया जा रहा है। बेटियों को एक दिन के लिए पुलिस-प्रशासनिक ओहदों पर बैठाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश है। महिलाओं के उत्पीड़न के मामले को लेकर जनपद पुलिस कार्रवाई करने को तत्पर है। बावजूद इसके जिले में हर दिन महिलाओं के साथ अपराध हो रहे हैं। पुलिस रिकार्ड की मानें तो फरवरी माह के 28 दिनों में महिलाओं के साथ 38 घटनाएं घटी हैं, जिसमें दहेज उत्पीड़न, दुष्कर्म, हत्या, छेड़खानी, अपहरण और दहेज हत्या के संगीन अपराध शामिल हैं। हालांकि पुलिस सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कर कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। लगभग सभी मुकदमों में विवेचना चल रही है। हैरत की बात यह है कि सरकार और सिस्टम की लाख कोशिशों के बाद भी महिलाओं पर अत्याचार थम नहीं रहे हैं। सफर के दौरान छात्राओं को बहुत परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। जैसे बसों में छेड़छाड़, सड़कों पर चलते गली-गोहल्लों में छेड़छाड़ दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। कई मामले में तो अपने ही उनके दुश्मन बन बैठते हैं। हालांकि, पुलिस दावा करती है कि वह अपराधियों पर अंकुश लगा रही है लेकिन, आंकड़े बताते हैँ कि लगाम लग नहीं रहा है।
सुलह-समझौता नहीं तो बढ़ जाए आपराधिक आंकड़े
अमरोहा। घरेलू विवादों के सुलह-समझौते के लिए नारी उत्थान केंद्र खोला गया है जिसमें एसआई संतोष विश्नोई इसकी प्रभारी है। पुलिस ऑफिस में पहुंचने वाले घरेलू विवादों को नारी उत्थान केंद्र भेजा जाता है। जिससे दोनों परिवारों को समझाकर समझौता कराया जा सके और घर टूटने से बचाया जा सके। ये ही वजह है कि फरवरी माह में कुल 52 शिकायतें नारी उत्थान केंद्र में आई हैं। जिसमें विवादों को सुलझाकर 9 परिवारों को मिलाया गया है। नारी उत्थान केंद्र प्रभारी ने बताया कि अधिकतर शिकायतें पति-पत्नी के बीच मामूली विवाद की हैं। इसमें महिलाओं द्वारा दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे, लेकिन दोनों पक्षों की वार्ता के दौरान दहेज उत्पीड़न के आरोप झूठे निकलते हैं। मुख्य कारण पत्नी के फोन पर बात करने पर डांटना, परिजनों से गाली-गलौज करना जैसी छोटी बातें विवाद की जड़ बनी हुई हैं।
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वारदात----------------------संख्या
दहेज उत्पीड़न------------------20
दुष्कर्म--------------------------01
हत्या----------------------------02
छेड़खानी------------------------11
अपहरण-------------------------03
दहेज हत्या----------------------01
- नोट:- सभी आंकड़े फरवरी माह में पुलिस रिकार्ड के मुताबिक हैं।
फरवरी माह में नारी उत्थान केंद्र पहुंचे मामले
कुल शिकायती पत्र-------52
समझौता हुआ------------09
झूठे मामले---------------07
एफआईआर--------------01
एसपी का बयान
शासन की प्राथमिकता है महिला संबंधित अपराध में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके लिए पुलिस तत्पर है। महिलाओं की सहूलियत को देखते हुए गजरौला में महिला रिपोर्टिंग चौकी स्थापित की जा रही है। साथ ही घरेलू हिंसा या छोटे-छोटे विवादों को निपटाने के लिए हर थाने में महिला सुरक्षा समिति का गठन किया जा रहा है।
- सुनीति, एसपी अमरोहा
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सरकार के निर्देश पर जिले में मिशन शक्ति के तहत महिलाओं और छात्राओं को अपने अधिकारियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वह खुद पर होने वाले अत्याचारों से बचने के लिए कैसे पुलिस से मदद लें। इसके लिए जागरूक किया जा रहा है। बेटियों को एक दिन के लिए पुलिस-प्रशासनिक ओहदों पर बैठाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश है। महिलाओं के उत्पीड़न के मामले को लेकर जनपद पुलिस कार्रवाई करने को तत्पर है। बावजूद इसके जिले में हर दिन महिलाओं के साथ अपराध हो रहे हैं। पुलिस रिकार्ड की मानें तो फरवरी माह के 28 दिनों में महिलाओं के साथ 38 घटनाएं घटी हैं, जिसमें दहेज उत्पीड़न, दुष्कर्म, हत्या, छेड़खानी, अपहरण और दहेज हत्या के संगीन अपराध शामिल हैं। हालांकि पुलिस सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कर कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। लगभग सभी मुकदमों में विवेचना चल रही है। हैरत की बात यह है कि सरकार और सिस्टम की लाख कोशिशों के बाद भी महिलाओं पर अत्याचार थम नहीं रहे हैं। सफर के दौरान छात्राओं को बहुत परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। जैसे बसों में छेड़छाड़, सड़कों पर चलते गली-गोहल्लों में छेड़छाड़ दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। कई मामले में तो अपने ही उनके दुश्मन बन बैठते हैं। हालांकि, पुलिस दावा करती है कि वह अपराधियों पर अंकुश लगा रही है लेकिन, आंकड़े बताते हैँ कि लगाम लग नहीं रहा है।
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सुलह-समझौता नहीं तो बढ़ जाए आपराधिक आंकड़े
अमरोहा। घरेलू विवादों के सुलह-समझौते के लिए नारी उत्थान केंद्र खोला गया है जिसमें एसआई संतोष विश्नोई इसकी प्रभारी है। पुलिस ऑफिस में पहुंचने वाले घरेलू विवादों को नारी उत्थान केंद्र भेजा जाता है। जिससे दोनों परिवारों को समझाकर समझौता कराया जा सके और घर टूटने से बचाया जा सके। ये ही वजह है कि फरवरी माह में कुल 52 शिकायतें नारी उत्थान केंद्र में आई हैं। जिसमें विवादों को सुलझाकर 9 परिवारों को मिलाया गया है। नारी उत्थान केंद्र प्रभारी ने बताया कि अधिकतर शिकायतें पति-पत्नी के बीच मामूली विवाद की हैं। इसमें महिलाओं द्वारा दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे, लेकिन दोनों पक्षों की वार्ता के दौरान दहेज उत्पीड़न के आरोप झूठे निकलते हैं। मुख्य कारण पत्नी के फोन पर बात करने पर डांटना, परिजनों से गाली-गलौज करना जैसी छोटी बातें विवाद की जड़ बनी हुई हैं।
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वारदात----------------------संख्या
दहेज उत्पीड़न------------------20
दुष्कर्म--------------------------01
हत्या----------------------------02
छेड़खानी------------------------11
अपहरण-------------------------03
दहेज हत्या----------------------01
- नोट:- सभी आंकड़े फरवरी माह में पुलिस रिकार्ड के मुताबिक हैं।
फरवरी माह में नारी उत्थान केंद्र पहुंचे मामले
कुल शिकायती पत्र-------52
समझौता हुआ------------09
झूठे मामले---------------07
एफआईआर--------------01
एसपी का बयान
शासन की प्राथमिकता है महिला संबंधित अपराध में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके लिए पुलिस तत्पर है। महिलाओं की सहूलियत को देखते हुए गजरौला में महिला रिपोर्टिंग चौकी स्थापित की जा रही है। साथ ही घरेलू हिंसा या छोटे-छोटे विवादों को निपटाने के लिए हर थाने में महिला सुरक्षा समिति का गठन किया जा रहा है।
- सुनीति, एसपी अमरोहा