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Amroha News: कोर्ट के आदेश के 19 दिन बाद भी दर्ज नहीं हो सकी ट्यूबवेल ऑपरेटर के खिलाफ रिपोर्ट

Tue, 09 Dec 2025 11:59 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Tue, 09 Dec 2025 11:59 PM IST
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Even after 19 days of the court order, the report against the tubewell operator could not be filed.
अमरोहा। कोर्ट के आदेश के 19 दिन गुजरने के बाद भी गजरौला पुलिस ने जल निगम की फर्जी रशीद बुक छापकर पांच लाख वसूलने वाले ट्यूबवेल आपरेटर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। इस घटना का खुलासा आरटीआई से सूचना मिलने के बाद हुआ था।
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गजरौला थानाक्षेत्र के गांव चकनवाला में साल 2018 के दौरान पानी की टंकी बनाकर गांव में पाइप लाइन बिछाई गई थी। गांव में 500 कनेक्शन भी दिए गए। ट्यूबवेल पर आपरेटर नरेश कुमार ने कनेक्शनधारकों से कर के रूप में वसूली शुरू कर दी थी। इसके लिए बाकायदा उत्तर प्रदेश जल निगम निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता के नाम से रशीद छपवाकर काटी थी। आरोप है कि ट्यूबवेल आपरेटर ने दो हजार रुपये साल के अनुसार वसूली की।
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गांव के ही प्रतपाल उर्फ प्रथे ने भी रशीद के रूप में दो हजार रुपये की रशीद कटवाई थी। उन्होंने इस संंबंध में आरटीआई के तहत सूचना डाली तो उन्हें पता चला कि जल निगम की ओर से कोई रशीद जारी नहीं की गई है। इससे स्पष्ट हो गया कि ट्यूबवेल आपरेटर ने जानबूझकर कूट रचित दस्तावेज तैयार कर सरकार को राजस्व की हानि पहुंचाई है। प्रतपाल ने इस संबंध में थाने पर सूचना दी मगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। एसपी से शिकायत की मगर काेई कार्रवाई नहीं हुई। थककर उसने अपने अधिवक्ता मोहन सिंह के माध्यम से कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई।
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कोर्ट ने गजरौला पुलिस को दिए थे निर्देश
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्यूबवेल आपरेटर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश थानाध्यक्ष गजरौला को दिए। लेकिन 19 दिन बीतने के बाद भी पुलिस ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। इससे पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह उठ रहे हैं।

- कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। किन्हीं कारणों से संभव है कि आदेश की प्रति थाने नहीं पहुंची हो। जल्द ही रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। -अखिलेश भदौरिया, एएसपी
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