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Amroha News: 10 महीने बाद भी धरातल पर नहीं उतरा 5 हजार करोड़ का निवेश
Sat, 23 Dec 2023 02:01 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sat, 23 Dec 2023 02:01 AM IST
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अमरोहा। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 में जिले को मिले पांच हजार करोड़ के रिकार्ड प्रस्तावों को धरातल पर उतारना अधिकारियों के लिए चुनौती बन गया है। अधिकतर प्रस्ताव कागजों में सिमटकर रह गए हैं और विकास की योजनाएं करीब एक साल बाद भी परवान चढ़ती नजर नहीं आ रही हैं। बड़ी बात है कि इस संबंध में अधिकारियों की हुई बैठकें भी बेनतीजा साबित हुई है। कहीं प्रशासन उद्योगों के लिए जमीन नहीं उपलब्ध करा पा रहा तो कहीं निवेशकों को तहसील से सहयोग नहीं मिल रहा।
जिले में 108 उद्यमियों ने 5070 करोड़ निवेश के प्रस्ताव प्रशासन को सौंपे थे। बड़ी बात ये है कि उद्यमियों की पहली पसंद गजरौला और चौधरपुर रहा है। समिट में पहुंचे निवेशकों और उद्यमियों ने खाद्य, ऑटोमोबाइल, कारपेट, इलेक्ट्रानिक्स, डेयरी प्लांट, डेयरी प्रोडेक्ट, टैक्सटाइल, शीतल पेय, दवा पेस्टिसाइड, केमिकल इलेक्ट्रॉनिक, पोल उपकरण मैन्युफैक्चरिंग, आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण और गोट फार्म, पोल्ट्री फार्म, कंप्रेसिव बायोगैस सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने की इच्छा जाहिर की थी। वहीं बड़ी संख्या में उद्योग स्थापित करने के लिए भूमि की भी आवश्यकता पड़ रही है।
जरूरत के हिसाब से जिला प्रशासन ने हाईवे किनारे ग्राम पंचायत, ग्राम समाज व अन्य सरकारी भूमि को चिह्नित करना शुरू कर दिया था। प्रशासन की ओर से जरूरत पड़ने पर उद्यमियों को भूमि उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा था। लेकिन हकीकत बिल्कुल उलट है। प्रशासन निवेशकों को पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। इतना नहीं उद्यमियों की कई और समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। स्थिति ये हैं कि तहसील स्तर पर भूमि नामांतरण की कई फाइलें अटकी पड़ी हैं। दस महीने बाद भी 5070 करोड़ का निवेश धरातल पर नहीं उतर सका है। बता दें कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 को दस फरवरी 2024 को एक साल पूरे हो जाएंगे।
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प्रशासन को इनके मिले प्रस्ताव
कंपनी-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -रुपये
पैरामाउंट होम्स कलेक्शन-- -- -- -- -- -- -- -- -1.5 करोड़
एसी ब्रदर्स-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- 50 करोड़
कमलेश पेपर मिल-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- 50 करोड़
प्रकाश वूलन-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- 5 करोड़
रेलियबल बायो एनर्जी इंडस्ट्री-- -- -- -- -- -- -- -- 4.7 करोड़
सीएल गुप्ता एक्सपोर्ट लिमिटेड-- -- -- -- -- -- -- 50 करोड़
जुबिलेंट इंग्रेविया लिमिटेड-- -- -- -- -- -- -- -- -- 50 करोड़
बेस्ट क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड-- -- -- -- -- -- 40 करोड़
अपेक्स क्रॉप प्राइवेट लिमिटेड-- -- -- -- -- -- -- -2 करोड़
स्टोनमैन क्राफ्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड-- -- -- -50 करोड़
लोपन मेटल ट्रीटमेंट प्राइवेट लिमिटेड-- -- -- -- 7 करोड़
राज स्नेह एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड-- -- -- -- 1 करोड़
तेवा एपीआई लिमिटेड-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -33 करोड़
एसकेजी न्यू लुक-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -5 करोड़
राजपाल इंजीनियरिंग वर्क्स-- -- -- -- -- -- -- -- -- 12 करोड़
आरएसीएल-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- 250 करोड़
रियलटाइम बायोमैट्रिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड-- 80 करोड़
अमरोहा शहर के उद्यमियों की दिक्कतें
- बुनकरों की अटकी सब्सिडी दिलाने की मांग
- कैलसा बिजलीघर का जीर्णोद्धार व विद्युत लाइन को गुलड़िया से शिफ्ट करने की मांग।
- ढोलक कारोबारियों को वन विभाग से एनओसी मिलने में आ रही दिक्कत।
- सीएल गुप्ता एक्सपोर्ट लिमिटेड के पास जिवाई से अम्हेड़ा व करनपुर को जाने वाले लिंक मार्ग का निर्माण कराने की मांग।
- राम म्यूजिकल हैंडीक्राफ्ट कैलसा बाईपास रोड जयओम नगर के आगे नाले के निर्माण कराने की मांग
नए उद्योग स्थापित करने में ये आ रहीं समस्याएं
- प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए नहीं मिल पा रही भूमि
- लैंड यूज चेंज और विभिन्न विभागों की एनओसी में दिक्कत
- औद्योगिक क्षेत्रों में भी नहीं मुहैया हो रही सुविधाएं
- तमाम सख्ती के बावजूद अधिकारियों की उदासीनता और तालमेल में कमी।
क्या बोले जिम्मेदार
नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। उद्यमियों की समस्याओं को समाधान कराया जा रहा है। जमीन भी मुहैया कराई जा रही है। उद्यमियों की समस्याओं का समाधान हो सके, इसके लिए बैठक की जा रही है।- विकास यादव, उपायुक्त उद्योग
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जिले में 108 उद्यमियों ने 5070 करोड़ निवेश के प्रस्ताव प्रशासन को सौंपे थे। बड़ी बात ये है कि उद्यमियों की पहली पसंद गजरौला और चौधरपुर रहा है। समिट में पहुंचे निवेशकों और उद्यमियों ने खाद्य, ऑटोमोबाइल, कारपेट, इलेक्ट्रानिक्स, डेयरी प्लांट, डेयरी प्रोडेक्ट, टैक्सटाइल, शीतल पेय, दवा पेस्टिसाइड, केमिकल इलेक्ट्रॉनिक, पोल उपकरण मैन्युफैक्चरिंग, आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण और गोट फार्म, पोल्ट्री फार्म, कंप्रेसिव बायोगैस सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने की इच्छा जाहिर की थी। वहीं बड़ी संख्या में उद्योग स्थापित करने के लिए भूमि की भी आवश्यकता पड़ रही है।
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जरूरत के हिसाब से जिला प्रशासन ने हाईवे किनारे ग्राम पंचायत, ग्राम समाज व अन्य सरकारी भूमि को चिह्नित करना शुरू कर दिया था। प्रशासन की ओर से जरूरत पड़ने पर उद्यमियों को भूमि उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा था। लेकिन हकीकत बिल्कुल उलट है। प्रशासन निवेशकों को पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। इतना नहीं उद्यमियों की कई और समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। स्थिति ये हैं कि तहसील स्तर पर भूमि नामांतरण की कई फाइलें अटकी पड़ी हैं। दस महीने बाद भी 5070 करोड़ का निवेश धरातल पर नहीं उतर सका है। बता दें कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 को दस फरवरी 2024 को एक साल पूरे हो जाएंगे।
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प्रशासन को इनके मिले प्रस्ताव
कंपनी
पैरामाउंट होम्स कलेक्शन
एसी ब्रदर्स
कमलेश पेपर मिल
प्रकाश वूलन
रेलियबल बायो एनर्जी इंडस्ट्री
सीएल गुप्ता एक्सपोर्ट लिमिटेड
जुबिलेंट इंग्रेविया लिमिटेड
बेस्ट क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड
अपेक्स क्रॉप प्राइवेट लिमिटेड
स्टोनमैन क्राफ्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
लोपन मेटल ट्रीटमेंट प्राइवेट लिमिटेड
राज स्नेह एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड
तेवा एपीआई लिमिटेड
एसकेजी न्यू लुक
राजपाल इंजीनियरिंग वर्क्स
आरएसीएल
रियलटाइम बायोमैट्रिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
अमरोहा शहर के उद्यमियों की दिक्कतें
- बुनकरों की अटकी सब्सिडी दिलाने की मांग
- कैलसा बिजलीघर का जीर्णोद्धार व विद्युत लाइन को गुलड़िया से शिफ्ट करने की मांग।
- ढोलक कारोबारियों को वन विभाग से एनओसी मिलने में आ रही दिक्कत।
- सीएल गुप्ता एक्सपोर्ट लिमिटेड के पास जिवाई से अम्हेड़ा व करनपुर को जाने वाले लिंक मार्ग का निर्माण कराने की मांग।
- राम म्यूजिकल हैंडीक्राफ्ट कैलसा बाईपास रोड जयओम नगर के आगे नाले के निर्माण कराने की मांग
नए उद्योग स्थापित करने में ये आ रहीं समस्याएं
- प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए नहीं मिल पा रही भूमि
- लैंड यूज चेंज और विभिन्न विभागों की एनओसी में दिक्कत
- औद्योगिक क्षेत्रों में भी नहीं मुहैया हो रही सुविधाएं
- तमाम सख्ती के बावजूद अधिकारियों की उदासीनता और तालमेल में कमी।
क्या बोले जिम्मेदार
नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। उद्यमियों की समस्याओं को समाधान कराया जा रहा है। जमीन भी मुहैया कराई जा रही है। उद्यमियों की समस्याओं का समाधान हो सके, इसके लिए बैठक की जा रही है।- विकास यादव, उपायुक्त उद्योग