{"_id":"5f9c771d8ebc3eefa77738aa","slug":"eid-miladun-nabi-jpnagar-news-mbd367900377","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना ने 60 साल के रवायती जुलूस ए मोहम्मदी पर लगाया बेक्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना ने 60 साल के रवायती जुलूस ए मोहम्मदी पर लगाया बेक्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा। सांप्रदायिक सद्भाव के प्रतीक जुलूस ए मोहम्मदी के रवायत पर कोरोना के संक्रमण ने ब्रेक लगा दी है। इस साल जुलूस ए मोहम्मदी नहीं निकल सका है। शान ओ शौकत के साथ जुलूस ए मोहम्मदी लगातार 60 साल से निकलता रहा है। जुलूस का जगह जगह स्वागत किया जाता है। इसमें अन्य धार्मिक संगठनों के लोग फूल मालाओं से स्वागत करते हैं। देर शाम को जुलूस शहर के टाउन हॉल में पहुंचता है यहां पर धर्मगुरु जलसा को खिताब करते हैं। इसमें आस पास के गांवों के रहने वाले हजारों लोग शामिल रहते हैं।
प्रदेश सरकार ने अनलॉक 5 में कार्यक्रमों के लिए सशर्त अनुमति दी है लेकिन आयोजकों की जवाबदेही तय कर दी है। वहीं जुलूस वगैरह के कार्यक्रमों पर रोक है। 12 रबी उल अव्वल को शहर में जुलूस ए मोहम्मदी निकलता है। जो दिन में जोहर की नमाज के बाद से निकलता है। शहर की जामा मस्जिद के सामने से मुस्लिम कमेटी की देखरेख में जुलूस ए मोहम्मदी निकलता है, लेकिन इस बार नहीं निकल सका। मुस्लिम कमेटी के प्रवक्ता मंसूर अहमद ने बताया कि इस बार 60वां जुलूस ए मोहम्मदी निकलने वाला था लेकिन कोरोना के चलते जुलूस नहीं निकला है। कहा कि नौबतखाना के चौराहे पर अंजुमन तहफ़्फुज अजादारी स्वागत करती है। अंजुमन सादात ए रिजविया के लोग मोहल्ला कुरैशी के सिद्दीक ए अकबर हॉल में इस्तबाल करते हैं। यहां से जुलूस बड़ा बाजार में पहुंचता है यहां पर अंजुमन ए रजाकार ए हुसैनी के लोग स्वागत करते हैं। धार्मिक रामलीला कमेटी के लोग कटरा में जुलूस में शामिल लोगों को जलपान कराते हैं, जबकि मोहल्ला कोट में रामडोल कमेटी के लोग स्वागत करते हैं।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने अनलॉक 5 में कार्यक्रमों के लिए सशर्त अनुमति दी है लेकिन आयोजकों की जवाबदेही तय कर दी है। वहीं जुलूस वगैरह के कार्यक्रमों पर रोक है। 12 रबी उल अव्वल को शहर में जुलूस ए मोहम्मदी निकलता है। जो दिन में जोहर की नमाज के बाद से निकलता है। शहर की जामा मस्जिद के सामने से मुस्लिम कमेटी की देखरेख में जुलूस ए मोहम्मदी निकलता है, लेकिन इस बार नहीं निकल सका। मुस्लिम कमेटी के प्रवक्ता मंसूर अहमद ने बताया कि इस बार 60वां जुलूस ए मोहम्मदी निकलने वाला था लेकिन कोरोना के चलते जुलूस नहीं निकला है। कहा कि नौबतखाना के चौराहे पर अंजुमन तहफ़्फुज अजादारी स्वागत करती है। अंजुमन सादात ए रिजविया के लोग मोहल्ला कुरैशी के सिद्दीक ए अकबर हॉल में इस्तबाल करते हैं। यहां से जुलूस बड़ा बाजार में पहुंचता है यहां पर अंजुमन ए रजाकार ए हुसैनी के लोग स्वागत करते हैं। धार्मिक रामलीला कमेटी के लोग कटरा में जुलूस में शामिल लोगों को जलपान कराते हैं, जबकि मोहल्ला कोट में रामडोल कमेटी के लोग स्वागत करते हैं।
विज्ञापन