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गोशाला में मिला सूखा चारा, डीएम ने जताई नाराजगी
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जिलाधिकारी बालकृष्ण त्रिपाठी ने ब्रह्माबाद गोशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान पशुओं के आगे सूखा चारा मिलने पर उन्होंने गोशाला प्रभारी से नाराजगी जताई। नोटिस जारी करने के आदेश दिए। कहा कि गोशाला में पशुओं की देखभाल एवं खानपान में यदि कोई लापरवाही बरती जाती है तो इसे कतई सहन नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से पूछा कि कितने पशु संरक्षित हैं। कितने को सुपुर्द किया गया है। भूसा व हरा चारा व पानी की व्यवस्था के बारे में जानकारी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सर्दी के मद्देनजर सभी पशुओं को काऊ कोट की व्यवस्था अवश्य होनी चाहिए। इस दौरान पशुओं के सामने केवल सूखा चारा मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए खंड विकास अधिकारी से नाराजगी जताई। मुख्य विकास अधिकारी को तत्काल प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए। सेक्रेटरी से स्पष्टीकरण मांग लिया। कहा कि यदि पशुओं के साथ कोई भी लापरवाही की गई तो बख्शा नहीं जाएगा। यहां कुछ पशु बीमार भी मिले। जिनका उपचार चल रहा था।
डीएम ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि जिस डॉक्टर की ड्यूटी केंद्र में इलाज के लिए लगाई गई है। उसे बीमार पशु की जानकारी होने पर अवश्य पहुंचाना चाहिए। केंद्र में कमजोर पशु देख कर जिलाधिकारी भड़क गए संबंधित डॉक्टर का स्पष्टीकरण काल करने के निर्देश दिए। कहा कि जितने भी कमजोर पशु हैं उनको अलग किया जाए और उनके स्वास्थ्य का विशेष ध्यान दिए जाए। उनके पोषण युक्त आहार अवश्य दिया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी पशु बीमार होता है तो उसे तत्काल चिकित्सा सुविधा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कोई भी पशु चिकित्सा के अभाव में मरना नहीं चाहिए। यहां मुख्य विकास अधिकारी चन्द्र शेखर शुक्ल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ ब्रजवीर सिंह, तहसीलदार अभय कुमार रहे।
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निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से पूछा कि कितने पशु संरक्षित हैं। कितने को सुपुर्द किया गया है। भूसा व हरा चारा व पानी की व्यवस्था के बारे में जानकारी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सर्दी के मद्देनजर सभी पशुओं को काऊ कोट की व्यवस्था अवश्य होनी चाहिए। इस दौरान पशुओं के सामने केवल सूखा चारा मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए खंड विकास अधिकारी से नाराजगी जताई। मुख्य विकास अधिकारी को तत्काल प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए। सेक्रेटरी से स्पष्टीकरण मांग लिया। कहा कि यदि पशुओं के साथ कोई भी लापरवाही की गई तो बख्शा नहीं जाएगा। यहां कुछ पशु बीमार भी मिले। जिनका उपचार चल रहा था।
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डीएम ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि जिस डॉक्टर की ड्यूटी केंद्र में इलाज के लिए लगाई गई है। उसे बीमार पशु की जानकारी होने पर अवश्य पहुंचाना चाहिए। केंद्र में कमजोर पशु देख कर जिलाधिकारी भड़क गए संबंधित डॉक्टर का स्पष्टीकरण काल करने के निर्देश दिए। कहा कि जितने भी कमजोर पशु हैं उनको अलग किया जाए और उनके स्वास्थ्य का विशेष ध्यान दिए जाए। उनके पोषण युक्त आहार अवश्य दिया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी पशु बीमार होता है तो उसे तत्काल चिकित्सा सुविधा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कोई भी पशु चिकित्सा के अभाव में मरना नहीं चाहिए। यहां मुख्य विकास अधिकारी चन्द्र शेखर शुक्ल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ ब्रजवीर सिंह, तहसीलदार अभय कुमार रहे।
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