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मंत्री के भतीजे के हमलावरों को हवालात से खींचकर पीटा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Wed, 06 Apr 2016 12:47 AM IST
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गजरौला(अमरोहा) के थाने से मंगलवार को मेडिकल के लिए ले जाए जाते कैबिनेट मंत्री के भतीजे पर हमले-लूट के आरोपी दिल्ली पुलिस के सिपाही(दाएं) और उसका बहनोई (बाएं)। अमर उजाला
- फोटो : amar ujala
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सत्ता के नशे में चूर सपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार रात रक्षकों के सामने कानून की धज्जियां उड़ा दीं। कुछ तो इसमें तमाशबीन बने रहे तो कुछ मददगार बन बैठे। इक्का-दुक्का ने विरोध किया तो उसे कमरे में बंद कर मनमानी की।
गजरौला थाने की हवालात में बंद कैबिनेट मंत्री महबूब अली के भतीजे पर हमले और लूट के आरोपियों (दिल्ली पुलिस के सिपाही और उसके बहनोई) को खींचकर थाने में ही पीटा। बेरहमी से पिटाई देख जब थानाध्यक्ष गजरौला ने रोका तो सपाइयों ने उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। मंडी धनौरा एसओ भी सपाइयों के साथ आरोपियों को पीटने में मदद करते रहे।
हुआ यूं कि, रेशम एवं वस्त्र उद्योग विभाग के कैबिनेट मंत्री महबूब अली के बड़े भाई गनी मोहम्मद निवासी गांव शकरपुर (अमरोहा) के बेटे इफ्तिखार अली सोमवार रात करीब नौ बजे धनौरा के गांव शेरपुर के पास स्थित अपने पेट्रोल पंप से कार से लौट रहे थे। आरोप है कि, इस दौरान उनकी कार का टायर दिल्ली पुलिस फर्स्ट बटालियन में तैनात सिपाही गजेंद्र सिंह पुत्र हरगोविंद सिंह निवासी आरकपुर थाना रजबपुर की कार से टकरा गई। सिपाही के साथ और भी लोग थे।
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इस पर दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। जिसमें इफ्तिखार बुरी तरह जख्मी हो गए थे। सूचना पर पुलिस ने सिपाही और उसके बहनोई को हिरासत में भी ले लिया था। इस मामले में इफ्तिखार ने जानलेवा हमले और 50 हजार रुपये-गले की चेन लूटने का आरोप लगाते हुए चार लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी। इधर, सूचना पर थाने पर सपाइयों का रात में ही जमघट लग गया।
इधर, आरोपी सिपाही गजेंद्र की ओर से कुछ लोग थाने पहुंचे तो थाने गेट पर खड़े सपाइयों ने नोकझोंक भी की। खुद को घिरता देख ये लोग खिसक लिए। इसके बाद तो थाना गजरौला में सपाइयों ने बेखौफ उत्पात मचाया। सूत्रों के मुताबिक, सपाइयों के दबाव में पुलिस उनके सामने ही हवालात में आरोपी दिल्ली पुलिस के सिपाही गजेंद्र सिंह और उसके बहनोई से पूछताछ कर रही थी।
उसी समय कुछ सपाई मंत्री की धमक दिखा कर हवालात से सिपाही को बाहर खींच लाए उसकी लात घूसों से पिटाई की। बताते हैं कि जब थानाध्यक्ष उपेंद्र यादव ने अनहोनी की आशंका में उन्हें रोका तो सपाइयों ने उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। थाने के सिपाहियों से भी झड़प हुई। पिटाई करने वालों के साथ मंडी धनौरा थानाध्यक्ष भी थे।
फफक पड़ा सिपाही गजेंद्र, हमने लूटपाट नहीं की
गजरौला। मेडिकल कराने मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गजरौला पहुंचा सिपाही मामले के जिक्र पर ही फफक पड़ा। बोला कि, हमारी कार की साइड मंत्रीजी के भतीजे की कार से लग गई थी। इसी बात पर मंत्रीजी के भतीजे ने गाली-गलौच शुरू कर दी। देख लेने की धमकी दी। इस पर मारपीट हो गई।
मैंने और मेरे साथियों ने लूटपाट नहीं की। फिर भी मेरे और मेरे साथियों के खिलाफ जानलेवा हमले और लूट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जबकि मैं और मेरे बहनोई पुलिस और उन लोगों के सामने गिड़गिड़ाते रहे। हमें माफ कर दो। हमसे गलती हो गई। लेकिन किसी ने एक न सुनी।
रो-रोकर बयां की जुल्म की कहानी
सिपाही का कहना था कि वह पुलिस की नौकरी करता है। चौबीस घंटे ड्यूटी करने वाले ऐसा नहीं कर सकते। किसी के साथ लूट नहीं कर सकते। उसका परिवार पढ़ा लिखा है। वह अपनी भांजी के जन्मदिन पर छुट्टी लेकर आया था। मंगलवार को उसे ड्यूटी पर जाना था। वह या उसके साथी ऐसा लूट का शर्मसार कर देने वाला कारनामा नहीं कर सकते। वह मीडिया के सामने धनौरा के एसओ का नाम भी पीटने वालों में ले रहा था।
हवालात में आरोपियों की न तो पुलिस ने पिटाई की और न ही किसी अन्य ने पिटाई की। हां ये जरूर हुआ था कि लूट की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों को पकड़ कर रास्ते में ही दो तीन हाथ जड़ दिए थे। हवालात में धुनाई लगाने की बात अफवाह है। उपेंद्र यादव, थानाध्यक्ष, गजरौला।
महबूब अली के भतीजे पर हमले-लूट में सिपाही समेत चार नामजद
गजरौला(अमरोहा)। कैबिनेट मंत्री महबूब अली के भतीजे पर सोमवार रात हमले और लूट के आरोप में थाना पुलिस ने दिल्ली पुलिस के सिपाही गजेंद्र सिंह और उसके बहनोई हरवीर सिंह पुत्र ओमपाल सिंह निवासी देहरा कादरबक्श थाना धनौरा समेत चंद्रपाल सिंह पुत्र लहरी सिंह व नीटू पुत्र चंद्रपाल सिंह निवासीगण गांव सलारपुर थाना गजरौला के खिलाफ जानलेवा हमले-लूट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिसकर्मी और उसके बहनोई का चालान कर दिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही है।
कचहरी पर भीड़ देख पुलिस तैनात
अमरोहा। गजरौला में कैबिनेट मंत्री महबूब अली के भतीजे के साथ मारपीट करने वालों को कोर्ट में पेश करने लाने पर कचहरी में भारी भीड़ लग गई। एहतियात के तौर पर वज्रवाहन और पुलिस तैनात की गई। बार-बार तमाम अफवाहें भी उड़ रहीं थीं कि कचहरी पर सैकड़ों की संख्या में जाट बिरादरी के लोग जुट गए हैं।
हमारे भाई के साथ मामूली बात पर मारपीट की गई और घायल कर दिया गया था, जिसकी रिपोर्ट लिखकर पुलिस कानूनी कार्रवाई कर रही है। पुलिस की कार्रवाई पर उन्हें भरोसा है। आरोपी पुलिस कस्टडी में हैं उनके साथ कोई मारपीट का सवाल ही नहीं उठता।-परवेज अली एमएलसी (कैबिनेट मंत्री महबूब अली के बेटे)
आरोपियों के साथ थाने में पिटाई करने की कोई शिकायत नहीं मिली है, फिर भी इस मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी, और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
-डा. एस चनप्पा एसपी अमरोहा
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गजरौला थाने की हवालात में बंद कैबिनेट मंत्री महबूब अली के भतीजे पर हमले और लूट के आरोपियों (दिल्ली पुलिस के सिपाही और उसके बहनोई) को खींचकर थाने में ही पीटा। बेरहमी से पिटाई देख जब थानाध्यक्ष गजरौला ने रोका तो सपाइयों ने उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। मंडी धनौरा एसओ भी सपाइयों के साथ आरोपियों को पीटने में मदद करते रहे।
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हुआ यूं कि, रेशम एवं वस्त्र उद्योग विभाग के कैबिनेट मंत्री महबूब अली के बड़े भाई गनी मोहम्मद निवासी गांव शकरपुर (अमरोहा) के बेटे इफ्तिखार अली सोमवार रात करीब नौ बजे धनौरा के गांव शेरपुर के पास स्थित अपने पेट्रोल पंप से कार से लौट रहे थे। आरोप है कि, इस दौरान उनकी कार का टायर दिल्ली पुलिस फर्स्ट बटालियन में तैनात सिपाही गजेंद्र सिंह पुत्र हरगोविंद सिंह निवासी आरकपुर थाना रजबपुर की कार से टकरा गई। सिपाही के साथ और भी लोग थे।
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इस पर दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। जिसमें इफ्तिखार बुरी तरह जख्मी हो गए थे। सूचना पर पुलिस ने सिपाही और उसके बहनोई को हिरासत में भी ले लिया था। इस मामले में इफ्तिखार ने जानलेवा हमले और 50 हजार रुपये-गले की चेन लूटने का आरोप लगाते हुए चार लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी। इधर, सूचना पर थाने पर सपाइयों का रात में ही जमघट लग गया।
इधर, आरोपी सिपाही गजेंद्र की ओर से कुछ लोग थाने पहुंचे तो थाने गेट पर खड़े सपाइयों ने नोकझोंक भी की। खुद को घिरता देख ये लोग खिसक लिए। इसके बाद तो थाना गजरौला में सपाइयों ने बेखौफ उत्पात मचाया। सूत्रों के मुताबिक, सपाइयों के दबाव में पुलिस उनके सामने ही हवालात में आरोपी दिल्ली पुलिस के सिपाही गजेंद्र सिंह और उसके बहनोई से पूछताछ कर रही थी।
उसी समय कुछ सपाई मंत्री की धमक दिखा कर हवालात से सिपाही को बाहर खींच लाए उसकी लात घूसों से पिटाई की। बताते हैं कि जब थानाध्यक्ष उपेंद्र यादव ने अनहोनी की आशंका में उन्हें रोका तो सपाइयों ने उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। थाने के सिपाहियों से भी झड़प हुई। पिटाई करने वालों के साथ मंडी धनौरा थानाध्यक्ष भी थे।
फफक पड़ा सिपाही गजेंद्र, हमने लूटपाट नहीं की
गजरौला। मेडिकल कराने मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गजरौला पहुंचा सिपाही मामले के जिक्र पर ही फफक पड़ा। बोला कि, हमारी कार की साइड मंत्रीजी के भतीजे की कार से लग गई थी। इसी बात पर मंत्रीजी के भतीजे ने गाली-गलौच शुरू कर दी। देख लेने की धमकी दी। इस पर मारपीट हो गई।
मैंने और मेरे साथियों ने लूटपाट नहीं की। फिर भी मेरे और मेरे साथियों के खिलाफ जानलेवा हमले और लूट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जबकि मैं और मेरे बहनोई पुलिस और उन लोगों के सामने गिड़गिड़ाते रहे। हमें माफ कर दो। हमसे गलती हो गई। लेकिन किसी ने एक न सुनी।
रो-रोकर बयां की जुल्म की कहानी
सिपाही का कहना था कि वह पुलिस की नौकरी करता है। चौबीस घंटे ड्यूटी करने वाले ऐसा नहीं कर सकते। किसी के साथ लूट नहीं कर सकते। उसका परिवार पढ़ा लिखा है। वह अपनी भांजी के जन्मदिन पर छुट्टी लेकर आया था। मंगलवार को उसे ड्यूटी पर जाना था। वह या उसके साथी ऐसा लूट का शर्मसार कर देने वाला कारनामा नहीं कर सकते। वह मीडिया के सामने धनौरा के एसओ का नाम भी पीटने वालों में ले रहा था।
हवालात में आरोपियों की न तो पुलिस ने पिटाई की और न ही किसी अन्य ने पिटाई की। हां ये जरूर हुआ था कि लूट की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों को पकड़ कर रास्ते में ही दो तीन हाथ जड़ दिए थे। हवालात में धुनाई लगाने की बात अफवाह है। उपेंद्र यादव, थानाध्यक्ष, गजरौला।
महबूब अली के भतीजे पर हमले-लूट में सिपाही समेत चार नामजद
गजरौला(अमरोहा)। कैबिनेट मंत्री महबूब अली के भतीजे पर सोमवार रात हमले और लूट के आरोप में थाना पुलिस ने दिल्ली पुलिस के सिपाही गजेंद्र सिंह और उसके बहनोई हरवीर सिंह पुत्र ओमपाल सिंह निवासी देहरा कादरबक्श थाना धनौरा समेत चंद्रपाल सिंह पुत्र लहरी सिंह व नीटू पुत्र चंद्रपाल सिंह निवासीगण गांव सलारपुर थाना गजरौला के खिलाफ जानलेवा हमले-लूट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिसकर्मी और उसके बहनोई का चालान कर दिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही है।
कचहरी पर भीड़ देख पुलिस तैनात
अमरोहा। गजरौला में कैबिनेट मंत्री महबूब अली के भतीजे के साथ मारपीट करने वालों को कोर्ट में पेश करने लाने पर कचहरी में भारी भीड़ लग गई। एहतियात के तौर पर वज्रवाहन और पुलिस तैनात की गई। बार-बार तमाम अफवाहें भी उड़ रहीं थीं कि कचहरी पर सैकड़ों की संख्या में जाट बिरादरी के लोग जुट गए हैं।
हमारे भाई के साथ मामूली बात पर मारपीट की गई और घायल कर दिया गया था, जिसकी रिपोर्ट लिखकर पुलिस कानूनी कार्रवाई कर रही है। पुलिस की कार्रवाई पर उन्हें भरोसा है। आरोपी पुलिस कस्टडी में हैं उनके साथ कोई मारपीट का सवाल ही नहीं उठता।-परवेज अली एमएलसी (कैबिनेट मंत्री महबूब अली के बेटे)
आरोपियों के साथ थाने में पिटाई करने की कोई शिकायत नहीं मिली है, फिर भी इस मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी, और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
-डा. एस चनप्पा एसपी अमरोहा