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डीएम और एसपी ने कांवड़ियों के रूट का निरीक्षण किया
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कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी बीके त्रिपाठी व पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे द्वारा रसूलपुर पुलिस चौकी क्षेत्र का निरीक्षण किया। हरिद्वार से कांवड़ लेकर आने वाले कांवड़िए रसूलपुर चौकी से जनपद की सीमा में प्रवेश करते हैं। रसूलपुर चौकी कांवड़ यात्रा के संबंध में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
शुक्रवार दोपहर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक अधीनस्थों को साथ लेकर रसूलपुर पुलिस चौकी पर पहुंचे। यहां अधिकारियों ने पुलिस चौकी पर कांवड़ यात्रा पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर मौजूद एसडीएम व सीओ को निर्देश दिए कि कांवड़ियों की सेवा के लिए लगाए जाने वाले भंडारों के स्थान का निरीक्षण कर लें। कांवड़ यात्रा मार्ग पर लटके व जर्जर तारों को समय पूर्व ही ठीक कराने के लिए निर्देशित किया। डीएम व एसपी ने अधीनस्थों से कांवड़ियों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार किए जाने की अपेक्षा भी की गई।
सावन माह में ब्रजघाट से हजारों शिव भक्त कांवड़ में गंगा जल ले जाकर नजदीकी शिवालयों पर जलाभिषेक करेंगे। ब्रजघाट के अलावा हरिद्वार से भी सावन माह में कांवड़िये गंगा जल लाते हैं। जो रेलवे लाइन को पार होकर गंतव्य तक पहुंचते हैं। उनके साथ किसी तरह का हादसा न हो, इसलिए रेलवे फाटकों पर पुलिस के साथ ही आरपीएफ कर्मी तैनात किए जाएंगे।
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ब्राह्मणों की मानें तो 14 जुलाई से सावन माह में कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है। तिगरी निवासी पंडित गंगा शरण शर्मा के मुताबिक सावन माह के प्रत्येक सोमवार का महत्व महाशिवरात्रि के बराबर माना जाता है। इस कारणा पूरे महीने के प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव के भक्त गंगा जल से भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करते हैं। जनपद में कांवड़िये ब्रजघाट से कांवड़ में गंगा जल ले जाकर अपने नजदीकी मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। इसके अलावा हरिद्वार से भी कांवड़ में गंगा जल लेकर आते हैं। उधर दो साल कोरोना के कारण सावन माह में कांवड़ यात्रा बंद रही। जिसके चलते इस बार शिव भक्तों और कांवड़ियों में सावन माह को लेकर खासा उत्साह है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार कांवड़ियों की संख्या पिछले सालों के मुकाबले बहुत अधिक रहेगी। कांवड़िये कांकाठेर व बसैली रेलवे फाटक से पार होकर गंतव्य पहुंचेंगे। रवाना होने वाले कांवड़ियों के साथ कोई हादसा न हो, इसलिए कांकाठेर व बसैली रेलवे फाटक पर पुलिस कर्मियों के साथ ही आरपीएफ कर्मी तैनात किए जाएंगे। आरपीएफ थाना प्रभारी अखिलेश कुमार ने बताया कि इसके लिए बाहर से सुरक्षा बल की मांग की गई है।
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शुक्रवार दोपहर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक अधीनस्थों को साथ लेकर रसूलपुर पुलिस चौकी पर पहुंचे। यहां अधिकारियों ने पुलिस चौकी पर कांवड़ यात्रा पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर मौजूद एसडीएम व सीओ को निर्देश दिए कि कांवड़ियों की सेवा के लिए लगाए जाने वाले भंडारों के स्थान का निरीक्षण कर लें। कांवड़ यात्रा मार्ग पर लटके व जर्जर तारों को समय पूर्व ही ठीक कराने के लिए निर्देशित किया। डीएम व एसपी ने अधीनस्थों से कांवड़ियों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार किए जाने की अपेक्षा भी की गई।
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सावन माह में ब्रजघाट से हजारों शिव भक्त कांवड़ में गंगा जल ले जाकर नजदीकी शिवालयों पर जलाभिषेक करेंगे। ब्रजघाट के अलावा हरिद्वार से भी सावन माह में कांवड़िये गंगा जल लाते हैं। जो रेलवे लाइन को पार होकर गंतव्य तक पहुंचते हैं। उनके साथ किसी तरह का हादसा न हो, इसलिए रेलवे फाटकों पर पुलिस के साथ ही आरपीएफ कर्मी तैनात किए जाएंगे।
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ब्राह्मणों की मानें तो 14 जुलाई से सावन माह में कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है। तिगरी निवासी पंडित गंगा शरण शर्मा के मुताबिक सावन माह के प्रत्येक सोमवार का महत्व महाशिवरात्रि के बराबर माना जाता है। इस कारणा पूरे महीने के प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव के भक्त गंगा जल से भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करते हैं। जनपद में कांवड़िये ब्रजघाट से कांवड़ में गंगा जल ले जाकर अपने नजदीकी मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। इसके अलावा हरिद्वार से भी कांवड़ में गंगा जल लेकर आते हैं। उधर दो साल कोरोना के कारण सावन माह में कांवड़ यात्रा बंद रही। जिसके चलते इस बार शिव भक्तों और कांवड़ियों में सावन माह को लेकर खासा उत्साह है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार कांवड़ियों की संख्या पिछले सालों के मुकाबले बहुत अधिक रहेगी। कांवड़िये कांकाठेर व बसैली रेलवे फाटक से पार होकर गंतव्य पहुंचेंगे। रवाना होने वाले कांवड़ियों के साथ कोई हादसा न हो, इसलिए कांकाठेर व बसैली रेलवे फाटक पर पुलिस कर्मियों के साथ ही आरपीएफ कर्मी तैनात किए जाएंगे। आरपीएफ थाना प्रभारी अखिलेश कुमार ने बताया कि इसके लिए बाहर से सुरक्षा बल की मांग की गई है।