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अपने क्षेत्र की गोशालाओं पर एसडीएम रखें नजर : डीएम
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अमरोहा। डीएम बालकृष्ण त्रिपाठी ने बुधवार को अधीनस्थों को निर्देश देते हुए कहा कि गायों को पालने और उनकी देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खंड विकास अधिकारी, एसडीएम अपनेे क्षेत्रों में गोशालाओं पर नजर रखें।
कलक्ट्रेट सभागार में गोशालाओं के संबंध में बैठक में दिशा-निर्देश देते डीएम ने कहा कि संबंधित अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन करें तो सांथलपुर की घटना न होती। कहा कि गायों के संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खंड विकास अधिकारी और उप जिलाधिकारी लगातार गोशालाओं पर नजर रखें। गौवंश को दिए जाने वाले हरे चारे का विशेष ध्यान रखा जाए। चारा ज्यादा देर तक न रखा जाए। ट्राली में लाने के बाद चारा खाली जमीन पर फैला दिया जाए। प्रत्येक गौशाला में सूखा चारा और हरा चारा का रजिस्टर बनाए।
चारे के साथ 80 प्रतिशत भूसा और 20 प्रतिशत हरा चारा मिलाकर पशुओं को दिया जाए। बीमार पशुओं का तत्काल इलाज हो। कोई भी पशु बीमारी से मरना नहीं चाहिए। ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी प्रतिदिन गौशालाओं का भ्रमण कर पशुओं के स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे। गौशाला में भूसा की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में होनी चाहिए। इस दौरान जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, सभी उप जिला अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, खंड विकास अधिकारी आदि मौजूद रहे।
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कलक्ट्रेट सभागार में गोशालाओं के संबंध में बैठक में दिशा-निर्देश देते डीएम ने कहा कि संबंधित अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन करें तो सांथलपुर की घटना न होती। कहा कि गायों के संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खंड विकास अधिकारी और उप जिलाधिकारी लगातार गोशालाओं पर नजर रखें। गौवंश को दिए जाने वाले हरे चारे का विशेष ध्यान रखा जाए। चारा ज्यादा देर तक न रखा जाए। ट्राली में लाने के बाद चारा खाली जमीन पर फैला दिया जाए। प्रत्येक गौशाला में सूखा चारा और हरा चारा का रजिस्टर बनाए।
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चारे के साथ 80 प्रतिशत भूसा और 20 प्रतिशत हरा चारा मिलाकर पशुओं को दिया जाए। बीमार पशुओं का तत्काल इलाज हो। कोई भी पशु बीमारी से मरना नहीं चाहिए। ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी प्रतिदिन गौशालाओं का भ्रमण कर पशुओं के स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे। गौशाला में भूसा की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में होनी चाहिए। इस दौरान जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, सभी उप जिला अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, खंड विकास अधिकारी आदि मौजूद रहे।
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