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मंडलायुक्त ने की हसनपुर चेयरमैन के पिछड़ी जाति के प्रमाण पत्र को निरस्त करने की संस्तुति
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चेयरमैन नीलम खान के फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में जांच के बाद मंडलायुक्त ने उनके पिछड़ी जाति के प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए उसे निरस्त करने की संस्तुति की है। जिससे चेयरमैन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
भाजपा के तत्कालीन नगर अध्यक्ष अतुल गर्ग ने चार जनवरी 2018 को तत्कालीन डीएम प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी। कहा था कि हसनपुर नगर पालिका से निर्वाचित चेयरमैन नीलम खान सामान्य जाति की महिला है। जबकि उन्होंने पिछड़ी जाति के फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा है। यह संवैधानिक रूप से गैर कानूनी है। डीएम ने इसकी जांच कराई थी। कुछ दिन बाद ही चेयरमैन ने हाईकोर्ट से स्टे प्राप्त कर लिया था। सात दिसंबर 2020 को स्टे रद्द हो गया था। फिर से जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम संभल ने जांच पड़ताल के बाद नीलम खान को सामान्य जाति का होना बताया। उनका नाम नीलम खान की नहीं नीलम शान होने का दावा किया। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी अमरोहा को भेजी गई। जिलाधिकारी ने पांच लोगों की एक समिति बनाई थी।
समिति ने जांच के उपरांत नीलम शान को शेख सामान्य जाति का होना ही साबित किया। इसके बाद मामला मंडलायुक्त तक पहुंचा तो उन्होंने संभल एसडीएम को निर्देशित कर फिर से जांच कराई। एसडीएम संभल ने स्क्रूटनी कमेटी गठित की। जिसमें राजस्व निरीक्षक शमशाद हुसैन, लेखपाल अनिल गुप्ता, राजस्व निरीक्षक जाहिद हुसैन, लेखपाल जौहरी सिंह की टीम ने जांच की। जिसमें नीलम शान को शेख जाति की बताते हुए सामान्य जाति की होना बताया। अभिलेखों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद नीलम शान को सामान्य जाति का ही माना गया है। उनके पिछड़ी जाति के प्रमाण पत्र को निरस्त करने की संतुति मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार ने की है। जिससे अब चेयरमैन नीलम शान की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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भाजपा के तत्कालीन नगर अध्यक्ष अतुल गर्ग ने चार जनवरी 2018 को तत्कालीन डीएम प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी। कहा था कि हसनपुर नगर पालिका से निर्वाचित चेयरमैन नीलम खान सामान्य जाति की महिला है। जबकि उन्होंने पिछड़ी जाति के फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा है। यह संवैधानिक रूप से गैर कानूनी है। डीएम ने इसकी जांच कराई थी। कुछ दिन बाद ही चेयरमैन ने हाईकोर्ट से स्टे प्राप्त कर लिया था। सात दिसंबर 2020 को स्टे रद्द हो गया था। फिर से जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम संभल ने जांच पड़ताल के बाद नीलम खान को सामान्य जाति का होना बताया। उनका नाम नीलम खान की नहीं नीलम शान होने का दावा किया। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी अमरोहा को भेजी गई। जिलाधिकारी ने पांच लोगों की एक समिति बनाई थी।
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समिति ने जांच के उपरांत नीलम शान को शेख सामान्य जाति का होना ही साबित किया। इसके बाद मामला मंडलायुक्त तक पहुंचा तो उन्होंने संभल एसडीएम को निर्देशित कर फिर से जांच कराई। एसडीएम संभल ने स्क्रूटनी कमेटी गठित की। जिसमें राजस्व निरीक्षक शमशाद हुसैन, लेखपाल अनिल गुप्ता, राजस्व निरीक्षक जाहिद हुसैन, लेखपाल जौहरी सिंह की टीम ने जांच की। जिसमें नीलम शान को शेख जाति की बताते हुए सामान्य जाति की होना बताया। अभिलेखों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद नीलम शान को सामान्य जाति का ही माना गया है। उनके पिछड़ी जाति के प्रमाण पत्र को निरस्त करने की संतुति मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार ने की है। जिससे अब चेयरमैन नीलम शान की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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