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Amroha News: गंगेश्वरी ब्लॉक के 84 स्कूलों के भवन जर्जर

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 03 Jan 2023 07:00 AM IST
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dilapidated buildings of 84 schools of gangeshwari block
क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवनों को ध्वस्त नहीं कराया जा रहा। अधिकांश जर्जर भवनों में बच्चों को नहीं पढ़ाया जा रहा, लेकिन उसी परिसर में दूसरे भवन में बच्चों की पढ़ाई की जा रही है। खतरा बना हुआ है। जर्जर भवनों के आसपास बच्चे खेलते कूदते रहते हैं लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। गंगेश्वरी ब्लॉक में ऐसे 84 जर्जर विद्यालय के भवन हैं। प्राथमिक विद्यालय फरौटा में 58 बच्चे पंजीकृत हैं इन्हें जर्जर भवन के पास ही बने कमरों में पढ़ाया जाता है
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गंगेश्वरी क्षेत्र में शिक्षा विभाग के स्कूलों में जर्जर भवनों की हकीकत बदतर है। इन्हीं भवनों के परिसर में बच्चे पढ़ते और खेलते-कूदते हैं। क्षेत्र में ऐसे जर्जर भवनों की संख्या लगभग 84 है। शिक्षा विभाग ने अलग-अलग सर्वे के बाद जर्जर भवनों को कंडम तो घोषित किया जा चुका है। लेकिन जर्जर भवनों को कब ध्वस्त कराया जाएगा। इस बात पर कोई जोर नहीं है। इन भवनों की स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि भवन कब गिर जाएं और इनकी चपेट में कौन बच्चा आ जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। शिक्षकों से लेकर अभिभावकों तक को बच्चों की सुरक्षा का भय सता रहा है।
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घटनाओं से भी सबक नहीं ले रहा शिक्षा विभाग
रहरा। विभागीय अधिकारी घटनाओं से भी सबक नहीं ले रहे हैं। क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय फरौटा का दस अक्तूबर को जर्जर भवन रात्रि में भरभरा कर गिर गया था। गनीमत रही कि बच्चों के पढ़ते समय हादसा नहीं हुआ था। अन्यथा हादसा बड़ा भी हो सकता था।
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70 साल पुराने विद्यालयों अभी तक होती है नौनिहालों की पढ़ाई
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते 70 वर्ष पुराने जर्जर विद्यालयों में नौनिहालों की पढ़ाई कराई जा रही है। 1952 में बने प्राथमिक विद्यालय चकफेरी एवं प्राथमिक विद्यालय खेलिया खालसा एवं 1962 में बने प्राथमिक विद्यालय रुस्तमपुर एवं प्राथमिक विद्यालय पाढली और 1971 में बने प्रावि दरियापुर तुगन के जर्जर भवन में अभी भी पढ़ाई कराई जा रही है।
इन स्कूलों के हैं जर्जर भवन
प्राथमिक विद्यालय सिरसा गुर्जर, प्राथमिक विद्यालय पिपलौती खुर्द, प्राथमिक विद्यालय गुलामपुर, प्राथमिक विद्यालय गंगाचोली, प्राथमिक विद्यालय मंगरौला, प्राथमिक विद्यालय चकफेरी, प्राथमिक विद्यालय रहरा, प्राथमिक विद्यालय ढबारसी, प्राथमिक विद्यालय आशकपुर, प्राथमिक विद्यालय ओगारपुर, प्राथमिक विद्यालय पाढली, प्राथमिक विद्यालय बरतौरा, प्राथमिक विद्यालय बिहारीपुर, प्राथमिक विद्यालय मछरिया, प्राथमिक विद्यालय जेवड़ा, प्राथमिक विद्यालय पतेई खादर, प्राथमिक विद्यालय लालापुर, प्राथमिक विद्यालय सलारा, प्राथमिक विद्यालय तालावड़ा, प्राथमिक विद्यालय मुबारिजपुर, प्राथमिक विद्यालय भावली, प्राथमिक विद्यालय दौरारा आदि।

गंगेश्वरी क्षेत्र के जर्जर विद्यालयों का मूल्यांकन कराया जा रहा है। जिनमें कुछ विद्यालयों का मूल्यांकन हो चुका है। शीघ्र ही जर्जर भवनों को ध्वस्त किया जाएगा। -गीता वर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी अमरोहा
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