अमरोहा पुलिस की किरकिरी: सूचना के बाद भी बदमाशों को नहीं कर सके गिरफ्तार, फर्राटा भरते हुए सरेआम भाग निकले
अमरोहा एसओजी और पुलिस सूचना के बाद भी बदमाश को पकड़ने में नाकाम रही। आरोपियों को पकड़ने के लिए जाम लगाकर घेराबंदी भी की गई थी। अब तक सीसीटीवी, फोन लोकेशन और कार के नंबर से भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला।
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पूर्व सूचना होने के बाद भी कार से जा रहे बदमाश को घेरने में चूकी एसओजी टीम और पुलिस 24 घंटे बाद मंगलवार रात तक भी खाली हाथ है। भीड़ भरी सड़क पर एसओजी की आंखों के सामने कार को फर्राटा बनाने वाले बदमाश की गिरफ्तारी तो दूर लोकेशन तक ट्रेस नहीं कर पाई है।
बदमाश द्वारा इस्तेमाल की गई कार का रजिस्ट्रेशन नंबर, सीसीटीवी कैमरे, फोन लोकेशन आदि से अभी तक कोई मदद नहीं मिल सकी है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उस बदमाश पर बरेली, मुरादाबाद व संभल में 23 मुकदमे दर्ज हैं।
शक है कि कार सवार बदमाश और साथ बैठा उसका साथी अमरोहा में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश के तहत आ रहा था। सोमवार को मुखबिर से बदमाश के दिल्ली दिशा से आने की जानकारी पर टीम सक्रिय हुई और उसकी कार को फंसाने के लिए मुख्य सड़क पर जाम लगवाया।
टीम बदमाश की कार के करीब तक तो पहुंची लेकिन घेराबंदी की टीम की रणनीति पर बदमाश की फुर्ती भारी पड़ी। टीम की आंखों के सामने कम जगह के बीच से भी बदमाश कार निकालकर रफूचक्कर होने में कामयाब हो गया।
भागते समय सामान्य लोगों के कुछ वाहनों में टक्कर मारने से भी बदमाश नहीं झिझका। इससे माना जा रहा है कि बदमाश शातिर था और खुद को गिरफ्तारी से बचाने के लिए किसी को कार से रौंदने तक का हौसला बनाए हुए था।
बदमाश का नाम बताने से बच रहे
एसओजी टीम और पुलिस बदमाश का नाम बताने से बच रही है। इस बात को भी स्पष्ट नहीं कर रही कि भागा बदमाश इनामी था या नहीं। स्थानीय पुलिस अपने बचाव में कह रही है कि एसओजी ने अपने इस आपरेशन को गुप्त रखने के चक्कर में थाना पुलिस को बदमाश के जिले की सीमा में दाखिल होने की जानकारी नहीं दी थी।
उठने लगे सवाल, जवाब नहीं
इससे यह सवाल उठ रहा है कि अगर पुलिस का कहना सही है तो एसओजी ने ऐसा क्यों किया। सवाल यह भी उठ रहा है कि बदमाश के भाग जाने के बाद तो यह जानकारी पूरे जिले की पुलिस को हो गई तो इसके बाद उस तक पहुंचने के लिए पुलिस ने क्या प्रयास किए।
जिस बदमाश के चकमा देकर भागने का दृश्य गजरौला नगर के तमाम लोगों ने देखा तो उस पर परदा डालने की कोशिश क्यों की जा रही है। फिलहाल इस तरह के किसी भी सवाल का सीधा जवाब सामने नहीं आया है।
नगर या नजदीक के किसी कस्बे में भूमिगत तो नहीं हो गया
कार समेत भागे बदमाश का सुराग न लगने से उसके गजरौला-हसनपुर या नजदीक के किसी कस्बे में पहुंचकर भूमिगत होने के कयास लगाए जा रहे हैं। अनुमान जताया जा रहा है कि परिस्थिति के हिसाब से बदमाश ने गजरौला से हसनपुर का रूट पकड़ा होगा। वह हसनपुर से पार भी हो सकता है और किसी स्थानीय ठिकाने पर छिपने से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
तीन बार कार बदलने की चर्चा का सच भी अस्पष्ट
बदमाश प्रकरण में शुरुआत से यह कहा जा रहा है कि बदमाश काफी शातिर और दुस्साहसी है। खुद की घेराबंदी की तैयारी की जानकारी मिलने पर भी वह दुस्साहसी तरीके से आगे बढ़ता रहा। अपनी कार की पहचान छिपाने के लिए रास्ते में तीन बार कार बदलने का शातिरपन भी किया।
अगर इस बात को सच मान लिया जाए तो रास्ते में बदमाश के अन्य मददगार अलग-अलग स्थानों पर कारों के साथ मौजूद रहे होंगे। ऐसी स्थिति बदमाशों के बड़े नेटवर्क का संकेत है। इस तरह के सवालों के सही जवाब पुलिस की ओर से स्थिति स्पष्ट करने पर ही मिल सकेंगे।
पिछले दिनों अमरोहा में हुई घटनाओं में शामिल होने का शक
एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि एसओजी ने बदमाश पकड़ने की कोशिश की थी लेकिन भीड़भाड़ होने के कारण सफलता नहीं मिली। भागे बदमाश के पिछले दिनों अमरोहा में हुई घटनाओं में शामिल होने का शक है।
यह भी हो सकता है कि वह किसी घटना को अंजाम देने के इरादे से अमरोहा आ रहा था। उसके खिलाफ बरेली, मुरादाबाद, संभल के थानों में 23 मुकदमे दर्ज हैं। बदमाश पर इनाम है, इसकी जानकारी नहीं है। कई बार होता है कि पुलिस दबिश देती है और सफलता नहीं मिलती, यह मामला भी वैसा ही है। उसे ट्रेस किया जा रहा है, जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।