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Amroha News: अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग, प्रदर्शन
Fri, 29 Sep 2023 01:48 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 29 Sep 2023 01:48 AM IST
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अमरोहा। निजी अस्पताल में बुखार पीड़ित मां-बेटी की बीस घंटे के भीतर मौत के मामले में अस्पताल संचालक व स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को भी परिजन एसपी कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। पुलिस पर एफआईआर दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया। वहीं एसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच करने की बात कही। उधर, सीएमओ के निर्देश पर टीम अस्पताल पहुंची और संचालक को नोटिस देकर जवाब मांगा। उपचार से संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं। संतोषजनक जबाव नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
देहात थानाक्षेत्र मीरा सराय की मढैयां में मजदूर सोमपाल सिंह का परिवार रहता है। उनकी पत्नी निशा और बेटी छुटकी को तीन दिन पहले बुखार आया था। परिजन पहले तो गांव के ही चिकित्सक से उपचार कराते रहे। लेकिन ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर दोनों को कैलसा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। मंगलवार की शाम करीब सात बजे निशा की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव को घर ले गए और बुधवार की सुबह अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे परिजन छुटकी की तबीयत जानने के लिए अस्पताल पहुंचे तो खुद छुटकी ने अपना स्वास्थ्य ठीक नहीं होने की बात कही। लिहाजा परिजनों ने अस्पताल संचालक, डॉक्टर और स्टाफ से छुटकी को रेफर करने के लिए कहा। आरोप है कि अस्पताल संचालक व स्टाफ ने छुटकी को रेफर करने से इन्कार कर दिया। इतना ही नहीं स्टाफ ने लोगों से अभद्रता की। जाति सूचक शब्द कहकर अपमानित किया। अस्पताल कर्मियों का रवैया देखकर पीड़ित परिजनों ने डायल 112 पुलिस को मौके पर बुला लिया। पुलिस के सामने भी अस्पताल संचालक ने दुर्व्यवहार किया। करीब तीन घंटे तक अस्पताल में हंगामा चलता रहा। पुलिस के कहने पर अस्पताल स्टाफ ने छुटकी को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजन छुटकी को लेकर जोया रोड स्थित एक निजी अस्पताल में पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। अस्पताल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। इसके बाद परिजन छुटकी के शव को लेकर पुलिस ऑफिस पहुंचे। यहां शिकायती पत्र देकर अस्पताल संचालक, डॉक्टर व अन्य स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और गुस्साए परिजनों को समझाकर शांत कर दिया था। लेकिन बृहस्पतिवार को फिर परिजन एकत्र होकर एसपी कार्यालय पहुंचे और यहां अस्पताल संचालक व स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पीड़ित परिजनों ने कहा की तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जल्द ही कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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देहात थानाक्षेत्र मीरा सराय की मढैयां में मजदूर सोमपाल सिंह का परिवार रहता है। उनकी पत्नी निशा और बेटी छुटकी को तीन दिन पहले बुखार आया था। परिजन पहले तो गांव के ही चिकित्सक से उपचार कराते रहे। लेकिन ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर दोनों को कैलसा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। मंगलवार की शाम करीब सात बजे निशा की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव को घर ले गए और बुधवार की सुबह अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे परिजन छुटकी की तबीयत जानने के लिए अस्पताल पहुंचे तो खुद छुटकी ने अपना स्वास्थ्य ठीक नहीं होने की बात कही। लिहाजा परिजनों ने अस्पताल संचालक, डॉक्टर और स्टाफ से छुटकी को रेफर करने के लिए कहा। आरोप है कि अस्पताल संचालक व स्टाफ ने छुटकी को रेफर करने से इन्कार कर दिया। इतना ही नहीं स्टाफ ने लोगों से अभद्रता की। जाति सूचक शब्द कहकर अपमानित किया। अस्पताल कर्मियों का रवैया देखकर पीड़ित परिजनों ने डायल 112 पुलिस को मौके पर बुला लिया। पुलिस के सामने भी अस्पताल संचालक ने दुर्व्यवहार किया। करीब तीन घंटे तक अस्पताल में हंगामा चलता रहा। पुलिस के कहने पर अस्पताल स्टाफ ने छुटकी को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजन छुटकी को लेकर जोया रोड स्थित एक निजी अस्पताल में पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। अस्पताल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। इसके बाद परिजन छुटकी के शव को लेकर पुलिस ऑफिस पहुंचे। यहां शिकायती पत्र देकर अस्पताल संचालक, डॉक्टर व अन्य स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और गुस्साए परिजनों को समझाकर शांत कर दिया था। लेकिन बृहस्पतिवार को फिर परिजन एकत्र होकर एसपी कार्यालय पहुंचे और यहां अस्पताल संचालक व स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पीड़ित परिजनों ने कहा की तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जल्द ही कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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