{"_id":"6a5fc8f7e50386717e062083","slug":"death-certificate-issued-in-the-name-of-mahfuza-begum-cancelled-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-168762-2026-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: महफूजा बेगम के नाम से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: महफूजा बेगम के नाम से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र निरस्त
Wed, 22 Jul 2026 01:01 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 22 Jul 2026 01:01 AM IST
विज्ञापन
अमरोहा। मोहल्ला अहमदनगर निवासी महफूजा बेगम के नाम से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र नगर पालिका ने जांच के बाद निरस्त कर दिया है। जांच में दस्तावेजों और गवाहों से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आने के साथ नगर पालिका के एक कर्मचारी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।
महफूजा बेगम को कागजों में मृत दिखाकर उनके नाम से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया था। जबकि वह जीवित हैं और चार फरवरी 2026 को अपनी जमीन के फर्जी बैनामे के मामले में छह लोगों के खिलाफ नगर कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज करा चुकी हैं। इसके बावजूद 26 फरवरी को जन्म-मृत्यु शाखा से उनके नाम का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। शपथ पत्र में उनकी मृत्यु 25 जुलाई 2024 दर्शाई गई थी।
मामला सामने आने पर नगर कोतवाली के दरोगा पवन कुमार के स्पष्टीकरण मांगने के बाद तत्कालीन अधिशासी अधिकारी डॉ. बृजेश सिंह ने कर अधीक्षक केशव प्रसाद की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। जांच में एक गवाह उपस्थित नहीं हुआ, जबकि दूसरे ने आधार कार्ड के दुरुपयोग का आरोप लगाया। जांच में दस्तावेज तैयार कराने की प्रक्रिया में नगर पालिका के एक कर्मचारी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई।
विज्ञापन
कर अधीक्षक एवं जांच समिति के अध्यक्ष केशव प्रसाद ने बताया कि रिपोर्ट अधिशासी अधिकारी को सौंप दी गई थी। रिपोर्ट के आधार पर महफूजा बेगम के नाम से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया है। अन्य कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देश पर की जाएगी।
विज्ञापन
महफूजा बेगम को कागजों में मृत दिखाकर उनके नाम से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया था। जबकि वह जीवित हैं और चार फरवरी 2026 को अपनी जमीन के फर्जी बैनामे के मामले में छह लोगों के खिलाफ नगर कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज करा चुकी हैं। इसके बावजूद 26 फरवरी को जन्म-मृत्यु शाखा से उनके नाम का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। शपथ पत्र में उनकी मृत्यु 25 जुलाई 2024 दर्शाई गई थी।
विज्ञापन
मामला सामने आने पर नगर कोतवाली के दरोगा पवन कुमार के स्पष्टीकरण मांगने के बाद तत्कालीन अधिशासी अधिकारी डॉ. बृजेश सिंह ने कर अधीक्षक केशव प्रसाद की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। जांच में एक गवाह उपस्थित नहीं हुआ, जबकि दूसरे ने आधार कार्ड के दुरुपयोग का आरोप लगाया। जांच में दस्तावेज तैयार कराने की प्रक्रिया में नगर पालिका के एक कर्मचारी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई।
विज्ञापन
कर अधीक्षक एवं जांच समिति के अध्यक्ष केशव प्रसाद ने बताया कि रिपोर्ट अधिशासी अधिकारी को सौंप दी गई थी। रिपोर्ट के आधार पर महफूजा बेगम के नाम से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया है। अन्य कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देश पर की जाएगी।