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Amroha News: यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर की बेटी बनीं आईएएस, हासिल की 14वीं रैंक
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अमरोहा। सिविल सेवा परीक्षा (यूपीएससी) में अमरोहा की बेटी सुरभि यादव ने शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने देशभर में 14वीं रैंक प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। इंस्पेक्टर पिता राकेश कुमार यादव और मां अखिलेश देवी की आंखें खुशी से नम हो गईं, जबकि गांव और रिश्तेदारों में मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया गया।
मूलरूप से नौगावां सादात क्षेत्र के गांव नसीर नगला निवासी राकेश कुमार यादव उत्तर प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं और वर्तमान में ईओडब्ल्यू वाराणसी में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने कॅरिअर की शुरुआत यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पद से की थी। वर्ष 2007 में वह दरोगा बने और वर्ष 2021 में पदोन्नत होकर इंस्पेक्टर बने। परिवार में पत्नी अखिलेश देवी, बेटी सुरभि यादव और बेटा राजशेखर यादव हैं। परिवार में शिक्षा का माहौल हमेशा से रहा, जिसने बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
राकेश यादव की पोस्टिंग के दौरान परिवार बरेली में रहने लगा था। सुरभि यादव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बरेली से ही पूरी की। उन्होंने दसवीं की परीक्षा एसआर इंटरनेशनल स्कूल बरेली से और 12वीं की परीक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल बरेली से उत्तीर्ण की। इंटरमीडिएट में सुरभि ने 96 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मंडल में पहला स्थान हासिल किया था। इसके बाद सुरभि ने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से बीए ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली से इतिहास विषय में एमए की डिग्री प्राप्त की।
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सुरभि का सपना शुरू से ही यूपीएससी के माध्यम से देश सेवा करना था। हालांकि, उनका सफर आसान नहीं रहा। सिविल सेवा परीक्षा 2023 के फाइनल में वह मात्र दस अंकों से चयन से चूक गई थीं। लेकिन उसी परीक्षा के अंकों के आधार पर उन्हें युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत माय भारत योजना में एडिशनल डायरेक्टर/डीवाईओ के पद पर नियुक्ति मिली। वह बीते जनवरी से इस पद पर कार्यरत हैं। तीन प्रयासों में सफलता नहीं मिलने के बावजूद सुरभि ने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य के प्रति लगातार मेहनत जारी रखी। शुक्रवार को घोषित हुए यूपीएससी के परिणाम में उन्होंने देश में 14वीं रैंक हासिल कर अपनी मेहनत का फल पा लिया। सुरभि की इस सफलता पर उनके पिता राकेश कुमार यादव ने कहा कि बेटी ने दसवीं पास करने के बाद ही यूपीएससी करने और देश सेवा करने का संकल्प ले लिया था।
परिवार के सभी सदस्य उसकी लगन और अनुशासन से बेहद प्रभावित रहे हैं। सुरभि के छोटे भाई राजशेखर यादव भी आईआईटी रुड़की से बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक कर चुके हैं और वर्तमान में बेंगलुरु की एक मल्टीनेशनल कंपनी में एआई इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं। सुरभि की उपलब्धि से पूरे परिवार और जिले में खुशी का माहौल है।-- -- -- -- -- -- -- -- --
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मूलरूप से नौगावां सादात क्षेत्र के गांव नसीर नगला निवासी राकेश कुमार यादव उत्तर प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं और वर्तमान में ईओडब्ल्यू वाराणसी में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने कॅरिअर की शुरुआत यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पद से की थी। वर्ष 2007 में वह दरोगा बने और वर्ष 2021 में पदोन्नत होकर इंस्पेक्टर बने। परिवार में पत्नी अखिलेश देवी, बेटी सुरभि यादव और बेटा राजशेखर यादव हैं। परिवार में शिक्षा का माहौल हमेशा से रहा, जिसने बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
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राकेश यादव की पोस्टिंग के दौरान परिवार बरेली में रहने लगा था। सुरभि यादव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बरेली से ही पूरी की। उन्होंने दसवीं की परीक्षा एसआर इंटरनेशनल स्कूल बरेली से और 12वीं की परीक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल बरेली से उत्तीर्ण की। इंटरमीडिएट में सुरभि ने 96 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मंडल में पहला स्थान हासिल किया था। इसके बाद सुरभि ने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से बीए ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली से इतिहास विषय में एमए की डिग्री प्राप्त की।
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सुरभि का सपना शुरू से ही यूपीएससी के माध्यम से देश सेवा करना था। हालांकि, उनका सफर आसान नहीं रहा। सिविल सेवा परीक्षा 2023 के फाइनल में वह मात्र दस अंकों से चयन से चूक गई थीं। लेकिन उसी परीक्षा के अंकों के आधार पर उन्हें युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत माय भारत योजना में एडिशनल डायरेक्टर/डीवाईओ के पद पर नियुक्ति मिली। वह बीते जनवरी से इस पद पर कार्यरत हैं। तीन प्रयासों में सफलता नहीं मिलने के बावजूद सुरभि ने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य के प्रति लगातार मेहनत जारी रखी। शुक्रवार को घोषित हुए यूपीएससी के परिणाम में उन्होंने देश में 14वीं रैंक हासिल कर अपनी मेहनत का फल पा लिया। सुरभि की इस सफलता पर उनके पिता राकेश कुमार यादव ने कहा कि बेटी ने दसवीं पास करने के बाद ही यूपीएससी करने और देश सेवा करने का संकल्प ले लिया था।
परिवार के सभी सदस्य उसकी लगन और अनुशासन से बेहद प्रभावित रहे हैं। सुरभि के छोटे भाई राजशेखर यादव भी आईआईटी रुड़की से बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक कर चुके हैं और वर्तमान में बेंगलुरु की एक मल्टीनेशनल कंपनी में एआई इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं। सुरभि की उपलब्धि से पूरे परिवार और जिले में खुशी का माहौल है।