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Amroha News: जिले में भी कम नहीं खुले नालों से खतरे

Tue, 15 Jul 2025 02:19 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Tue, 15 Jul 2025 02:19 AM IST
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Dangers from open drains are no less in the district
अमरोहा। हर साल लाखों खर्च करने के बाद भी नगर निकाय क्षेत्र में नाले खुले पड़े हैं जो हादसों को दावत दे रहे हैं। इन खुले नालों के पास से रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। जरा सी असावधानी लोगों की जान की दुश्मन बन जाती है। रात के अंधेरे में यह खुले नाले स्पष्ट न पड़ने पर कई बार वाहन चालक हादसे का शिकार बन जाते हैं। शहर की गली मोहल्लों में भी यही हाल हैं।
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जिम्मेदारों के लापरवाही के कारण पिछले दिनों में खुले नालों में डूबकर बच्चों सहित कई लोगों की मौत हो चुकी हैं। रविवार को लखनऊ में नाले में डूबकर युवक की मौत होने के बाद भी जिम्मेदार गंभीर नहीं है। यहां लापरवाह जेई को निलंबित किया गया है जबकि ठेकेदार व पार्षद पर दर्ज मुकदमा दर्ज किया गया है। अमरोहा शहर से लेकर सभी नगर पालिका व नगर पंचायत क्षेत्र में खुले नालों की संख्या कम नहीं है।
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अमरोहा के मोहल्ला छेबड़ा, बिजनौर रोड, इस्लामनगर, अहमदनगर, कैलसा बाईपास, कांठ रोड पर अधिकांश नाले खुले मिले। इनके ऊपर स्लैब नहीं थे जबकि हर साल नालों पर स्लैब डालने के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। बाकायदा इसके लिए टेंडर होते हैं। यह स्थिति अमरोहा शहर की नहीं बल्कि हसनपुर, गजरौला, मंडी धनौरा, बछरायूं, उझारी, नौगांवा सादात और जोया समेत सभी नगर निकाय क्षेत्र की है।
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वहीं गजरौला में मंडी समिति मायापुरी मोहल्ले में है। मंडी के किनारे का नाला पूरी तरह से खुला हुआ है। इस मार्ग से व्यापारियों, खरीदारों के साथ ही चौहानपुरी, मायापुरी के साथ संत नगर मोहल्ले के लोग निकलते हैं। साथ ही एक निजी इंटर कॉलेज भी है।
मोहल्ले में काफी लंबा और खुला हुआ नाला हादसों को दावत दे रहा है। बारिश में तो सड़क और नाले में अंतर करना मुश्किल हो जाता है।
गंभीर नहीं है पालिका प्रशासन
मंडी धनौरा। नगर में पानी की निकासी के लिए नाले बने हुए हैं। इनमें जामा मस्जिद के सामने मोहल्ला कटरा, मोहल्ला सोसायटी में पुराने डाकखाने के पास, मोहल्ला चामुंडा, बाईपास मार्ग पर बाढ़ खंड के नालों की गहराई पांच फीट से भी अधिक है। यहां नालों पर स्लैब नहीं पड़ा होने की वजह से हादसों का डर बना रहता है। बरसात के सीजन में नालाें में पानी भी अधिक हो रहा है। पालिका प्रशासन नालों पर स्लैब डालने के लिए गंभीर नहीं है। ईओ का कहना है कि जहां नाले खुले हुए हैं। वहां शीघ्र ही नालों पर पाट व स्लैब रखवाए जाएंगे।
पालिका के पास नाले पर स्लैब नहीं
हसनपुर। नगर पालिका हसनपुर में क्षेत्र में कई स्थानों पर खुले नाले खतरनाक साबित हो रहे हैं। खासकर बरसात के मौसम में समस्या जटिल बनी हुई है। नगर के आंबेडकर से सरकारी अस्पताल रोड, आंबेडकर से अतरासी चौराहा, अतरासी चौराहा से मंडी समिति की ओर, संभल अड्डा पर पेट्रोल पंप के पीछे वाले रास्ते पर व रहरा बाईपास, पूठरोड समेत शहर में भी कई स्थानों पर नाले ऊपर से खुले हुए हैं। इनमें धोखे से आए दिन कोई न कोई गिरकर घायल होता रहता है। खास बात यह है कि नगर पालिका के गेटर नंबर दो पर भी नाले के पर पड़ी स्लैब दो माह से टूटी पड़ी है। इसके अलावा पालिका के बराबर में ही सार्वजनिक शौचालय का सेफ्टिक टैंक का स्लैब भी कई माह से टूटा पड़ा है।
उझारी में भी खतरा
उझारी। नगर में बस स्टैंड से लेकर टीपू चौक और ढबारसी चौराहे तक सड़क किनारे बने पांच से छह फीट गहरे नाले बिना किसी ढक्कन या सुरक्षा के खुले पड़े हैं। साप्ताहिक बाजार के दौरान इन खुले नालों के पास भीड़ बढ़ जाती है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह जगह दुर्घटना का कारण बन सकती है। जगह-जगह लगी लोहे की जालियां टूटी व उखड़ी हुई हैं। इन नालों की गहराई लगभग 5 से 6 फुट है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार मवेशी इन नालों में गिर चुके हैं। उन्हें निकालने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ी। यदि कोई बच्चा या बुजुर्ग इसमें गिर जाए तो जानलेवा दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
नालों के कारण हादसों में इन लोगों की हुई मौत
एक मई 2021 को संभल के नखासा थानाक्षेत्र के गांव रम्पुरा जट निवासी निजी क्लीनिक संचालक अरविंद कार से सैदनगली आए थे। सैदनगली के पास हसनपुर-संभल मार्ग पर सामने से आ रहे वाहन को बचाने के चक्कर में रजा धर्म कांटे के पास उनकी कार नाले में गिर गई। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से घायल को बाहर निकाल कर निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
दो दिसंबर 2021 को रजबपुर क्षेत्र के अतरासी कलां गांव निवासी कादर खां का ढाई साल का बेटा अबुबकर मोहल्ले के बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रहा था। घर के पास ही एक नाला बना है, जिस पर स्लैब नहीं पड़ी थी। खेलते समय मासूम अबुबकर नाले में गिर कर समा गया। मोहल्ले के लोगों ने अबूबकर को बाहर निकला था लेकिन इससे पहले उसकी मौत हो चुकी थी।
28 जून 2022 को गजरौला की फैक्टरी में काम करने वाले विपिन सिंह फैक्टरी की आवासीय कॉलोनी के नाले में गिरकर उनके चार वर्षीय बेटा अयांश की मौत हो गई थी। नाला इतना गहरा था कि आयांश नजर नहीं आ रहा था। कई घंटे बाद उसका शव नाले में भरे पानी में उतराता मिला था।

- सभी नगर पालिकाओं में सुरक्षा की दृष्टि से नालों पर स्लैब डालने के निर्देश सबंधित ईओ को दिए जाएंगे। इसमें लापरवाही पर कार्रवाई भी की जाएगी। - ब्रजेश कुमार त्रिपाठी, एडीएम वित्त व राजस्व
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