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सावधान! डेढ़ साल में 385 लोगों से ठगे 1.20 करोड़

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jul 2021 12:03 AM IST
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cyber crime
अमरोहा। जनपद में साइबर ठगी की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। डिजिटल जमाने में साइबर ठग आपको लालच देकर आपकी लापरवाही का फायदा उठाकर मेहनत की कमाई उड़ा रहे। हालात यह है कि डेढ़ साल में 385 लोगों से 1.20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। वहीं पुलिस ने करीब 22 लाख रुपये वापस कराए हैं।
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साइबर ठगी के कारण तलाशने पर पुलिस के हाथ ठगी करने में अपनाए जाने वाले हथकंडे हाथ लगे हैं। साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक साइबर ठगी करने वाले सबसे पहले फोन कर किसी स्कीम का लालच देकर मैसेज भेजते हैं। इसके बाद ओटीपी पूछकर, लिंक भेजकर, एनी डेस्क एप डाउनलोड करवाकर, या क्यूआर कोड स्कैन कराकर ठगी करते हैं। लकी ड्रा में नाम आने या अन्य लालच देकर एटीएम कोड पूछ लेते हैं। ऑनलाइन पेमेंट एप के माध्यम से भी जालसाज खाते की जानकारी लेकर नगदी उड़ा लेते हैं।
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ऐसे ही तमाम घटनाएं साइबर सेल के रिकार्ड में दर्ज हैं। वर्ष 2020 में साइबर ठगी की 193 शिकायतें दर्ज की गई हैं। जबकि विभिन्न थानों में 18 मुकदमे आईटी एक्ट और धोखाधड़ी के दर्ज हुए हैं। कुल 210 घटनाओं में 60 लाख रुपये ठगे गए हैं। जबकि साइबर सेल ने 9 लाख 80 हजार रुपये वापस कराए हैं। वहीं इस साल केवल छह महीने में साइबर अपराध की घटनाओं ने पिछले साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। वर्ष 2021 में जनवरी से लेकर 30 जून तक 170 शिकायतें दर्ज की गई हैं। पांच एफआईआर दर्ज हुई हैं। सभी मामलों में 81 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। हालांकि पुलिस ने 11 लाख 36 हजार रुपये वापस कराए हैं। कुल मिलाकर डेढ़ साल में 385 लोगों से ठगे 1.20 करोड़ की धोखाधड़ी हुई है।
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फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों से ऐंठ रहे रकम
अमरोहा। इन दिनों साइबर ठग लोगों की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर उनके मित्र या परिचितों से रुपये मांग कर धोखाधड़ी कर रहे हैं। ऐसी घटनाएं प्रतिदिन सामने आ रही हैं। इसलिए ऐसे लोगों से सावधान रहें। अगर कोई व्यक्ति आपसे रुपये की डिमांड करता है, तो पहले अपने दोस्तों से फोन कर पुख्ता जानकारी कर लें।
तकनीकी रूप से साइबर सेल से आगे हैं ठग
अमरोहा। तकनीकी रूप से साइबर सेल अपराधियों से कई कदम पीछे है। क्योंकि साइबर सेल के पास उनकी गिरेबान पकड़ने के लिए आधुनिक संसाधन नहीं है। यही वजह है कि अधिकतर मामलों का पर्दाफाश नहीं हो पाता है।

क्या करें, क्या न करें
. किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई एप्लीकेशन या अन्य सामग्री का इस्तेमाल न करें।
. ऑनलाइन लेनदेन के समय लैपटॉप अथवा मोबाइल पर खुली हुई अन्य एप्लीकेशन को बंद कर दें।
. किसी भी ब्राउजर का उपयोग करने पर रिमेंबर पासवर्ड ऑप्शन का चयन न करें।
. किसी अनजान की बातों में न आकर अपने विवेक से काम लें
. किसी प्रकार से किसी को भी पेमेंट करने से बचें।
. सोशल मीडिया पर डाली गई एप्लीकेशन को डाउनलॉड न करें।
. सार्वजनिक स्थानों पर मोबाइल फोन में सर्च करने पर आने वाले वाईफाई या ब्लूटूथ, सिग्नल को एक्सेप्ट न करें।
. अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
साइबर ठगों से बचने के लिए लगातार लोगों को जागरूक किया जाता है। इसके बाद भी लालच में फंसकर लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। साइबर सेल में आने वाली शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है।- अजप प्रताप सिंह, एएसपी अमरोहा
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