फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   sold forest land

गर्दन फंसी तो अपनी जमीन से पल्ला झाड़ा

Wed, 29 Jun 2016 01:31 AM IST
अमर उजाला/ब्यूराे, अमराेहा
अमर उजाला/ब्यूराे, अमराेहा Updated Wed, 29 Jun 2016 01:31 AM IST
विज्ञापन
sold forest land
पैमाइश
वन विभाग के कर्मचारियों एवं अफसरों की मिलीभगत के चलते किसानों ने वन विभाग की दो सौ बीघे नहीं बल्कि करीब 630 बीघा जमीन पर आसपास के किसान खेती कर रहे हैं। इसके बदले में किसानों से मोटी रकम वसूली जा रही है।
विज्ञापन


अमर उजाला ने जमीन पर अवैध कब्जे के मु्द्दे को उठाया था। अब एसडीएम के आदेश पर जमीन की पैमाईश कराए जाने पर हकीकत खुलकर सामने आ गई है। एसडीएम ने राजस्व के अफसरों से अभिलेख तलब किए हैं। उधर गर्दन फंसती देख वन विभाग के अफसर इस जमीन को अपनी बताने से इंकार कर पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
विज्ञापन


तहसील क्षेत्र में बिहारीपुर गांव के निकट हरिबाबा बांध किनारे वन विभाग का हजारों बीघा जंगल है। वन विभाग ने वर्ष-2006 में इसका सर्वे कराकर हदबंदी कराई थी। आरोप है कि बाद में वन विभाग के अफसरों ने नजदीकी गांव पथरा के किसानों से साठगांठ करके वन विभाग की सैकड़ों बीघा जमीन पर उनका अवैध कब्जा करा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बदले किसानों से मोटी रकम वसूली जाती थी। समय के साथ ही अफसरों ने किसानों से वसूली जा रही धनराशि बढ़ा दी। जिस पर ग्रामीणों में विवाद हो गया। अवैध वसूली की रकम नहीं पहुंचने पर वन विभाग व अफसरों के बीच सौदेबाजी की पोल खुल गई।

23 जून के अंक में अमर उजाला ने इस मामले की पोल खोली थी। इसके बाद एसडीएम अशोक मौर्य के आदेश पर शनिवार की दोपहर तहसीलदार जसधीर सिंह व नायाब तहसीलदार देवेंद्र सिंह ने राजस्व विभाग की टीम को लेकर जंगल की पैमाईश कराई।

पैमाईश में यह हकीकत सामने आई कि वन विभाग की दो सौ बीघा नहीं बल्कि 630 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा है। यह जमीन राजस्व विभाग ने वन विभाग को पौधरोपण के लिए दी थी।

तहसीलदार व नायब तहसीलदार ने पैमाईश के बाद एसडीएम को रिपोर्ट भी सौंप दी। तहसीलदार स्वीकार करते हैं कि वन विभाग के लिए दी गई जमीन पर पौधरोपण नहीं किया गया है। इस पर पथरा के किसानों का अवैध कब्जा है और खेती की जा रही है।

वर्ष 2011 में राजस्व विभाग ने 40 हेक्टेयर (करीब 630 बीघा) जमीन जंगलात के लिए वन विभाग को दी  थी। जो तहसील की खतौनी में भी दर्ज है। इस जमीन पर पथरा के किसानों का अवैध कब्जा है। शनिवार को वन विभाग की टीम की मौजूदगी में राजस्व विभाग द्वारा जंगल की पैमाइश व नक्शों के मिलान में सामने आई है।
-जसधीर सिंह यादव, तहसीलदार हसनपुर

बुधवार को तहसीलदार से जंगल संबंधित रिकार्ड संग तलब किया गया है। अभिलेख देखने के बाद ही  सच्चाई सामने आएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

-अशोक मौर्य, उपजिलाधिकारी हसनपुर

खेती करने वाली जमीन से वन विभाग का कोई लेना देना नहीं है और न ही राजस्व विभाग की ओर से वन विभाग को कोई जमीन दी गई है। अगर दी गई है  तो राजस्व विभाग इसके अभिलेख दिखाए।
-शीतल पंवार, वन क्षेत्राधिकारी हसनपुर 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed