{"_id":"5c8c0703bdec22145e480fe1","slug":"181552680707-amroha-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईद बाद ढोलक कारोबारियों के घर बजनी थी शहनाई, काफूर हुई खुशियां","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ईद बाद ढोलक कारोबारियों के घर बजनी थी शहनाई, काफूर हुई खुशियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा। सीतापुर के मेले में जाते समय अमरोहा के दो ढोलक कारोबारियों की शाहजहांपुर में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। जबकि डीसीएम चालक समेत तीन लोग घायल हो गए। दोनों ढोलक कारोबारियों के घर में ईद के बाद शहनाई बजनी थी। दोनों का रिश्ता तय हो चुका था। लिहाजा परिवार के लोग शादियों की तैयारियों में लगे थे, लेकिन शुक्रवार की तड़के में परिवार की सभी खुशियां काफूर हो गईं। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन शाहजहांपुर के लिए निकल गए।
नगर कोतवाली के मोहल्ला बेगम सराय निवासी एहतेशाम और इकबाल उर्फ सीबू दोनों दूर के रिश्तेदार हैं। एहतेशाम के परिवार में माता-पिता के अलावा दो भाई और एक बहन हैं। जबकि इकबाल उर्फ सीबू के पिता की बीमारी के चलते छह माह पहले मौत हो गई थी। घर में मां जमरूत के अलावा दो भाई हैं। दोनों का परिवार वर्षों से ढोलक का कारोबार करता है। गैर जनपदों में लगने वाले मेलों में ढोलक ले जाकर बेचते हैं। परिजनों के मुताबिक कुछ ही दिनों पहले दोनों का रिश्ता तय हुआ था। ईद के बाद शादी होने की बात चल रही थी। परिवार के लोग शादी की तैयारियों में लगे थे। गुरुवार की रात करीब दो बजे दोनों अपने अन्य साथी असलम और मजदूर भूरा के साथ किराए की डीसीएम में ढोलकर लेकर सीतापुर के लिए निकले थे, लेकिन सुबह करीब छह घायल असलम में फोन कर हादसे की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
विज्ञापन
नगर कोतवाली के मोहल्ला बेगम सराय निवासी एहतेशाम और इकबाल उर्फ सीबू दोनों दूर के रिश्तेदार हैं। एहतेशाम के परिवार में माता-पिता के अलावा दो भाई और एक बहन हैं। जबकि इकबाल उर्फ सीबू के पिता की बीमारी के चलते छह माह पहले मौत हो गई थी। घर में मां जमरूत के अलावा दो भाई हैं। दोनों का परिवार वर्षों से ढोलक का कारोबार करता है। गैर जनपदों में लगने वाले मेलों में ढोलक ले जाकर बेचते हैं। परिजनों के मुताबिक कुछ ही दिनों पहले दोनों का रिश्ता तय हुआ था। ईद के बाद शादी होने की बात चल रही थी। परिवार के लोग शादी की तैयारियों में लगे थे। गुरुवार की रात करीब दो बजे दोनों अपने अन्य साथी असलम और मजदूर भूरा के साथ किराए की डीसीएम में ढोलकर लेकर सीतापुर के लिए निकले थे, लेकिन सुबह करीब छह घायल असलम में फोन कर हादसे की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
विज्ञापन