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किसी को जानकारी दिए बगैर पॉजिटिव गर्भवती का अन्य अस्पताल में कराया प्रसव, केस दर्ज
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अमरोहा। प्रसव कराने के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय में आई गर्भवती की कोरोना जांच पॉजिटिव निकली। इसके बाद परिजन किसी को उसके पॉजिटिव होने की जानकारी दिए बगैर उसे निजी एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल में प्रसव कराने ले गए। एंबुलेंस चालक ने पीपीई किट भी नहीं पहनी थी। इस लापरवाही से डिलीवरी कराने वाले अस्पताल में कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका है। सीएमएस ने देहात थाने में गर्भवती महिला और निजी एंबुलेंस चालक खिलाफ एफआईआर आर दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी किसान की पत्नी गर्भवती थी। 24 अगस्त को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। गर्भवती की कोरोना जांच कराई गई, जिसमें वह पॉजिटिव पाई गई। डॉक्टरों ने गर्भवती को सरकारी एंबुलेंस में शिफ्ट करा दिया। लेकिन, उसके परिजन गर्भवती को सरकारी एंबुलेंस से उतारकर एक निजी एंबुलेंस में बैठाकर किसी अन्य अस्पताल में प्रसव कराने के लिए ले गए। एंबुलेंस चालक ने भी पीपीई किट नहीं पहनी थी। गर्भवती और एंबुलेंस चालक की लापरवाही से प्रसव कराने वाले अस्पताल में कोरोना महामारी फैलने की आशंका है।
सीएमएस रामनिवास ने इस संबंध में डीएम, एसपी, सीएमओ और कोविड-19 नोडल अधिकारी को पत्र लिखा। इसके बाद अमरोहा देहात थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। एसओ अरिहंत कुमार ने बताया कि सीएमएस की तहरीर पर गर्भवती महिला और एंबुलेंस चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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डाक से भेजी गई थी तहरीर
अमरोहा। कोरोना संक्रमित गर्भवती के मामले में दस दिन बाद रिपोर्ट दर्ज किया गया। चौबीस अगस्त को गर्भवती के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद परिजन उसे निजी एंबुलेंस से लेकर चले गए थे। सीएमएस डा. रामनिवास के मुताबिक चौबीस अगस्त को ही उन्होंने डाक से देहात थाने को तहरीर भेज दी थी। वहीं देहात थाना प्रभारी का कहना है कि डाक दो सितंबर को मिला। इसके बाद रिपोर्ट किया गया
सरकारी एंबुलेंस से उतार बैठा दिया था निजी एंबुलेंस में
अमरोहा। गर्भवती महिला के कोरोना पॉजिटिव होने पर उसे सरकारी एंबुलेंस में बैठा गया था। लेकिन परिजनों ने अपनी स्वैच्छा से सरकारी एंबुलेंस से उतारकर उसे निजी एंबुलेंस में बैठा दिया। इसके बाद परिजन उसे लेकर निजी अस्पताल में चले गए। ऐसे में सीएमएस ने प्रसव कराने वाले निजी अस्पताल में कोरोना फैलने की आशंका जताई।
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नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी किसान की पत्नी गर्भवती थी। 24 अगस्त को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। गर्भवती की कोरोना जांच कराई गई, जिसमें वह पॉजिटिव पाई गई। डॉक्टरों ने गर्भवती को सरकारी एंबुलेंस में शिफ्ट करा दिया। लेकिन, उसके परिजन गर्भवती को सरकारी एंबुलेंस से उतारकर एक निजी एंबुलेंस में बैठाकर किसी अन्य अस्पताल में प्रसव कराने के लिए ले गए। एंबुलेंस चालक ने भी पीपीई किट नहीं पहनी थी। गर्भवती और एंबुलेंस चालक की लापरवाही से प्रसव कराने वाले अस्पताल में कोरोना महामारी फैलने की आशंका है।
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सीएमएस रामनिवास ने इस संबंध में डीएम, एसपी, सीएमओ और कोविड-19 नोडल अधिकारी को पत्र लिखा। इसके बाद अमरोहा देहात थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। एसओ अरिहंत कुमार ने बताया कि सीएमएस की तहरीर पर गर्भवती महिला और एंबुलेंस चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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डाक से भेजी गई थी तहरीर
अमरोहा। कोरोना संक्रमित गर्भवती के मामले में दस दिन बाद रिपोर्ट दर्ज किया गया। चौबीस अगस्त को गर्भवती के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद परिजन उसे निजी एंबुलेंस से लेकर चले गए थे। सीएमएस डा. रामनिवास के मुताबिक चौबीस अगस्त को ही उन्होंने डाक से देहात थाने को तहरीर भेज दी थी। वहीं देहात थाना प्रभारी का कहना है कि डाक दो सितंबर को मिला। इसके बाद रिपोर्ट किया गया
सरकारी एंबुलेंस से उतार बैठा दिया था निजी एंबुलेंस में
अमरोहा। गर्भवती महिला के कोरोना पॉजिटिव होने पर उसे सरकारी एंबुलेंस में बैठा गया था। लेकिन परिजनों ने अपनी स्वैच्छा से सरकारी एंबुलेंस से उतारकर उसे निजी एंबुलेंस में बैठा दिया। इसके बाद परिजन उसे लेकर निजी अस्पताल में चले गए। ऐसे में सीएमएस ने प्रसव कराने वाले निजी अस्पताल में कोरोना फैलने की आशंका जताई।